Benefits of Guava Leaves: अमरूद अपने कुरकुरे और मीठे स्वाद के कारण सबका पसंदीदा फल है। अद्भुत स्वास्थ्य गुणों से भरपूर होने के कारण वैज्ञानिकों ने इसे सुपर फ्रूट का दर्जा भी दिया है। सिर्फ फल ही नहीं, हमारे स्वास्थ्य के अमरूद के पत्ते भी फायदेमंद हैं। इनमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण स्वास्थ्य की समस्याओं को दूर करने में सहायक हैं। इनका उपयोग आयुर्वेद में कई तरह की औषधियां बनाने में किया जाता रहा है। खासतौर पर इसकी ताजी पत्तियों का काढ़ा या चाय तो सेहत के लिए रामबाण दवा है। जबकि कई बीमारियों में अमरूद के पत्तों का लेप बहुत ही फायदेमंद होता है। आजकल मौसम के बदलाव के साथ पैर पसार रही खांसी-जुकाम, वायरल, डेंगू जैसी बीमारियों के इलाज में भी अमरूद की पत्तियां काफी कारगर साबित हो रही हैं।
कैसे बनाएं काढ़ा

खांसी-जुकाम, वायरल, डेंगू जैसी बीमारियां होने पर अमरूद के पत्ते का काढ़ा फायदेमंद होता है। इसके लिए 2 गिलास पानी में 4-5 पत्ते तोड़कर डालें। धीमी आंच पर पानी आधा रह जाने तक उबालें। तैयार काढ़ा छान कर थोड़ा ठंडा करके पिया जाता है। काढ़ा बनाने के लिए अमरूद की पत्तियों को सुखा कर और पीस कर भी रख सकते हैं। उबलते पानी में पिसी पत्तियों का 1-2 चम्मच पाउडर भी डाल सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल करे कम
पत्तियों का काढ़ा पीने से ब्लड लिपिड, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल सुधारने मे मदद मिलती है। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
अमरूद की पत्तियों का काढ़ा एल्फा-ग्लूकोसाइडिस एंजाइम की क्रिया से ब्लड शूगर को कम करता है। साथ ही सुक्रोज और लैक्टोज़ के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करता हैं जिससे शूगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
वजन घटाने में मददगार

अमरूद की पत्तियां जटिल स्टार्च को शूगर में बदलने से रोकती हैं जिससे शरीर का वजन घटता है।
गठिया या जोड़ों का दर्द करे दूर
पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें। इसे थोड़ा गर्म करके प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे दर्द और शरीर में होने वाली सूजन में आराम मिलता है। जोड़ों के दर्द में अमरूद की पत्तियों का काढ़ा दिन में दो बार पाीना फायदेमंद है। यह दर्द को खींच लेता है और सूजन कम करता है।
डेंगू बुखार में असरदार
अमरूद के पत्तों का काढ़ा डेंगू, चिकनुनिया जैसे बुखार में पत्तों का काढ़ा पीना फादेमंद है। इसके पत्तों का अर्क और अमरूद का जूस ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या में बढ़ोतरी करने में सहायक है। एक छोटा गिलास रोगी को दो-तीन बार दिया जा सकता है।
खांसी में दे आराम

बदलते मौसम में बैैक्टीरिया संक्रमण से होने वाले खांसी-जुकाम या गले में दर्द जैसी समस्याएं होने पर अमरूद में काढ़े में चुटकी भर नमक डालकर पिएं।
दांत दर्द में उपयोगी
इसकी पत्तियों को उबाल कर गरारे करने से दांत दर्द में आराम मिलता है। इनमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल तत्व दांतों और मसूड़ों की रक्षा करते हैं।
मौखिक स्वास्थ्य में मददगार
अमरूद के पत्तों में एंटी ऑक्सीडेंट, एनाल्जेसिक और एंटीबॉयोटिक गुण गम की सूजन को कम करते है। पत्तों के उबले पानी में थोड़ा नमक मिलाकर गरारे करने से मुंह से आने वाली दुर्गन्ध को दूर करती है।
माइग्रेन में फायदेमंद

आधे सिर में दर्द होने पर ताजे हरे पत्तों को पीसकर बना पेस्ट लगाने से आराम मिलता है।
डायरिया और पेचिश में राहत
डायरिया होने पर अमरूद की 5-7 पत्तियां और एक मुट्ठी चावल के पाउडर को दो गिलास पानी में उबालें। और इस पानी को छानकर दिन में दो बार पिएं। वहीं पेचिश के लिए अमरूद के पत्ते और जड़ को 20 मिनट उबाले और छान कर दिन में दो बार पीएं।
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
अमरूद की चाय पाचन एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। एंटी बैक्टीरियल एजेंट होने के कारण पेट में हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने और विषाक्त एंजाइमों को बढ़ने से रोकता है। फूड पॉयजनिंग, उल्टी या घबराहट में आराम मिलता है।
स्किन एलर्जी में दे आराम

शरीर में पाचन तंत्र की गड़बड़ी होने पर वायरस से स्किन पर खुजली या दाने निकल आते हैं। अमरूद के पत्तों की चाय पीना फायदेमंद है। ताजे पत्तों को घिस कर प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली की समस्या में आराम मिलता है।
त्वचा को दे निखार
अमरूद की पत्तियां त्वचा के लिए लाभकारी सिद्ध होती हैं। टेन हुई स्किन पर अमरूद के पत्तों, धनिया और हल्दी का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह मलने से आराम मिलता है। ताजा फल खाने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है जो उम्र बढ़ने के साथ झुर्रियों के असर को कम करता है। इसके पत्तों के काढ़े से मुंह धोने से त्वचा टोन होती है और कसाव आता है। एंटी सेप्टिक गुणों से भरपूर अमरूद की हरी पत्तियों का पेस्ट पिंपल्स पर नियमित रूप से लगाना फायदेमंद है।
स्वस्थ बालों के विकास में मददगार
अमरूद बालों के स्वस्थ विकास में सहायक है। यह बाल झड़ने की समस्या को भी कम करता है। इसके लिए अमरूद की पत्तियों के काढ़े को सप्ताह में दो-तीन बार बालों पर अच्छी तरह लगाएं और स्कैल्प की मसाज करें। दो घंटे बाद सिर गुनगुने पानी से सिर धो लें। डैंड्रफ होने पर अमरूद के पत्तों के पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर बना गाढ़ा पेस्ट स्कैल्प पर आधे घंटे तक लगाएं। फिर बाल धो लें। सिर में जूएं हो तो अमरूद के पत्तों के पेस्ट में थोड़ी-सी हल्दी मिलाकर लगाना फायदेमंद है।
( डॉ पूर्णिमा सिद्धांत, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट, दिल्ली)
