काफी पुराने समय से ही तांबे के पानी को पीने की सलाह दी जाती रही है। दादी-नानी के जमाने से ही तांबे के बर्तन में पानी पीने की एक आदत चली आ रही है। शायद आप ये बात ना जानते हों कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से सेहत को कई लाभ मिलते हैं। तांबे के बर्तन में पानी को रखकर शुद्ध करने की एक प्राचीन प्रथा है, जो प्राचीन काल से ही चली आ रही है।
आयुर्वेद में भी तांबे के बर्तन में पानी पीने को फायदेमंद बताया गया है। आयुर्वेद के मुताबिक रोजाना रात को तांबे के बर्तन में पानी को भरकर सुबह ही उसका सेवन करना चाहिए। इससे सेहत को कई लाभ मिलते हैं। ये आपके शरीर के पीएच बैलेंस को बनाए रखता है। आपको बता दें कि कॉपर को एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-कार्सिनोजेनिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है।
ये नए सेल्स को बनने में मदद करता है, साथ ही इससे मोग्लोबिन के निर्माण में भी मदद मिलती है। तांबे के बर्तन में रखे पानी को ताम्र जल कहते हैं।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ दीक्सा भावसार ने इंस्टाग्राम पर तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदों के बारे में विस्तार से बताया है। आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट की राय।
आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन वाले पानी के गुण
- आयुर्वेद के मुताबिक तांबे के बर्तन में रखे पानी में कुछ गुण होते हैं, जैसे-
- उष्णा – गर्म स्वभाव
- रस – मीठा और थोड़ा तीखा
एजिंग को कम करने में मददगार

आपको जानकर शायद हैरानी हो सकती है, लेकिन तांबे के बर्तन में पानी पीने से बढ़ती उम्र के लक्षणों में कमी आती है और एजिंग का प्रोसेस धीमा होता है। कॉपर में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं। इसके सेवन से मेलेनिन का उत्पादन बढ़ता है, जो आपकी खूबसूरती को बनाए रखने में मदद करता है।
अर्थराइटिस और सूजन वाले जोड़ों के दर्द

जिन लोगों को अर्थराइटिस और सूजन वाले जोड़ों के दर्द की समस्या रहती है, उनके लिए ये पानी वरदान साबित हो सकता है। दरअसल इसमें प्लैकेटिंग गुण होता है, जो गठिया जैसी बीमारी में होने वाले दर्द से बचाव करता है।
एनीमिया से दिलाए राहत
कॉपर के अंदर कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। तांबे के पानी का सेवन करने से एनीमिया का जोखिम कम होता है। ये हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है। कॉपर बॉडी में आयरन के अवशोषण में सहायता करता है।
घावों को तेजी से भरता है

एक्सपर्ट बताती हैं कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से घावों को तेजी से भरने में भी मदद मिलती है। इसके औषधीय गुण सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं।
तांबे के बर्तनों के इस्तेमाल के जरूरी नियम

- तांबे के बर्तन में पानी को करीब 7 से 8 घंटे के लिए बर्तन में छोड़ दें। तभी इसके अंदर तांबे के सारे गुण समाहित होंगे।
- इस पानी को हमेशा खाली पेट पीना चाहिए। इसे कभी भी एक सांस में ना पिएं।
- तांबे के पानी की तासीर गर्म होती है, ऐसे में एसिडिटी के मरीज इसका सेवन ना करें।
