Copper a divine metal
Copper a divine metal

Overview:क्यों तांबे को माना जाता है दिव्य और शुभ-जानिए इसके अद्भुत धार्मिक और आयुर्वेदिक कारण

तांबा भारतीय संस्कृति में एक दिव्य और शुभ धातु माना जाता है। यह पूजा, आयुर्वेद और ज्योतिष—तीनों में खास महत्व रखता है। तांबे के बर्तनों में रखा जल शरीर को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा देता है। आयुर्वेद के अनुसार यह सेहत सुधारता है, जबकि ज्योतिष में इसे शुभ ग्रह शुक्र से जोड़ा गया है। इसलिए तांबा आस्था, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

Copper Divine Benefits: तांबा, ‘Copper’ , भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत पवित्र और दिव्य धातु माना जाता है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठानों में ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद और ज्योतिष में भी अपनी विशेष जगह रखता है। पूजा में तांबे के बर्तन, जैसे कलश और लोटा, जल रखने और अर्पित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि तांबे से जल में सकारात्मक ऊर्जा भर जाती है, जिससे शुद्धता और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।

आयुर्वेद में भी तांबा बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से शरीर के वात, पित्त और कफ दोष संतुलित रहते हैं। यह पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को संतुलित करने में मदद करता है। तांबा शरीर में सूक्ष्म मात्रा में आवश्यक तत्व भी प्रदान करता है, जो स्वस्थ जीवन के लिए लाभकारी हैं।

ज्योतिष शास्त्र में तांबा शुक्र ग्रह से जुड़ा माना जाता है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य और समृद्धि का प्रतीक है, और तांबे के बर्तनों का उपयोग जीवन में सुख और शुभता लाता है। इसके अलावा, तांबे के लाल रंग और इसकी चमक पूजा स्थल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इस प्रकार, तांबा धार्मिक, स्वास्थ्य और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक दिव्य धातु है।

तांबा और धार्मिक अनुष्ठान:

It is widely used in temples and rituals for its purity.
Copper is believed to carry divine energy in Hindu traditions.

भारतीय पूजा पद्धतियों में तांबे के बर्तनों का विशेष स्थान है। विशेष रूप से सुबह के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग किया जाता है। यह माना जाता है कि तांबा सूर्य और मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ है, और इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाकुंभ 2025 में तांबे और पीतल के लोटों का उपयोग करके इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।

आयुर्वेद में तांबे का महत्व:

In Ayurveda, copper water balances the body’s three doshas.
Copper utensils are said to attract positive cosmic vibrations.

आयुर्वेद में तांबे के बर्तनों में जल रखने से शरीर के तीन दोष—वात, पित्त और कफ—संतुलित होते हैं। रातभर तांबे के बर्तन में रखा जल सुबह पीने से पाचन क्रिया में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि और मेटाबोलिज्म में सुधार होता है। यह पानी शरीर को तांबे के छोटे-छोटे तत्व देता है, जो शरीर की कोशिकाओं के लिए जरूरी और फायदेमंद हैं I

ज्योतिष शास्त्र में तांबे की भूमिका:

Astrologically, copper is linked to planet Venus, the planet of beauty and fortune.
The metal symbolizes health, purity, and prosperity.

ज्योतिष शास्त्र में तांबा शुक्र ग्रह से संबंधित है, जो प्रेम, समृद्धि और सौंदर्य का प्रतीक है। तांबे के बर्तनों का उपयोग करने से शुक्र ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो जीवन में सुख और समृद्धि लाती है। इसलिए, तांबे को एक शुभ और लाभकारी धातु माना जाता है।

तांबे के बर्तनों का धार्मिक प्रतीकवाद:

Its reddish glow represents life energy and spiritual warmth.
A copper Kalash is an essential part of every Hindu puja.

पुराणों में तांबे के बर्तनों को पवित्र माना गया है। ये बर्तन देवी-देवताओं को जल अर्पित करने, पूजा सामग्री रखने और तर्पण करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। तांबे का लाल रंग जीवन शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है, और यह बर्तन पूजा स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

तांबे के बर्तनों की देखभाल और उपयोग:

तांबे के बर्तनों को नियमित रूप से साफ करना आवश्यक है, क्योंकि यह धातु जंग लगने की प्रवृत्ति रखती है। उन्हें रगड़कर या नींबू और नमक से साफ किया जा सकता है। इन बर्तनों का उपयोग न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी किया जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

तांबा एक ऐसी धातु है, जो धार्मिक, आयुर्वेदिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके उपयोग से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। इसलिए, तांबे को एक दिव्य धातु मानते हुए इसके उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

मेरा नाम दिव्या गोयल है। मैंने अर्थशास्त्र (Economics) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से हूं। लेखन मेरे लिए सिर्फ एक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज से संवाद का एक ज़रिया है।मुझे महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक...