Woman taking pills
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Summary : एक साथ कई गोलियां फांकना हो सकता है जानलेवा

गलत दवाइयों का मेल असर कम कर सकता है, कई गुना बढ़ा सकता है या ऐसे साइड इफेक्ट ला सकता है जिनकी उम्मीद भी न हो।

Two Medicines Together: दवाइयां हमारी तबीयत को ठीक करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन अगर इन्हें गलत तरीके से लिया जाए तो ये नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। जब एक दवा, दूसरी दवा के असर को बदल देती है, तो उसे ड्रग इंट्रैक्शन कहा जाता है। कभी इसका नतीजा यह होता है कि दवा का असर कम हो जाता है, कभी बहुत बढ़ जाता है। कभी ऐसे साइड इफेक्ट सामने आते हैं जिनकी आशंका भी नहीं होती। और यह सिर्फ डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं तक सीमित नहीं है… हर्बल उपचार और ग्रेपफ्रूट का जूस भी दवाओं के असर में दखल डाल सकते हैं।

  • ब्लड थिनर (जैसे वारफेरिन): ये दवाएं खुद में खतरनाक रक्त के थक्कों को रोकती हैं। लेकिन अगर साथ में आर्थराइटिस के लिए इबुप्रोफेन ली जाए, तो खून बहने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • एंटीबायोटिक्स + गर्भनिरोधक गोलियां: कई बार एंटीबायोटिक्स, बर्थ कंट्रोल पिल्स के असर को खत्म कर देती हैं।
  • कफ सिरप + एंटीडिप्रेसेंट: इन दोनों को एक साथ लेने से चक्कर आना, उनींदापन या दोनों लक्षण हो सकते हैं।
Woman showing pills
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सभी दवाएं शरीर में एक जैसी प्रक्रिया से गुजरती हैं। पहले अवशोषित होती हैं, फिर लीवर में मेटाबोलाइज होती हैं, फिर शरीर में फैलती हैं और अंत में बाहर निकल जाती हैं। अगर दो दवाएं एक ही रास्ता चुनती हैं, तो वे एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। कभी वे एक-दूसरे के जरूरी एंजाइम को रोक देती हैं, जिससे दवा खून में जमा हो जाती है और साइड इफेक्ट कई गुना बढ़ जाते हैं। कभी एक दवा दूसरी की मेटाबोलिज्म प्रक्रिया को तेज़ कर देती है, जिससे दूसरी दवा का असर बहुत कमजोर हो जाता है और कोई फायदा नहीं होता।

बुज़ुर्ग लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं, क्योंकि वे अक्सर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या आर्थराइटिस जैसी बीमारियों के लिए कई दवाएं एक साथ लेते हैं। लेकिन बाकी लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। जीवनशैली की आदतें, जैसे शराब पीना, अधिक कैफीन लेना या लोकप्रिय हर्बल सप्लीमेंट्स लेना भी दवाओं के असर को बिगाड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, ग्रेपफ्रूट जूस हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की कुछ दवाओं के स्तर को इतना बढ़ा देता है कि वे ज़हरीले साबित हो सकते हैं।

अच्छी खबर यह है कि ज्यादातर ड्रग इंटरैक्शन से बचा जा सकता है।

  • हमेशा डॉक्टर को बताइए कि आप कौन-सी दवाएं ले रहे हैं, चाहे वह सप्लीमेंट ही क्यों न हो। कोशिश करें कि सभी दवाएं एक ही फार्मेसी से लें, ताकि फार्मासिस्ट रिकॉर्ड रख सके और टकराव वाली दवाओं को पहचान सके। दवा के लेबल ध्यान से पढ़ें, खासकर उन पर दिए गए फूड और अल्कोहल के चेतावनी संदेश। सबसे जरूरी… अगर आप पहले से ही प्रिस्क्राइब्ड दवाएं ले रहे हैं तो खुद से कोई नई दवा लेना शुरू न करें।

दवाएं हमारी सेहत के लिए बहुत अहम हैं, लेकिन वे हमेशा एक-दूसरे के साथ तालमेल नहीं बैठातीं। बिना सलाह के दो दवाओं को मिलाना कई बार फ़ायदेमंद के बजाय ज़्यादा खतरनाक हो सकता है। सबसे सुरक्षित तरीका डरना नहीं, बल्कि जानकारी और खुलापन अपनाना है। अपने डॉक्टर को पूरी जानकारी दें और यह कभी न भूलें कि छोटे-छोटे एडिशन (जैसे सप्लीमेंट्स या पेनकिलर) भी बड़े फर्क डाल सकते हैं।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...