Joint Pain Exercise: मौसम बदल रहा है और थोड़े ही दिनों में ठीक-ठाक ठंड शुरू हो जाएगी। इन दिनों बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है, ऐसे में आपका फर्ज बनता है कि आप अपने घर के बुजुर्गों को व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें।
दीवाली के बाद हल्की गुलाबी ठंड दस्तक देने लगेगी। हालांकि ये मौसम बेहद खुशनुमा और आरामदायक होता है। लेकिन जिन लोगों के घुटने और जोड़ों में दर्द रहता है उनके लिए ये मौसम बेहद कष्टकारी हो जाता है। जोड़ों के दर्द की वजह से उठने-बैठने और चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। साथ ही कई बार अकडऩ और सूजन का भी सामना करना पड़ सकता है। ये समस्या अक्सर 45 की उम्र के बाद शुरू होती है लेकिन आजकल ज्वॉइंट्स पेन की समस्या बच्चों में भी आम हो गई है। यदि आप सर्दियां आने से पहले कुछ सिंपल सी एक्सरसाइज करना शुरू कर दें तो जोड़ों के दर्द से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। साथ ही सर्दियों से पहले आपकी बॉडी फिट और तंदरुस्त भी हो जाएगी। तो चलिए जानते हैं कौन सी एक्सरसाइज अधिक उम्र के व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं।
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साइकलिंग
साइकलिंग करना न केवल सर्दियों के दौरान आपके दिन की शुरुआत करने का एक शानदार तरीका है, बल्कि ये फिट रहने का भी एक बेहतरीन उपाय हो सकता है। प्रतिदिन 30 मिनट साइकलिंग करके आप जोड़ों के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। साइकलिंग करने से पूरे शरीर की मांसपेशियां काम करती हैं जिससे उनकी फ्लेक्सिबिलिटी बरकरार रहती है। साथ ही नियमित रूप से साइकलिंग करने से आपका वजन भी नियंत्रित रह सकता है।
ब्रिस्क वॉकिंग
40 की उम्र के बाद वॉकिंग करना एक्सरसाइज करने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। वॉक करना कम प्रभावशाली तरीका लग सकता है लेकिन इसके कई लॉन्ग टर्म हेल्थ बेनिफिट्स हो सकते हैं। चलते समय जोड़ों का मूवमेंट ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करता है जिससे वे अधिक चिकने और स्मूथ हो जाते हैं। वॉकिंग कार्डियो एक्सरसाइज का ही एक रूप है जिसके माध्यम से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। इसके अलावा चलने से जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है।
स्ट्रेचिंग
स्ट्रेचिंग एक अंडररेटेड एक्टिविटी है लेकिन ये जोड़ों के दर्द में राहत दे सकती है। स्ट्रेचिंग आपके शरीर की प्रत्येक मांसपेशियों को एक्टिव कर सकती है साथ ही ओवरऑल हेल्थ को मेंटेन करने में मदद करती है। हालांकि अधिक उम्र में स्ट्रेचिंग करना थोड़ा मुश्किल टास्क होता है लेकिन यदि सावधानीपूर्वक किया जाए तो ये बेस्ट एक्सरसाइज हो सकती है। स्ट्रेचिंग करने से पहले वॉर्मअप करना न भूलें। इस एक्सरसाइज का अभ्यास करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें। साथ ही किसी एक्सपर्ट द्वारा स्टेप्स सीखें।
चेयर एक्सरसाइज
जिन लोगों को जोड़ों में दर्द रहता है उन्हें सर्दियों के दिनों में जमीन में बैठने और चलने में समस्या आ सकती है। ऐसे में आप चेयर एक्सरसाइज कर जोड़ों के दर्द से राहत पा सकते हैं। ये एक प्रकार की मोबेलिटी एक्सरसाइज है जिससे मांसपेशियों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। चेयर एक्सरसाइज को आप आसानी से घर में ही कर सकते हैं। लेकिन एक्सरसाइज करने से पहले चिकित्सक से अवश्य सलाह कर लें।
लेग रेज (पैर उठाना)
लेग रेज एक्सरसाइज जांघों और घुटनों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए कुर्सी पर बैठें और एक पैर को सीधा करके ऊपर उठाएं। इसे 10-15 सेकंड तक रोकें और फिर नीचे करें। दूसरे पैर के साथ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। यह व्यायाम जोड़ों की गति को बढ़ाता है और घुटनों के दर्द को कम करने में सहायक है।
हाथों और कलाई की एक्सरसाइज
हाथों और कलाई में अकडऩ सर्दियों में अधिक हो जाती है। इसके लिए, हाथों को सीधा करके मुी बांधें और फिर खोलें। इस प्रक्रिया को 15-20 बार दोहराएं। इसके अलावा, कलाई को गोल घुमाना भी कारगर होता है। यह एक्सरसाइज हाथों और कलाई के जोड़ों की लचक को बढ़ाने और दर्द को कम करने में सहायक है।
सीढिय़ों पर चढऩा-उतरना
इस उम्र में सीढियां चढऩा थोड़ा मुश्किल होता लेकिन यह व्यायाम घुटनों और पैरों के जोड़ों के लिए लाभदायक होता है। इस व्यायाम से जोड़ों को मजबूती मिलती है और हड्डियों की सहनशीलता बढ़ती है। दिन में कुछ समय सीढिय़ों का उपयोग करने से सर्दियों में जोड़ों की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
कैट-काउ स्ट्रेच
यह योगासन पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी के जोड़ों के लिए बेहद प्रभावी है। चारों हाथ-पैरों के सहारे जमीन पर बैठें। सांस लेते हुए पीठ को अंदर की ओर और गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं (कैट पोजिशन), फिर सांस छोड़ते हुए पीठ को बाहर की ओर गोल करें और गर्दन को नीचे लाएं (काउ पोजिशन)। इसे 10 बार दोहराएं। यह व्यायाम रीढ़ की लचक बढ़ाने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
हिप ब्रिज
हिप ब्रिज एक्सरसाइज हिप्स और रीढ़ के निचले हिस्से के लिए फायदेमंद होती है। जमीन पर लेटकर अपने पैरों को मोड़ें और कूल्हों को ऊपर उठाएं। इस स्थिति को 10-15 सेकंड तक रोकें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं। यह एक्सरसाइज निचले शरीर के जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करती है।
सर्दियां में इन बातों का रखें ध्यान
- सर्दियां के दिनों में खुद को हमेशा एक्टिव रखें।
- हल्की एक्सरसाइज करते रहें।
- मांसपेशियों की सूजन को कम करने के लिए गर्म पानी की सेंक लें।
- शरीर को हाइड्रेटिड रखें।
- रात में पर्याप्त नींद लें।
- हेल्दी और न्यूट्रिशियस डाइट लें।
एंकल रोटेशन (टखनों की घुमाव)
टखनों का दर्द भी बुजुर्गों में आम समस्या होती है, और एंकल रोटेशन इसे कम करने का प्रभावी उपाय है। कुर्सी पर बैठकर एक पैर को उठाएं और टखने को गोल घुमाएं। इस प्रक्रिया को 10 बार घड़ी की दिशा में और 10 बार घड़ी के विपरीत दिशा में करें। यह एक्सरसाइज टखनों की लचक और जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाती है।
