woman doing yoga near glass door sitting on the floor
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Summary: हार्टअटैक के खतरे से बचाव के लिए नियमित करें ये योगासन, हृदय रहेगा सेहतमंद

भागदौड़ और तनाव भरी ज़िंदगी में हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, खासकर कम उम्र के लोगों में। प्राणायाम, वीरभद्रासन, धनुरासन जैसे योगासन अपनाकर दिल को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।

Yoga for Heart Health: आजकल हार्ट अटैक आना बहुत आम सी समस्या हो गई है। आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में और टेंशन भरी जिंदगी में लोगों को हार्ट की बीमारी बहुत ही ज्यादा रहती है। 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों को हार्ट अटैक की समस्या होने लगी है। हालांकि जो लोग जिम जाते हैं उन्हें अपनी फिटनेस पर भी ध्यान देना चाइये। इसके बावजूद भी उन्हें दिल का दौरा पड़ जाता है। सबसे जरूरी होता है हमें दिल का ख्याल रखना उसके लिए व्यायाम करना बहुत ही जरूरी होता है। इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आइए आपको बताते हैं हार्ट अटैक से बचने के लिए नियमित तौर पर कौन से योगासन करने चाहिए।

प्राणायाम

A woman in white clothing sitting in a meditative posture, practicing pranayama with eyes closed in a calm setting.
A woman in white clothing sitting in a meditative posture, practicing pranayama with eyes closed in a calm setting.

प्राणायाम का अभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए ही लाभकारी होता है। हृदय रोग का मुख्य कारक होता है उच्च रक्तचाप जिसे कम करने के लिए योगासन किया जाता है। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर हो जाता है। इसी के साथ हृदय में बनने वाले किसी भी अधिक दबाव को प्राणायाम योगासन से कम किया जा सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम में भस्त्रिका कपालभाति और अनुलोम विलोम की आदत डालनी चाहिए।

वीरभद्रासन

A woman performing Virabhadrasana (Warrior Pose) outdoors against a clear sky, with arms raised and body in a strong, balanced stance.
A woman performing Virabhadrasana (Warrior Pose) outdoors against a clear sky

वीरभद्रासन योग बहुत सारी बीमारियों के लिए फायदेमंद होते हैं। शरीर के संतुलन में सुधार और सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए नियमित तौर पर इसका अभ्यास करना चाहिए। वीरभद्रासन रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और तनाव को भी कम करता है।

धनुरासन

A woman performing dhanurasan (Bow Pose) outdoors against a building
A woman performing dhanurasan (Bow Pose)

दिल की सेहत के लिए धनुरासन का अभ्यास बहुत ही जरूरी होता है। इसे दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के साथ यह हृदय पर अतिरिक्त पड़ने वाला दबाव कम होता है। इसी के साथ रक्त संचार में सुधार और रक्त परिसंचरण बेहतर काम करना शुरू करता है। सभी उम्र के लोग नियमित तौर पर धनुरासन योग कर सकते हैं।

त्रिकोणासन

A woman performing Trikonasan (Triangle Pose)
A woman performing Trikonasan (Triangle Pose)

त्रिकोणासन स्ट्रेस टेंशन और डिप्रेशन को कम करने में काफी मददगार होता है। यह आसन सभी मानसिक समस्याएं जो दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण मानी जाती है उनसे छुटकारा दिलाता है, जिससे दिल की समस्याएं बहुत कम हो सकती हैं।

ताड़ासन

A woman performing Tadasan (Mountain Pose)
A woman performing Tadasan (Mountain Pose)

इस आसन के अनुसार ना केवल मांसपेशियां मजबूत होती है बल्कि शरीर के पोस्चर को भी सुधारने में मदद करता है। यह आसन शरीर के दर्द को भी दूर करता है और सीने की मांसपेशियों में खिंचाव लाकर हार्ट पेशेंट की रक्त संचार प्रणाली को बेहतर बना सकता है। ताड़ासन नियमित रूप से अगर किया जाए तो दिल की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।

 वृक्षासन

A woman performing vrikshasana (Tree Pose)
A woman performing vrikshasana (Tree Pose)

वृक्षासन करने से शरीर में स्थिरता संतुलन और सहनशक्ति की बढ़ोतरी होती है जो शरीर के साथ सीने की मांसपेशियों को भी स्ट्रेच देता है, जिसे दिल के स्वास्थ्य में बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं।

दिल की बीमारियों के लिए योगासन करना बहुत ही जरूरी होता है इसीलिए इस आर्टिकल को बिल्कुल भी मिस न करें और यह आसन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अंजली मृणाल एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिनके पास ब्लॉग, आर्टिकल्स और समाचार लेखन में 7 वर्षों का गहरा अनुभव है। उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। बीते 7 वर्षों में उन्होंने कई...

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