A businessman in a suit stands beside a close-up of the Jacob & Co. Opera Vantara Green Camo luxury watch, showcasing a detailed wildlife-themed miniature dial with green gemstones.
Opera Vantara Green Camo, a $1.5 million (₹12.5 crore) luxury watch by Jacob & Co., inspired by Anant Ambani’s Vantara wildlife conservation project in Jamnagar, Gujarat.

Summary: घड़ी नहीं, चलता-फिरता थिएटर: जैकब एंड कंपनी की वनतारा-प्रेरित लग्ज़री वॉच

जैकब एंड कंपनी की ‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ एक अल्ट्रा-लक्ज़री घड़ी है, जो अनंत अंबानी के वनतारा वन्यजीव संरक्षण प्रोजेक्ट को समर्पित कलात्मक श्रद्धांजलि है।

Vantara Inspired Watch: लग्ज़री घड़ियों की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाली कंपनी जैकब एंड कंपनी ने 21 जनवरी को अपनी एक बेहद खास और अनोखी टाइमपीस ‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ को पेश किया। यह घड़ी भारत में वन्यजीव संरक्षण की एक बड़ी पहल गुजरात स्थित वनतारा प्रोजेक्ट को समर्पित एक कलात्मक श्रद्धांजलि है। यह प्रोजेक्ट अनंत अंबानी की अगुवाई में चलाया जा रहा है और वन्यजीवों के संरक्षण व पुनर्वास के लिए जाना जाता है।

घड़ी नहीं, एक चलता-फिरता कला मंच

‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ की सबसे खास बात इसका डायल है, जिसे किसी छोटे थिएटर या मंच की तरह डिजाइन किया गया है। डायल के केंद्र में अनंत अंबानी की बेहद बारीकी से तैयार की गई मिनिएचर मूर्ति दिखाई देती है। उन्होंने नीली फ्लोरल शर्ट पहन रखी है और उनके आसपास वनतारा के प्रतीक के रूप में एक शेर और एक बंगाल टाइगर की सूक्ष्म लेकिन सजीव आकृतियां मौजूद हैं।

इसके अलावा, डायल में सोने से उकेरा गया एक हाथी और ‘Vantara’ नाम भी शामिल किया गया है, जो इस पूरे इकोसिस्टम और संरक्षण अभियान को दर्शाता है। हर छोटी-छोटी डिटेल हाथ से बनाई गई है, जो इस घड़ी को आम लक्ज़री वॉच से कहीं आगे ले जाती है।

Close-up of Jacob & Co. Opera Vantara Green Camo watch with miniature wildlife figures and green gemstone design.
At the center of the dial is a finely hand-painted miniature of Anant, shown wearing a blue floral shirt.

ग्रीन कैमो डिज़ाइन और कीमती रत्न

इस घड़ी को जंगल जैसा लुक देने के लिए ग्रीन कैमोफ्लाज मोटिफ अपनाया गया है। इसके केस और डायल को सजाने में कुल 397 कीमती रत्नों का इस्तेमाल किया गया है, जिनका कुल वजन 21.98 कैरेट है।

इन रत्नों में डिमेंटोइड गार्नेट, सावोराइट्स, हरे रंग के नीलम और चमकदार सफेद हीरे शामिल हैं। हरे और सफेद रंग का यह संयोजन न सिर्फ वन्यजीवों और प्रकृति की याद दिलाता है, बल्कि घड़ी को एक रॉयल और एक्सक्लूसिव पहचान भी देता है।

म्यूजिक बॉक्स और घूमता हुआ डायल

‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ जैकब एंड कंपनी की मशहूर ओपेरा कलेक्शन का हिस्सा है। इस घड़ी में एक खास म्यूजिक बॉक्स मैकेनिज्म दिया गया है। जैसे ही घड़ी में मौजूद बटन दबाया जाता है, एक मधुर धुन बजने लगती है।

इस दौरान घड़ी का पूरा डायल जिसमें अनंत अंबानी, शेर और बाघ की आकृतियां शामिल हैं, धीरे-धीरे घूमने लगता है। यह तकनीक घड़ी निर्माण की दुनिया में बेहद जटिल मानी जाती है और इसे तैयार करने में महीनों की मेहनत और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग लगती है।

कीमत जो इसे बनाती है अल्ट्रा-लक्ज़री

इस एक्सक्लूसिव घड़ी की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर बताई जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 12.5 करोड़ रुपये के आसपास होती है। यह कीमत इसे दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ कलेक्टिबल वॉचेस की श्रेणी में खड़ा करती है।

Close-up of a luxury watch bracelet with green and clear gemstones.

कैसे जन्मी यह घड़ी

जिस प्रोजेक्ट से प्रेरित होकर यह घड़ी बनाई गई है, वह वनतारा है। गुजरात के जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर फैला लगभग 3,500 एकड़ का विशाल वन्यजीव पुनर्वास और संरक्षण केंद्र।

वनतारा को मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किया था। यह केंद्र न केवल भारत, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव संरक्षण अभियानों में से एक माना जाता है। यहां 1.5 लाख से ज्यादा जानवरों की देखभाल की जाती है।

वनतारा में हाथियों के लिए विशेष अस्पताल, आधुनिक MRI और CT स्कैन सुविधाओं से लैस करीब 1 लाख वर्ग फुट में फैला एक अत्याधुनिक वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल भी मौजूद है। इसका उद्देश्य घायल, बीमार और संकटग्रस्त जानवरों को बेहतर इलाज और सुरक्षित जीवन देना है।

लक्ज़री और संरक्षण का अनोखा मेल

‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ सिर्फ एक महंगी घड़ी नहीं, बल्कि यह संदेश देती है कि लक्ज़री और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ चल सकती हैं। यह टाइमपीस दिखाती है कि जब कला, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण एक साथ आते हैं, तो नतीजा कुछ ऐसा होता है जो इतिहास में दर्ज हो जाता है।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...