Salim Came Out in Support of Rahman
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Overview: रहमान के सपोर्ट में उतरे सलीम

संगीतकार सलीम मर्चेंट ने ए.आर. रहमान के 'सांप्रदायिक' टिप्पणी वाले विवाद पर उनका समर्थन किया है। सलीम ने कहा कि यदि रहमान 'रामायण' जैसी फिल्म के लिए संगीत बना रहे हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगीत को धर्म की दीवारों में नहीं कैद किया जा सकता।

Salim Merchant and A.R. Rahman: मशहूर संगीतकार सलीम मर्चेंट ने ए.आर. रहमान के हालिया ‘सांप्रदायिक’ (Communal) बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। फिल्म ‘रामायण’ के संगीत और धर्म को लेकर चल रही बहस के बीच सलीम मर्चेंट का यह बयान काफी चर्चा में है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ए.आर. रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते ‘सांप्रदायिक’ नजरिए पर चिंता जताई थी। इसके जवाब में सलीम मर्चेंट ने कहा कि कला का कोई धर्म नहीं होता और रहमान जैसे महान कलाकार को किसी खास दायरे में बांधना गलत है।

सलीम मर्चेंट का बेबाक बयान

Salim Came Out in Support of Rahman
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सलीम मर्चेंट ने एक पॉडकास्ट के दौरान रहमान का बचाव करते हुए कहाl संगीत और कला सीमाओं और धर्मों से परे हैं। अगर ए.आर. रहमान ‘रामायण’ (नितेश तिवारी की फिल्म) के लिए संगीत कंपोज कर रहे हैं, तो मुझे इसमें कोई मुद्दा या परेशानी नजर नहीं आती। वह एक कलाकार हैं और उनकी कला सर्वोपरि है।”

रहमान का ‘सांप्रदायिक’ कमेंट क्या था

कुछ समय पहले ए.आर. रहमान ने एक बयान में कहा था कि आजकल इंडस्ट्री में काम के बजाय लोगों की पहचान और धर्म को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है, जो कि ‘सांप्रदायिक’ माहौल की ओर इशारा करता है। उन्होंने महसूस किया था कि कुछ लोग उनके काम को उनके धर्म के चश्मे से देख रहे हैं।

‘रामायण’ फिल्म और संगीत का विवाद

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ को लेकर सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने सवाल उठाए थे कि क्या ए.आर. रहमान इस महाकाव्य के साथ न्याय कर पाएंगे। सलीम मर्चेंट ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा:”रहमान ने हमेशा भारतीय संस्कृति को अपनी धुनों से सजाया है।”उन्होंने याद दिलाया कि कैसे ‘रोजा’, ‘लगान’ और ‘जोधा अकबर’ जैसे गानों में रहमान ने हर संस्कृति को खूबसूरती से पिरोया है।

कलाकारों की एकजुटता

सलीम ने यह भी साफ किया कि इंडस्ट्री में रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम कलाकार हिंदू पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्म का संगीत दे सकता है और एक हिंदू कलाकार सूफी संगीत बना सकता है—यही भारतीय सिनेमा की असली खूबसूरती है।

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मैं रिचा मिश्रा तिवारी पिछले 12 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विभिन्न न्यूज चैनल के साथ काम करने के अलावा मैंने पीआर और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट का काम भी किया है। इतने सालों में मैंने डायमंड पब्लिकेशंस/गृह लक्ष्मी, फर्स्ट...