Summary: नागौर में अनोखी शादी: किसान पिता ने बेटी को दिया ट्रैक्टर, बारातियों को बांटे हेलमेट
शादी में आए मेहमानों और बारातियों को सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए हेलमेट भी दिए गए। इस अनोखी पहल की चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है।
Tractor in Dowry: राजस्थान में एक किसान ने अपनी बेटी की शादी को केवल पारिवारिक समारोह तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक सामाजिक संदेश देने का माध्यम बना दिया। फिजूलखर्ची और दिखावे से दूर इस शादी में पिता ने बेटी को पारंपरिक घरेलू सामान की जगह खेती में काम आने वाला ट्रैक्टर भेंट किया। इतना ही नहीं, शादी में आए मेहमानों और बारातियों को सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए हेलमेट भी दिए गए। इस अनोखी पहल की चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है।
नागौर के किसान की अनोखी सोच
यह अनोखी शादी नागौर जिले में हुई। यहां के किसान हनुमान राम माली ने अपनी बेटी सरोज की शादी 9 मार्च की रात पाली जिले के अमरपुरा गांव के रहने वाले रविंद्र से की। दूल्हा भी खेती से जुड़ा हुआ है और अपने पिता के साथ खेतों में काम करता है।
शादी के मौके पर पिता ने बेटी को दहेज में ट्रैक्टर दिया। उनका मानना है कि आजकल हर घर में बर्तन, फ्रिज, टीवी या कूलर जैसे सामान पहले से मौजूद होते हैं। ऐसे में शादी में बेवजह खर्च करने से बेहतर है कि ऐसा उपहार दिया जाए जो जीवन में सचमुच काम आए।
बेटी को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश
हनुमान राम माली का कहना है कि बेटियां केवल घर तक सीमित नहीं हैं। वे चाहें तो खेती और अन्य कामों में भी बराबरी से योगदान दे सकती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने बेटी को ट्रैक्टर दिया, ताकि वह अपने नए घर में खेती के काम में सहयोग कर सके। उनका मानना है कि यह केवल दहेज नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
यह कदम इस बात का भी संदेश देता है कि बेटियों को सशक्त बनाना जरूरी है और उन्हें ऐसे साधन दिए जाने चाहिए जो उनके भविष्य को मजबूत बना सकें।
शादी में रखी खास शर्त
इस शादी की एक और खास बात थी। किसान हनुमान राम ने बारातियों के सामने एक शर्त रखी कि जो भी मेहमान दोपहिया वाहन से शादी में आएंगे, उन्हें हेलमेट पहनकर ही आना होगा। इस नियम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था। उनका कहना था कि अक्सर लोग हेलमेट पहनने में लापरवाही करते हैं, जिससे दुर्घटना होने पर जान का खतरा बढ़ जाता है।

बारातियों और वेटर्स को बांटे हेलमेट
शादी समारोह में आए मेहमानों को केवल खाना और सम्मान ही नहीं मिला, बल्कि उन्हें सुरक्षा का उपहार भी दिया गया। दुल्हन के परिवार ने 111 बारातियों के साथ-साथ समारोह में काम कर रहे वेटर्स को भी हेलमेट दिए। कुल मिलाकर लगभग 151 हेलमेट बांटे गए। दुल्हन के चाचा ने बताया कि बारात पाली जिले के अमरपुरा गांव से आई थी, जो रियां बड़ी से करीब 25 किलोमीटर दूर है। हेलमेट बांटने का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना था।
सड़क सुरक्षा का दिया संदेश
दुल्हन के भाई ने बताया कि कई बार सड़क दुर्घटनाओं में लोग सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता। अगर समाज के बड़े कार्यक्रमों में भी इस तरह का संदेश दिया जाए, तो लोगों में जागरूकता बढ़ सकती है। शादी जैसे खुशहाल मौके पर दिया गया यह संदेश लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।
पढ़े-लिखे हैं दूल्हा-दुल्हन
इस शादी की एक और खास बात यह है कि दूल्हा-दुल्हन दोनों पढ़े-लिखे हैं। दुल्हन सरोज ने एमएससी और एमएड की पढ़ाई की है, जबकि दूल्हा रविंद्र बीएससी और बीएड कर चुका है। पढ़ाई पूरी करने के बाद रविंद्र अपने पिता के साथ खेती का काम संभाल रहा है।
इलाके में हो रही जमकर सराहना
किसान हनुमान राम माली की इस पहल की पूरे इलाके में काफी तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर शादियों में इसी तरह की सोच अपनाई जाए, तो फिजूलखर्ची कम हो सकती है और समाज में सकारात्मक बदलाव भी आ सकता है। उनका यह कदम दहेज की परंपरा को एक नया और उपयोगी रूप देने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी लोगों को जागरूक करता है।

