Summary: महिला कर्मचारियों के लिए खास सुविधा, मुंबई में लागू हुआ ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ नियम
मुंबई में महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की गई है, जिसे ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ नियम कहा जा रहा है। जिससे महिलाओं को फायदा मिलेगा।
Come Early-Go Early Rule: महिलाओं पर सिर्फ बाहर की जिम्मेदारी ही नहीं होती, बल्कि उन्हें घर के काम, बच्चों और परिवार की देखभाल भी करनी पड़ती है। इसके साथ ही वे अपने ऑफिस की जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। ऐसे में अगर सरकार की ओर से कोई ऐसा नियम लागू किया जाए, जिससे महिलाएं अपने काम और घर दोनों को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। मुंबई में ऐसा ही एक कदम उठाया गया है, जहां उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा की घोषणा की गई है, जिससे महिला कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस नियम के तहत महिलाएं जल्दी ऑफिस आकर अपना काम समय से पहले पूरा कर सकती हैं और तय समय से पहले घर भी जा सकती हैं। आइए जानते हैं आखिर यह नियम क्या है और इसकी खासियत क्या है।
क्या है कम अर्ली–गो अर्ली नियम
‘कम अर्ली–गो अर्ली’ व्यवस्था के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र की महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच ऑफिस आकर अपना काम शुरू कर सकती हैं। अगर वे तय समय से पहले काम शुरू करती हैं, तो उन्हें उतने ही मिनट शाम को पहले घर जाने की अनुमति भी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी 9:15 बजे काम शुरू करती है, तो वह शाम को 30 मिनट पहले ऑफिस से निकल सकती है, जबकि 9:30 बजे आने पर 15 मिनट पहले जाने की छूट मिलेगी। इस तरह उन्हें अधिकतम 30 मिनट तक की सुविधा मिल सकती है, जिससे पीक टाइम की भीड़भाड़ में यात्रा की परेशानी कम होगी और महिला कर्मचारियों को आने-जाने में राहत मिल सकेगी।
मैटरनिटी लीव की सुविधा में बदलाव
महिला सरकारी कर्मचारियों को 180 दिनों यानी करीब 6 महीने की मातृत्व छुट्टी दी जाएगी, ताकि वे बच्चे के जन्म के बाद आराम से उसकी देखभाल कर सकें। इसके बाद भी अगर उन्हें ज्यादा समय की जरूरत हो, तो वे बिना किसी मेडिकल सर्टिफिकेट के अधिकतम एक साल तक आधे वेतन पर छुट्टी ले सकती हैं। इसके साथ ही राज्य में महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए चौथी महिला नीति भी लागू की गई है। इस नीति को सही तरीके से लागू करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई है, जो इसके कामकाज पर नजर रखेगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले स्कीम्स

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। ‘लाडकी बहिण’, ‘नमो महिला सशक्तिकरण’, ‘लेक लाडकी’, ‘अन्नपूर्णा’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक मदद और अवसर दिए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए सामान को बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘उमेद मॉल’, ‘उमेद मार्ट’ और ‘महालक्ष्मी सरस’ जैसे प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं। इन उत्पादों को ऑनलाइन माध्यम से भी बेचा जा रहा है, जिससे महिलाओं को अपनी कमाई बढ़ाने का मौका मिल रहा है।
महिलाओं के लिए स्टेशन पर बढ़ेंगी सुविधाएं
आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है। राज्य के 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट रेलवे स्टेशन और बोरीवली रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर साइबर अपराध रोकने के लिए खास व्यवस्था की गई है।

