'Homebound' Misses Oscar Nominations
'Homebound' Misses Oscar Nominations

Overview: होमबाउंड'! ऑस्कर नॉमिनेशन में नहीं मिली जगह

98वें ऑस्कर में भारत की आधिकारिक फिल्म 'होमबाउंड' सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म की रेस से बाहर हो गई है। फिल्म शॉर्टलिस्ट हुई 15 फिल्मों में शामिल थी, लेकिन अंतिम 5 में जगह नहीं बना सकी। नीरज घायवान के निर्देशन में बनी यह फिल्म अब ऑस्कर की दौड़ से पूरी तरह बाहर है।

Homebound Out of Oscars 2026: 98वें अकादमी पुरस्कार (Oscars 2026) के नॉमिनेशन की घोषणा के साथ ही भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक निराशाजनक खबर आई है। भारत की आधिकारिक प्रविष्टि ‘होमबाउंड‘ बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की दौड़ से बाहर हो गई है।गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को लॉस एंजिल्स में ऑस्कर नॉमिनेशन की घोषणा की गई। भारत की ओर से भेजी गई फिल्म ‘होमबाउंड’, जो कि टॉप-15 शॉर्टलिस्ट में शामिल होकर उम्मीदें जगा चुकी थी, अंतिम 5 नामांकित फिल्मों की सूची में अपनी जगह बनाने में असफल रही।

शॉर्टलिस्ट तक पहुँची, लेकिन फाइनल रेस में चूकी

नीरज घायवान द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने शुरुआती दौर में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। दुनिया भर की 89 फिल्मों में से ‘होमबाउंड‘ ने 15 फिल्मों की ‘शॉर्टलिस्ट’ में जगह बनाई थी। अंतिम चयन में अकादमी के सदस्यों ने 5 अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण भारत का इस साल का ऑस्कर सपना टूट गया।

इन 5 फिल्मों ने बनाई फाइनल नॉमिनेशन में जगह

‘होमबाउंड’ को जिन फिल्मों से कड़ी टक्कर मिली और जो अब ऑस्कर ट्रॉफी की दौड़ में हैं, वे हैं:

The Secret Agent (ब्राजील)

It Was Just An Accident (फ्रांस)

Sentimental Value (नॉर्वे)

Sirat (स्पेन)

The Voice Of Hind Rajab (ट्यूनीशिया)

'Homebound' Misses Oscar Nominations
‘Homebound’ Misses Oscar Nominations

क्या है ‘होमबाउंड’ की कहानी?

यह फिल्म अपनी गहरी संवेदनशीलता और सामाजिक मुद्दों के लिए चर्चा में रही है। फिल्म दो दोस्तों, शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा) की कहानी है, जो पुलिस बल में शामिल होने का सपना देखते हैं। फिल्म में जाह्नवी कपूर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस फिल्म को करण जौहर ने प्रोड्यूस किया है और मशहूर हॉलीवुड निर्देशक मार्टिन स्कोरसेसे इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर रहे हैं।

भारत का ऑस्कर इतिहास और सूखा

भारत के लिए ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ (पूर्व में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म) कैटेगरी में जीत हासिल करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अब तक केवल तीन भारतीय फिल्में ही फाइनल नॉमिनेशन तक पहुँच पाई हैं: ‘मदर इंडिया’ (1957), ‘सलाम बॉम्बे!’ (1988) और ‘लगान’ (2001)।पिछले कुछ सालों में ‘छेलो शो’ और अब ‘होमबाउंड’ ने शॉर्टलिस्ट तक पहुँचकर उम्मीदें तो जगाईं, लेकिन जीत की दहलीज पार नहीं कर सके।

करण जौहर और नीरज घायवान की प्रतिक्रिया

नॉमिनेशन से बाहर होने के बाद निर्माता करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें फिल्म की यात्रा पर गर्व है। निर्देशक नीरज घायवान ने भी सहयोग के लिए टीम का आभार व्यक्त किया। हालांकि फिल्म ऑस्कर की रेस से बाहर है, लेकिन कान्स और टोरंटो जैसे फिल्म फेस्टिवल्स में इसे मिली सराहना भारत के लिए गौरव की बात है।

मैं रिचा मिश्रा तिवारी पिछले 12 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विभिन्न न्यूज चैनल के साथ काम करने के अलावा मैंने पीआर और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट का काम भी किया है। इतने सालों में मैंने डायमंड पब्लिकेशंस/गृह लक्ष्मी, फर्स्ट...