Homebound Film Copyright
Homebound Film Copyright

Overview: पूजा चांगोईवाला ने धर्मा प्रोडक्शंस और नेटफ्लिक्स के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई

ऑस्कर 2026 की शॉर्टलिस्ट में शामिल ‘होमबाउंड’ अब एक बड़े कानूनी विवाद का सामना कर रही है। लेखिका पूजा चांगोईवाला ने धर्मा प्रोडक्शंस और नेटफ्लिक्स पर उनके उपन्यास से कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया है। मेकर्स जहां कहानी को एक पत्रकार लेख से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं चांगोईवाला का दावा है कि फिल्म में उनके उपन्यास की रचनात्मक संरचना को दोहराया गया है।

Homebound Film Copyright: करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म ‘होमबाउंड’ उस वक्त सुर्खियों में आई, जब इसे ऑस्कर 2026 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री के रूप में शॉर्टलिस्ट किया गया। नीरज घायवान के निर्देशन में बनी इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सराहना मिली। लेकिन अब इस सफलता के बीच फिल्म एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। जर्नलिस्ट और लेखिका पूजा चांगोईवाला ने फिल्म के मेकर्स पर कॉपीराइट उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।

ऑस्कर शॉर्टलिस्टिंग से कानूनी नोटिस तक का सफर

‘होमबाउंड’ की ऑस्कर शॉर्टलिस्टिंग को भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था। फिल्म की संवेदनशील कहानी, सशक्त अभिनय और वैश्विक अपील ने अंतरराष्ट्रीय जूरी का ध्यान खींचा। लेकिन इसी सफलता के बीच लेखक पूजा चांगोईवाला ने दावा किया कि फिल्म की कथा संरचना, पात्रों की यात्रा और कुछ अहम घटनाक्रम उनके लिखे गए काम से मिलते-जुलते हैं। शॉर्टलिस्ट होने के तुरंत बाद यह आरोप सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया।

पूजा चांगोईवाला का आरोप

पूजा चांगोईवाला का दावा है कि फिल्म ‘होमबाउंड’ ने उनके 2021 में प्रकाशित उपन्यास ‘होमबाउंड’ से गैरकानूनी रूप से सामग्री ली है। उनके अनुसार, मामला सिर्फ समान विषय या पृष्ठभूमि तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के दूसरे हिस्से में उनके उपन्यास के कई सीन, डायलॉग, नैरेटिव स्ट्रक्चर और घटनाओं का क्रम हूबहू दोहराया गया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्रेरणा नहीं, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति का सीधा उल्लंघन है।

मेकर्स की सफाई और प्रेरणा का दावा

फिल्म के निर्माताओं ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ‘होमबाउंड’ की कहानी पत्रकार बशारत पीर द्वारा 2020 में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित लेख ‘एक दोस्ती, एक महामारी और राजमार्ग के किनारे एक मौत’ से प्रेरित है। फिल्म की कहानी कोविड-19 महामारी के दौरान दो बचपन के दोस्तों के संघर्ष और राष्ट्रीय पुलिस परीक्षा पास करने की चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि, चांगोईवाला ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है।

बॉम्बे हाई कोर्ट की दहलीज पर मामला

पूजा चांगोईवाला ने पुष्टि की है कि फिल्म देखने के बाद 15 अक्टूबर को उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस को कानूनी नोटिस भेजा। इस नोटिस में सीन-दर-सीन उन बिंदुओं का जिक्र किया गया है, जिन्हें वे अपने कॉपीराइट का उल्लंघन मानती हैं। उनका कहना है कि मेकर्स ने अपने जवाब में किसी भी तरह के उल्लंघन को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद अब वह बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही हैं।

फिल्म इंडस्ट्री पर संभावित असर

यह मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे फिल्म उद्योग के लिए एक अहम उदाहरण बन सकता है। अगर अदालत में आरोप साबित होते हैं, तो यह भविष्य में फिल्मों और साहित्य के बीच प्रेरणा और नकल की सीमा को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि पर भी इसका असर पड़ सकता है, खासकर तब जब फिल्म ऑस्कर जैसी प्रतिष्ठित रेस में शामिल हो।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...