Cooking for Children: घर में महिलाओं के लिए सबसे मुश्किल टास्क होता है बच्चों के लिए खाना बनाना। घर में बच्चे पिकी-ईटर होते हैं और वे जल्दी से कुछ भी खाने के लिए हां नहीं करते हैं। अगर घर में कुछ भी बनता है तो अक्सर बच्चे उसे खाने में आना-कानी करते हैं। ऐसे में उनके लिए कुकिंग करना थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है, खासकर जब यह सुनिश्चित करने की बात आती है कि उन्हें अपने बढ़ते शरीर के लिए पोषक तत्वों का सही संतुलन मिले। पैरेंट्स के रूप में आपको बच्चों के समग्र स्वास्थ्य का ख्याल रखने और उनकी ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए उनके खान-पान का ख्याल रखना जरूरी होता है।
हो सकता है कि आप भी बच्चों के खाने को लेकर टेंशन में रहते हों, लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। जब आप उनके लिए थोड़ा स्मार्ट तरीके से कुकिंग करते हैं तो इससे बच्चे को भी खाना बेहद पसंद आता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप बच्चों के लिए बेहतर तरीके से कुक कर पाएंगे और उन्हें भी वह फूड बेहद पसंद आएगा-
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न्यूट्रिशन पर दें ध्यान

जब भी आप बच्चे के लिए खाना बनाते हैं तो आपको इस बात पर खासतौर से ध्यान देना चाहिए कि वह पोषक तत्वों से भरपूर हों। आप उनके खाने में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, साबुत अनाज और भरपूर मात्रा में फल और सब्ज़ियों को शामिल करें। ये बच्चे की ग्रोथ में मददगार साबित होते हैं। जहां तक संभव हो, बच्चे के लिए हाई शुगर, सोडियम रिच प्रोसेस्ड फूड आइटम्स और स्नैक्स से बचें, क्योंकि वे बच्चे की हेल्थ पर नेगेटिव असर डाल सकते हैं। हमेशा याद रखें कि बैलेंस फूड बच्चे की ग्रोथ से लेकर इम्यून सिस्टम और कॉग्निटिव ग्रोथ को सपोर्ट करता है।
कलरफुल हो उनका खाना
बच्चों का कलरफुल चीजें बहुत अधिक आकर्षित करती हैं, इसलिए कोशिश करें कि जब भी आप उनके लिए खाना बनाएं तो उसमें अलग-अलग रंगों के फल और सब्ज़ियों को शामिल करें। जब खाना अधिक कलरफुल होता है तो बच्चे उसे एक बार जरूर टेस्ट करना चाहते हैं, जिससे आप उन्हें नए फूड आइटम्स खिला सकते हैं और वे अपने खाने व टेस्ट बड को एक्सप्लोर कर पाते हैं। इसके अलावा, आप खाना बनाते समय उसकी शेप के साथ भी थोड़ा क्रिएटिव होने की कोशिश करें। मसलन, सैंडविच को आकार देने के लिए कुकी कटर का उपयोग करें। इसी तरह, खाने को आकर्षक बनाने के लिए उसे स्माइली चेहरों के आकार में सजाएं। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास बच्चों को हेल्दी फूड खाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
बच्चों को कुकिंग में करें शामिल

जब आप बच्चों के लिए कुकिंग कर रहे हैं तो कोशिश करें कि आप उन्हें कुकिंग प्रोसेस में शामिल करें। आप उनकी उम्र के आधार पर उन्हें काम दे सकते हैं। इससे एक साथ कई फायदे मिलते हैं। सबसे पहले तो इससे आपको किचन में हेल्प मिलती है। साथ ही साथ, आप बच्चों में अच्छे गुणों का समावेश करते हैं। इतना ही नहीं, इससे खाने के प्रति उनका इंटरस्ट बढ़ता है और वे जो तैयार करने में मदद करते हैं उसे खाने की संभावना अधिक होती है। आप बच्चे को सब्ज़ियां धोने, इंग्रीडिएंट्स को मिक्स करने या प्लेट सजाने जैसे सरल कामों में मदद करने दें। इतना ही नहीं, कुकिंग के दौरान आप उसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बताएं। मसलन, उन्हें समझाएं कि गाजर आंखों के लिए कैसे अच्छी होती है या अंडे उन्हें कैसे मज़बूत बनाने में मदद करते हैं। इससे बच्चों को हेल्दी फूड्स के प्रति पॉजिटिव रवैया अपनाने में मदद मिलती है।
मसालों को करें एडजस्ट
जब आप बच्चों के लिए खाना बनाते हैं तो आपको इस बात का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए कि मसालों को उनके अनुसार जरूर एडजस्ट करें। बच्चे आमतौर पर बहुत अधिक मिर्च-मसाले नहीं खाते हैं, इसलिए उनके खाने में बहुत अधिक तीखापन या मसालों का इस्तेमाल करने से बचें। आप चाहें तो उनके खाने को और भी ज्यादा टेस्टी बनाने के लिए तुलसी या दालचीनी जैसे हर्ब को शामिल करें। खाने के टेस्ट के अलावा आपको उसके टेक्सचर पर भी ध्यान देना चाहिए। मसलन, कई बच्चे सॉफ्ट टेक्सचर वाले फूड पसंद करते हैं। अगर बच्चे की उम्र कम है, तब भी खाने का टेक्सचर सॉफ्ट होना चाहिए। ऐसे में आप सब्ज़ियों को भाप दें या मैश करें, चावल या पास्ता को नरम होने तक पकाएं। इससे उनके लिए फूड को खाने की इच्छा कई गुना बढ़ जाती है।
एकदम से कई फूड्स ना करें शामिल

यह सच है कि बच्चों की डाइट में वैरायटी होना बेहद जरूरी है, लेकिन फिर भी उनके लिए कुकिंग करते समय आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आप एक साथ बहुत सारे फूड्स उसमें शामिल ना करें। एक बार में एक ही नए फूड को शामिल करें। जो उन्हें पहले से पसंद है, उसके साथ आप एक नई फूड आइटम को भी शामिल कर सकती है। इससे वे आसानी से उसे एन्जॉय कर पाएंगे। अगर वे पहली बार कोई नया खाना खाने से मना कर देते हैं, तो बाद में फिर से आज़माएं। हालांकि, इस दौरान उनके साथ जबरदस्ती ना करें, बल्कि उस इंग्रीडिएंट को एक नए तरीके से खाने के लिए दें। बच्चों को अक्सर किसी नए भोजन को पसंद करने से पहले कई बार उसे खाने की ज़रूरत होती है। इसलिए, आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।
