भारत की धरती के कण-कण में भगवान हैं। कहते हैं हिन्दू धर्म में 36 करोड़ देवी-देवता होते हैं। इन सभी देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पूरे साल में एक नहीं अनेक पर्व आते हैं जब हम हमारे प्रिय भगवानों को खुश कर सकते हैं उनका मनपसंद भोग या प्रसाद बना कर और चढ़ाकर। प्रसाद यानी नैवेद्य, इसको ही भोजन की संज्ञा भी दे सकते हैं? प्रसाद बनाते और भगवान को भोग लगते  समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि प्रसाद पूरी तरह शुद्धता से बनायें और श्रद्धा, विश्वास एवं शुद्धता से ही भगवान को समॢपत करें। ताकि आपको मिले पूरा-पूरा लाभ भगवान को प्रसन्न करके। तो आइए जानते हैं इस लेख के द्वारा किस भगवान को पसंद है कौन-सा प्रसाद-

गणेश जी

गणेश जी प्रथम पूज्य देवता हैं। किसी भी पूजन की शुरुआत गणपति पूजा से ही होती है। यूं तो गणपति जी हर भोजन को बहुत ही चाव से खाते हैं। गणेश जी को पसंद है मोदक यानि लड्डू। मोदक आटे व मावे के द्वारा बनाये जाते हैं। इसके अलावा बेसन व बूंदी के लड्डू भी गणपति जी को प्रिय हैं।

शिव जी

भोलेनाथ को पसंद है भांग। इसके साथ ही आटे, शक्कर, घी, मेवा डालकर पंजीरी बनाई जाती है और भोलेनाथ को चढ़ाई जाती है प्रसाद के रूप में। हर सफेद मिठाई भोलेनाथ को भोजन रूप में प्रिय है। खासकर चावल व मखाने मेवा की खीर, दूध की बर्फी व लड्डू आदि।

बह्रमा जी

पूरे भारत में पुष्कर जी में ही बस बह्रमा जी का मंदिर है, जहां इनकी पूजा की जाती है। यहां पर ककमलगट्टे व सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है ब्रह्मïा जी को प्रसाद के रूप में।

गौरी माता

माता गौरी को लाल मिठाई बहुत ज्यादा प्रसन्नता देती है। लाल मिठाई जैसे गुलाब जामुन, डोडा बर्फी, चूरमा लड्डु, आटे के पूडे, आटे के गुना ये विशेष व्यंजन हैं जिनको आप माता पार्वती को प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं तो मां का आशीष मिलता है।

रामजी

भगवान राम को केसर भात, खीर, बर्फी का भोग लगा सकते हैं।

विष्णु जी

भगवान विष्णु को हर पीला भोजन प्रिय है, जैसे बेसन से बनी मिठाइयां, केला, मुन्नका, इसलिए विष्णु जी की प्रिय थाली में भक्त प्राय: ये ही 4 चीजें भोजन रूप में चढ़ाते हैं। सूजी का हलुआ भी विष्णु जी को प्रिय है। तुलसी दल विष्णु जी को भोजन में सर्वाधिक प्रिय है।

लक्ष्मी माता

माता लक्ष्मी को सफेद मिठाइयां प्रसाद रूप में चढ़ायें। खीर, बर्फी, खोया लड्डू, आदि का अगर आप भोग लगाने पर ही माता लक्ष्मी का आशीर्वाद अपार धन लाभ के रूप में मिलेगा।

भैरव जी

बाबा भैरव के एक नहीं अनेक रूप हैं। बटुक भैरव जी का बाल रूप है अत: उनको उड़द की दाल की मिठाई का भोग लगाया जाता है जबकि काल भैरव को शराब का भोग लगाते हैं।

दुर्गा माता

दुर्गा माता को मूंग की दाल की खिचड़ी, दाल चावल, खीर का भोग लगाया जाता है। दुर्गा मां केनौ रूपों को भी कुछ विशेष व्यंजन पसंद हैं, जो की इस तरह से हैं। जैसा मां का रूप अलग वैसे ही उनका भोग अलग है

1.शैलपुत्री : पर्वतराज हिमालय की पुत्री शैलपुत्री को गाय के घी से बना भोजन प्रिय है।

2. ब्रह्मïचारिणी : मां ब्रह्मïचारिणी को प्रसाद के रूप में शक्कर व पंचामृत का प्रयाग किया जाता है।

3. चंद्रघंटा : मां चंद्रघंटा देवी को दूध या मावे से बनी मिठाई का भोग लगाते हैं।

4. कुषमांडा : माता कुषमांडा को मालपुआ  का भोग लगाया जाता है।

5. स्कंदमाता : देवी स्कंदमाता को केले का भोग लगाते हैं।

6. कात्यायनी : मां कात्यायनी को मीठे पान का भोग लगाया जाता है।

7. कालरात्रि : मां कालकात्रि को गुड़ व गुड़ से बनी चीजें बहुत पसंद हैं।

8. महागौरी : मां महागौरी को नारीयल का भोग लगाया जाता है।

9. सिद्धिदात्री : मां सिद्धिदात्री को हलुवा-पूरी, चने का भोग लगाया जाता है। मां के प्रसाद के रूप में इसे सबसे पहले छोटी कन्याओं को खिलाते हैं।

सरस्वती माता

ज्ञान की देवी सरस्वती माता का प्रिय भोजन है- ताजे फल, मीठे चावल, मिश्रीकंद, मीठी दही, खिचड़ी बूंदी बूंदी का और बेसन का लड्डू भी मां को पसंद है।

काली माता

माता काली को काली मिठाई, काले फलों का भोजन बहुत प्रिय है। इसके साथ ही उड़द की दाल की खिचड़ी भी माता को भोजन के रूप में लगाई जाती है।

हनुमान जी

हनुमान जी को गुड़ चना, बूंदी का लड्डू चढ़ा कर आप अपने सर पर हनुमान जी का पूर्ण आशीर्वाद पा सकते हैं। आप इसके साथ ही केले भी खिला सकते हैं प्रसाद के रूप में।

कृष्ण जी

माखन मिश्री का भोग कृष्ण जी को बहुत प्रिय है, इसके साथ ही आप उनको 56 भोग यानि 56 प्रकार के भोजन भी खिला सकते हैं। धनिये-बूरा की पंजीरी भी भगवान कृष्ण को प्रिय है।

नवग्रह के पसंद का भोजन

सूर्यदेव का भोजन : लाल मिठाई, लाल फल भोजन के रूप में प्रिय है। चंद्रदेव का भोजन : चंद्रदेव को सफेद खीर, सफेद मिठाई व मीठा दूध प्रसाद रूप में चढ़ाया जाता है।

मंगल देव का भोजन : मंगल देव को लाल गुड़ की मिठाई, मीठी रोटी भी प्रसाद के रूप में चढ़ाई जा सकती है।

बुद्धेव का भोजन : हरी मूंग की दाल की बर्फी, हलुआ, हर फल प्रसाद रुप में चढ़ाने से बुधदेव प्रसन्न हो जाते हैं।

बृहस्पतिदेव का भोजन : पीली मिठाई, लड्डू, बर्फी, पीले फल, मोठ चावल, शहद केसर की खीर बृहस्पतिदेव को आप चढ़ा सकते हैं।

शुक्रदेव का भोजन : सफेद मिठाई व दूध, चावल से बनी चीजें प्रसाद रूप शुक्रदेव को चढ़ाकर उनका आशीर्वाद पा सकते हैं।

शनिदेव का भोजन : शनिदेव का क्रोध से कोई अंजान नहीं हैं, उनकी क्रोधित दृष्टि से सभी लोग बचना चाहते हैं। उनका क्रोध शांत करने व आशीर्वाद पाने के लिए काली तिल के लड्डू, काली उड़द की दाल व खिचड़ी, काले फल, मिठाई शनिदेव पर जरूर चढ़ाएं। संतोषी माता : संतोषी माता को बिना नमक के खाद्य पदार्थ भोजन के रूप में प्रिय हैं, विशेषकर गुड़ चना, उनका प्रिय भोजन माना जाता है।

इन्द्र : देवताओं के राजा इंद्र का प्रिय भोजन कढ़ी चावल व सोम रस है। 

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