Makar Sankranti Recipes

Makar Sankranti Recipes: मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जिसे भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। आमतौर पर 14 जनवरी को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति फसल की कटाई के त्योहार के रूप मनाई जाती है। भारत में कोई भी त्यौहार अपने खास पकवानों के बिना पूरा नहीं होता है। यहां मकर संक्रांति पर अलग-अलग राज्यों में लोकप्रिय पकवानों की रेसिपी दी गई है जिसे आप घर पर बना सकते हैं।

तिल लड्डू

तिल के लड्डू सर्दियों में खास जगह रखते हैं और खासकर लोहड़ी और मकर संक्रांति के सर्दियों के इन त्योहारों के दौरान ज़रूर घर में बनाए जाते हैं। तिलवा या तिल के लड्डू बिहार और झारखंड की एक डिश है। इसकी तैयारी में तिल को भून कर गुड़ के साथ मिलाया जाता है। तिल के लड्डू बनाने की विधि के कई वैरिएशन होते हैं, लेकिन सर्दियों की मिठाई की दो मुख्य सामग्री तिल और गुड़ हैं। 

Makar Sankranti Recipes: til laddu

सामग्री

  • तिल- 2 कप
  • गुड़- 1 कप
  • घी – 2 टीस्पून
  • काजू- 2 टेबल स्पून
  • बादाम- 2 टेबल स्पून
  • छोटी इलाइची – 6 से 7

विधि

  • कड़ाही को गर्म कर लें और फिर उसमें तिल डालें। गैस पर मध्यम आंच पर लगातार चम्मच से चलाते हुए तिल को हल्के ब्राउन होने तक भूनें।
  • तिल भून जाने पर एक प्लेट में निकालें। इन्हें थोड़ा ठंडा कर लें। भुने तिल से आधे तिल निकालें और इन्‍हें हल्का सा कूट लें। इन्हें मिक्सी से भी दरदरा पीस सकते हैं।
  • अब कड़ाही में एक चम्मच घी डालें और गर्म कर इसमें गुड़ डाल दें। धीमी आँच पर गुड़ को पिघला लें। गुड़ पिघल जाए तो गैस तुरंत बंद कर दें। ठंडा होने के बाद इसमें भुने कुटे हुए तिल मिलाएं।
  • इसमें काजू बादाम और इलाइची का पाउडर भी डालकर मिक्स कर लें। लड्डू बनाने का मिश्रण तैयार है। कड़ाही से एक प्लेट में निकाल लें और थोड़ा-सा ठंडा होने दें।
  • अब हथेली पर घी लगाकर चिकना करें। लगभग एक टेबल स्पून मिश्रण लें और हाथों से गोल लड्डू बनाकर थाली में रखते जाएं।

तिल गुल पोली

महाराष्ट्र में मकर संक्रांति के मौके पर विशेष रूप से तिल गुल पोली बनाई जाती है।

Makar Sankranti Recipes: til gul pulli

सामग्री

फिलिंग तैयार करने के लिए

  • घी – 3 टेबलस्पून
  • तिल भुना हुआ – ½ कप
  • नारियल कद्दूकस किया हुआ – ½ कप
  • बेसन – 2 टेबलस्पून
  • गुड़ कद्दूकस किया हुआ – 1 कप
  • इलायची पाउडर – 1 टीस्पून
  • खसखस – 1 टेबलस्पून

डो के लिए

  • गेहूं का आटा – 200 ग्राम
  • मैदा – 200 ग्राम
  • तेल – 3 टेबलस्पून
  • नमक – ½ टीस्पून
  • दूध – ½ कप
  • घी तलने के लिए
  • सूखा आटा डस्टिंग के लिए

विधि

फिलिंग तैयार करने के लिए

  • एक पैन में घी गरम करें। तिल, कद्दूकस किया हुआ नारियल और बेसन डालकर मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक भूनें। आँच बंद कर दें और पैन को गैस से उतारकर ठंडा होने दें।
  • दरदरा पेस्ट बनाने के लिए ग्राइंडर में पीस लें। कद्दूकस किया हुआ गुड़, इलाइची पाउडर और खसखस ​​डालें और फिर से फिलिंग बनाने के लिए ब्लेंड करें। अब इस फिलिंग को एक तरफ रख दें।

डो तैयार करने के लिए

  • एक बाउल में गेहूं का आटा और मैदा मिला लें। नमक और गरम तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं। नरम आटा गूंथने के लिए गुनगुन दूध डालें। डो को कवर कर एक घंटे के लिए अलग रख दें।

सेंकने के लिए

  • एक तवा गरम करें। आटे से छोटी-छोटी लोई निकाल लें। फिलिंग की 12-14 नीबू के आकार की छोटी बॉल बना लें।
  • आटे की लोई को पूरी जितना थोड़ा-सा बेल लें। फिलिंग बॉल को इसके बीच में रखें और सिरों को एक साथ लाएं। पोली को डस्ट कर धीरे से बेलकर 4-5 इंच का सर्कल बना लें। तवा गरम करें और पोली को गरम तवे पर डालें।
  • पोली को दोनों तरफ से ब्राउन स्पॉट्स आने तक सेक लें। दोनों तरफ घी लगाएं और हल्का ब्राउन होने तक रहने दें। पकाते समय पोली को कलछी से दबाते रहें। इसी तरह सारी पोली बना लें।
  • ठंडा करें और एयरटाइट कंटेनर में सप्ताह भर के लिए स्टोर करें। सर्व करने के लिए, बहुत कम घी लगाएं और माइक्रोवेव में या तवे पर 20 सेकंड के लिए गर्म करें।

गजक

गजक मध्य प्रदेश में मकर संक्रांति के उत्सव के रूप में तैयार किया जाने वाला व्यंजन है।

Makar Sankranti Recipes: gajak

सामग्री

  • सफेद तिल – 200 ग्राम
  • गुड़ – 300 ग्राम
  • बादाम – 15-16 कटे हुए
  • काजू – 15-20 कटे
  • इलायची – 2-3 पिसी हुई
  • घी – 3 टीस्पून

विधि

  • सबसे पहले कड़ाही में सफेद तिल डालकर एक चम्मच से लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर सेक लें।
  • तिल के अच्छी तरह भून जाने पर एक प्लेट में निकाल लें। ठंडे होने के बाद इन्हें मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें।
  • अब कड़ाही में गुड़, पानी और थोड़ा-सा घी डालकर पकाएं और चाशनी तैयार कर लें।
  • चाशनी तैयार होने के बाद इसमें इलायची पाउडर और पिसे हुए तिल डालकर अच्छी तरह मिला लें। प्लेट में थोड़ा-सा घी डालकर उसे फैला लें और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें।
  • तैयार किया हुआ तिल का मिश्रण थाली में डालकर बेलन से जितना पतला हो सके उतना पतला बेल लें। अब चाकू से इसके पीस काट लें।
  • जब यह मिश्रण ठंडा होकर कड़ा हो जाए तो इन्हें खाएं और बाकि गजक को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें।

मुरुक्कू

दक्षिण भारत में, मुरुक्कू चावल के आटे से बना एक बहुत ही लोकप्रिय स्नैक आइटम है और इसे अक्सर संक्रांति पर तैयार किया जाता है।

राइस मुरुक्कू साउथ इंडियन स्नैक्स है जिसे चकली भी कहा जाता है। तमिलनाडु, केरल और आंध्रप्रदेश का यह लोकप्रिय नाश्ता है। यह चावल के आटे से बना क्रिस्पी स्नैक्स है जिसे आप किसी भी राज्य में रहकर बना सकते हैं और कहीं भी इसके स्वाद का आनंद ले सकते हैं।

Makar Sankranti Recipes: morocco

सामग्री

  • चावल का आटा बारीक – 2.5 कप
  • बटर – 2 टेबलस्पून
  • हींग – एक चुटकी
  • तिल – 1 टीस्पून
  • कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – 1/4 टीस्पून
  • नमक – 1/2 टीस्पून
  • चना दाल भुनी हुई – 1/2 कप
  • पानी आटा गूंधने के लिए
  • तेल तलने के लिए

विधि

  • एक बाउल में चावल का आटा लें। इसमें बटर, हिंग, तिल, मिर्च पाउडर और नमक डालें।
  • अब एक मिक्सर में भुनी हुई चना दाल लें। बिना पानी मिलाए बारीक पाउडर बना लें। इसे चावल के आटे वाले बाउल में मिला दें। धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंधे। यहां चकली मेकर का इस्तेमाल करेंगे। अब स्टार के मोल्ड को चकली मेकर पर लगाएं। चकली मेकर पर तेल लगाएं। इससे आटा मोल्ड पर चिपकता नहीं।
  • आटे से बेलनाकार बनाएं और आटे को चकली मेकर में डालें। ढक्कन बंद करके चकली बनाएं।
  • गीले कपड़े पर या बटर पेपर पर दबाकर छोटे स्पाइरल आकर के चकली बनाएं। कोनों को बंद करें ताकि तलते वक्त चकली टूट ना जाए।
  • एक बार में एक मुरुक्कू लें और उसे गरम तेल में डालें। मुरुक्कू को पलटकर दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक तलें। आप इसे 15 मिनट के लिए प्रीहीट ओवन में 180 सेल्सियस पर भी बेक कर सकते हैं।

गन्ने के रस की खीर

लोहड़ी या मकर संक्रांति का पंजाबी उत्सव, इस डिश के बिना अधूरा है। पंजाब की सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली फसलों में से एक, गन्ने का उपयोग करके गन्ने के रस को बाजरा और दूध के साथ मिलाकर खीर तैयार की जाती है और भुने हुए सूखे मेवों से गार्निश की जाती है।

Makar Sankranti Recipes: ganne ke rs ki kheer

सामग्री

  • गन्‍ने का रस – 1 लीटर
  • चावल – 150 ग्राम
  • इलायची पाउडर – 1 टीस्पून
  • काजू बारीक कटे हुए – 6-7
  • बादाम बारीक कटे हुए – 6-7
  • पिस्ता बारीक कटे हुए – 6-7
  • किशमिश – 2 टीस्पून

विधि

  • चावलों को अच्छे से धो लें और भिगो दें। अब एक पैन में गन्ने का रस उबलने के लिए रख दें। उबलते समय गन्ने के रस के ऊपर गंदगी आने लगती है। इसे चम्मच की मदद से निकालते रहे।
  • रस में जब उबाल आ जाए तब इसमें भिगोए हुए चावल पानी से निकालकर डालें। चावल डालकर धीमी आंच पर पकने दें। कुछ देर बाद चेक कर लें कि चावल पक गए हैं या नहीं। चावल पकने के बाद इसमें ड्राय फ्रूट्स और इलायची पाउडर डालें।
  • गन्ने की खीर को ठंडा करके सर्व करें। अगर आप कम मीठा पसंद करते हैं, तो इसमें थोड़ी फीकी रबड़ी भी मिला सकते हैं। वैसे तो यह खीर बिना दूध के ही बनाई जाती है, अगर आप इसमें दूध मिलाना चाहते हैं तो गर्म रस में दूध न मिलाएं। इससे खीर फट सकती है।

पातिशप्ता

मकर संक्रांति के मौके पर बंगाल की स्पेशल पातिशप्ता हर घर में तैयार की जाती है। मकर संक्रांति के मौके पर यह टेस्टी डिश बंगाल में खूब बनाई जाती है।

Makar Sankranti Recipes: patishapta

सामग्री

पेस्ट तैयार करने के लिए

  • मैदा – 1 कप
  • सूजी – 1/2 कप
  • चावल का आटा – 1/4 कप
  • दूध – 2 कप
  • तेल

फिलिंग तैयार करने के लिए

  • नारियल कद्दूकस किया – 3 कप
  • चीनी या खजूर का गुड़ – 2 टेबलस्पून
  • हरी इलायची पिसी हुई – 4

विधि

फिलिंग तैयार करने के लिए

  • पैन में चीनी या खजूर का गुड़ और नारियल या खोया डालकर धीमी आंच पर पकाएं। फिर पैन में इलायची डालें। इस मिक्सचर को तब तक चलाते रहें जब तक यह चिपकने न लगे।
  • जैसे ही मिक्सचर पैन में चिपकने लगे तो गैस बंद कर दें। फिर मिक्सचर को ठंडा होने के लिए रख दें।

पेस्ट तैयार करने के लिए

  • एक कटोरे में मैदा, सूजी और चावल का आटा लें।
  • इसमें दूध डालकर अच्छी तरह फेंटकर पेस्ट तैयार कर लें। इसके बाद मिश्रण को आधे घंटे के लिए रख दें।
  • गैस पर पैन गर्म करें। इस पर थोड़ा तेल डालें। फिर पैन पर पातिशप्ता के लिए तैयार किया गया पेस्ट डालें। इसे पतला और गोल-गोल करके फैलाएं।
  • इसके बीच में पातिशप्ता के लिए तैयार किया फिलिंग डालें। अब पातिशप्ता को रोल कर दें। इसे पलट कर दोनों तरफ सें हल्का ब्राउन होने तक सेंक लें। फिर पैन से हटाकर प्लेट में रखकर ठंडा या गर्म सर्व करें।

घेवर

राजस्थान में संक्रांति के अवसर पर घी, मैदे और चीनी से बनी मिठाई घेवर की खूब बिक्री होती है। तैयार किया गया घेवर चाशनी में डुबोया जाता है, ड्रायफ्रूट्स से सजाया जाता है और सर्व किया जाता है।

Makar Sankranti Recipes: ghewar

सामग्री

  • मैदा – 2 कप
  • पानी – 2 कप
  • दूध – 1 कप
  • नीबू का रस – 1 टीस्पून
  • घी – ¼ कप
  • कुछ बर्फ के टुकड़े
  • घी तलने के लिए

मलाई तैयार करने के लिए

  • दूध – 1 लीटर
  • चीनी – ¼ कप
  • इलाइची पाउडर – ¼ टीस्पून

चाशनी तैयार के लिए

  • चीनी – 1 कप
  • पानी – 1 कप
  • केसर – ¼ टीस्पून

गार्निशिंग के लिए

  • पिस्ता बारीक कटा  – 1 टेबलस्पून
  • बादाम बारीक कटा – 1 टेबलस्पून

विधि

  • एक बड़े बाउल में घी और बर्फ के टुकड़े डाल के फेंट लें। जब घी क्रीमी हो जाए तो बर्फ निकाल दें और क्रीम को ब्लेंडर में डालें और दूध डाल के ब्लेंड कर लें।
  • अब धीरे-धीरे मैदा और पानी मिलाते जाए और फेंटते जाए। सारा मैदा और पानी मिलाकर अच्छे से फेंट लें। अब इस बैटर को किसी कटोरे में निकाल ले।
  • एक कड़ाही में घी डालें। घी गर्म होने पर एक टीस्पून बैटर घी में थोडा ऊपर से डालें। किसी चाक़ू से घी में डाले बैटर को किनारे कर दें और बीच में जगह बना लें। बीच में फिर से बैटर डाल दें। जैसे ही घी की झाग खत्म हो जाए, तो और बैटर डालते जाएं। बीच ने छेद बनाते जाए 5-6 चम्मच बैटर डालने के बाद घेवर को हलके से दबा के नीचे करके सेंक ले। फिर डंडी को घेवर के बीच में फसा के घी से बाहर निकालकर थोड़ी देर लटका कर रखे जिससे सारा घी निकल जाए। उसके बाद जाली स्टैंड के ऊपर रख दें। सभी घेवर इसी तरह बना लें।

चाशनी तैयार करने के लिए

  • एक बर्तन में पानी और चीनी मिला कर गैस पर रखें। एक तार की चाशनी बना लें और फिर इलाइची पाउडर डाल दें।

मलाई तैयार बनाने के लिए

  • किसी भारी तले के बर्तन में दूध को उबाले। धीमी आंच पर दूध को एक चौथाई हो जाने तक उबालें। फिर चीनी औए इलाइची पाउडर मिला कर गैस बंद कर दें और मलाई को ठंडा होने दें।

फाइनल असेम्बलिंग

  • घेवर को जाली रैक पर रखें और ऊपर से चाशनी डालें। फिर मलाई डाल के ऊपर से कटे हुए ड्रायफ्रूट्स से डेकोरेट कर के सर्वे करें। जितने घेवर अभी सर्व करने हो, उतने ही घेवर पर मलाई लगाएं।
  • बचे हुए घेवर को एयरटाइटर कंटेनर में स्टोप करें और जब सर्व करना हो तो चाशनी और मलाई की प्रक्रिया अपनाएं। आप घेवर को 12-15 दिन स्टोर कर सकते हैं।

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