भारत में इस्तेमाल होने वाली जड़ी.बूटियों की एक बड़ी श्रृंखला मौजूद है। आज ही नहीं बल्कि सदियों से शरीर से जुड़ी एक नहीं बल्कि कई परेशानियों को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर औषधि युक्त पेड़.पौधों का इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है। नीम का पेड़, एलोवेरा का पौधा, तुलसी आदि हजारों पेड़.पौधे इस लिस्ट में शामिल है। इन्हीं जड़ी.बूटियों में से एक है गोटू कोला पौधा। इसे कई लोग मण्डूकपर्णी और जल ब्राह्मी के नाम से भी जानते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सेंटेला आस्टीटिका है। आमतौर पर ये पौधे किसी पहाड़ी या ठंडी जगहों पर होते हैं। इस लेख में हम आपको गोटू कोला के कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप भी अपनी डाइट में शामिल करना पसंद कर सकती हैं। तो आइए जानते हैं।

क्या है ये गोटू कोला

सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि आखिर गोटू कोला क्या चीज़ है। आपको बता दें कि यह एक तरह का पौधा है, जिसका इस्तेमाल आज से नहीं बल्कि प्राचीन समय से किया जा रहा है। इसकी पत्तियां हरे रंग की होती हैं और इसमें बैंगनी, गुलाबी या फिर सफेद रंग के फूल आते हैं।

घाव भरने के लिए बेस्ट

प्राचीन काल से घाव को भरने के लिए कई जड़ी.बूटियों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इन्हीं औषधि में से एक है गोटू कोला। इस पौधे में ऐसे कई गुण मौजूद होते हैं, जो घाव प्रभावित क्षेत्र पर अन्य सेल्स का उत्पादन करते हैं और घाव को तुरंत भर देते हैं। इससे निर्मित जेल या घाव क्रीम लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर में मौजूद कोलेजन को बढ़ाने में मदद करते हैं और इसी कोलेजन की वजह से घाव जल्दी ही भर जाते हैं।

 गोटू कोला के औषधीय गुण हैं नींद के लिए प्रभावी गोटू कोला मानसिक ऊर्जा को पुनर्स्थापित करता है और मस्तिष्क में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके कोशिकाओं को फिर से जीवित करता है।

 

स्ट्रेच मार्क मिटाए

गोटू कोला से बनने वाली क्रीम या जेल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स के बढ़ने पर रोकथाम लगाई जा सकती है। इससे स्ट्रेच मार्क के निशान हल्के पड़ने लगते हैं। यह स्किन के अंदर की सेल और फाइब्रोब्लास्ट के उत्पादन को तेज करती हैए जिससे शरीर पर दिखाई देने वाले स्ट्रेच मार्क कम होने लगते हैं।

 

चिंता और अवसाद करता है कम

आज के समय में लगभग हर दस इंसान में से दो से तीन इंसान किसी न किसी वजह से चिंता और अवसाद के कारण ज़रूर परेशान रहते हैं। इस लिस्ट में महिलाएं भी शामिल है। अगर आप भी घर के काम और ऑफिस के काम आदि की समस्या से हमेशा ही चिंता में रहती हैं, तो ये पौधा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कहा जाता है कि इस पौधे के अर्क में मौजूद गुण अचानक डर जाना या घबरा जाना आदि की समस्या के लिए भी बेस्ट हो सकता है। इसे इटिंग डिसऑर्डर की परेशानी को दूर करने के लिए बेस्ट माना जाता है।

 

दिमाग को दुरुस्त रखता है 

अगर आप गोटू कोला का इस्तेमाल कर रहे हैंए तो इससे आपका दिमाग सही तरह से काम करेगा। ये ध्यान लगाने और एकाग्रचित होने में बहुत ही सहायक है। 

चिंता के लक्षणों में कारगर है 

गोटू कोला में बहुत ही फायदेमंद होता है। कोलकाता के कई मेडिकल कॉलेज ने इसपर रिसर्च किया। उसमें पता चला कि गोटू कोला चिंता के लक्षणों और उससे होने वाली समस्याओं को कम करता है। पैनिक अटैकए बहुत अधिक खाना या कम खाना आदि में ये सहायक है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रण करता है 

एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार गोटू कोला में उच्च मात्रा में टोटल फेनोलिक कंटेंट पाया जाता है। ये उच्च रक्तचाप में सहायक हो सकते हैं। शोध में खासकर कुएरसेटिन नामक फ्लावोनोइड में एंटी हाइपरटेंसिव प्रभाव का जिक्र किया गया है।  

 

अल्सर में राहत देता है 

आपने कई बार सुना होगा कि बहुत से लोगों को पेट में अल्सर हो जाता है। कई बार दवा करने के बाद भी इस समस्या से निजात नहीं मिलता। गोटू कोला में जो प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, वो पेट के अल्सर से राहत देते हैं। गोटू कोला में एंटीअल्सर गुण मौजूद हैं, जो पेट के अल्सर में राहत देते हैं।

 

गोटू कोला का उपयोग है बच्चों में ध्यान की कमी के लिए

बच्चों में गोटू कोला में एक ऐसा यौगिक होता है जो बच्चों में ध्यान और बिना सोचे प्रतिक्रिया देने की आदत को सुधारने में मदद करता है। आयुर्वेद में, गोटू कोला पाउडर के साथ मुक्ता पिष्टी, शंकपुष्पी, यष्टमधु, नद्यपान और ब्राह्मी को मिलाकर ध्यान की कमी वाले विकार के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

गोटू कोला का उपयोग ऐसे करें

गोटू कोला का कभी भी सीधे उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आप इसका सप्लीमेंट या अर्क के रूप में सेवन कर सकते हैं। वहीं, त्वचा के लिए गोटू कोला युक्त क्रीम या फिर लेप का इस्तेमाल किया जाता है।

 

गोटू कोला ट्रिटर्निन सैपोनिन्स से भरपूर होता है। यह एक ऐसा यौगिक तत्व है, जो स्किन को टाइट और फर्म बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही यह फ्लेवोनोइड्स नामक फाइटोन्यूट्रिएंट्स का भी एक बेहतरीन स्रोत है, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है और मुक्त कण क्षति से लड़ता है। यह कोलेजन और त्वचा के ऊतकों के गठन को बढ़ाता है। जो त्वचा की लोच और युवा चमक को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।

 

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