'Dashavatar' in Oscar 2026 Race
'Dashavatar' in Oscar 2026 Race

Overview: मराठी फिल्म ‘दशावतार’ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बनाई मजबूत पहचान

मराठी फिल्म ‘दशावतार’ का Oscar 2026 की 150 फिल्मों की सूची में शामिल होना भारतीय सिनेमा के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि न सिर्फ मराठी फिल्म इंडस्ट्री की ताकत दिखाती है, बल्कि भारतीय संस्कृति और कहानियों की वैश्विक स्वीकार्यता को भी साबित करती है।

‘Dashavatar’ in Oscar 2026 Race : 98वें अकादमी अवॉर्ड्स के आयोजन में अब कुछ ही महीने बाकी हैं और इसे लेकर दुनियाभर के सिनेप्रेमियों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑस्कर की रेस में भारतीय फिल्मों का नाम आना कोई नई बात नहीं है, इससे पहले भी कई इंडियन मूवीज़ शॉर्टलिस्ट होकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। इस बार यह गौरव मराठी फिल्म ‘दशावतार’ को मिला है, जिसे ऑस्कर 2026 की रेस में शामिल 150 फिल्मों की शुरुआती सूची में जगह दी गई है। भारतीय संस्कृति, परंपरा और गहराई से भरी इस फिल्म की एंट्री ने न सिर्फ मराठी फिल्म इंडस्ट्री बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया है।

ऑस्कर 2026 की रेस में ‘दशावतार’ की एंट्री क्यों है खास

ऑस्कर अवॉर्ड्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मानों में गिने जाते हैं। ऐसे में ‘दशावतार’ का 150 चयनित फिल्मों की सूची में शामिल होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यह साबित करता है कि रीजनल सिनेमा अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक भी अपनी छाप छोड़ रहा है।

क्या है ‘दशावतार’ फिल्म की कहानी?

फिल्म ‘दशावतार’ भारतीय पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरित है। इसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों की अवधारणा को आधुनिक सोच और गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया है। कहानी सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि मानव जीवन, नैतिकता और समाज से जुड़े सवालों को भी सामने रखती है।

मराठी सिनेमा के लिए क्यों है यह बड़ी जीत

मराठी सिनेमा हमेशा से कंटेंट और कहानी के दम पर पहचाना जाता रहा है। ‘दशावतार’ का ऑस्कर 2026 की सूची में पहुंचना इस बात का सबूत है कि मराठी फिल्में तकनीक, अभिनय और कहानी—हर स्तर पर वैश्विक मानकों पर खरी उतर रही हैं। यह उपलब्धि आने वाले फिल्ममेकर्स के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति की मजबूत प्रस्तुति

‘दशावतार’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन की झलक है। ऑस्कर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इसका चयन दुनिया को भारत की गहरी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर देगा। इससे भारतीय कहानियों को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

आगे क्या ऑस्कर की दौड़ में टिक पाएगी ‘दशावतार’

150 फिल्मों की इस सूची के बाद आगे कई चरण होंगे, जहां कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। हालांकि, फिल्म की मजबूत कहानी, विषय की गहराई और शानदार प्रस्तुति को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि ‘दशावतार’ आगे भी ऑस्कर की रेस में मजबूती से बनी रह सकती है।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...