पद्मश्री प्रियंका क्या अब ज्यादा जिम्मेदार महसूस कर रही है?
देखिए, मैं हमेशा से समझदार और जिम्मेदार रही हूं। मुझे जिम्मेदार बनने के लिए किसी अवार्ड की जरूरत नहीं है। मेरे पैरेंट्स ने मुझे ऐसे ही बड़ा किया है कि मैं अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह समझती हूं। हां, अपने देश की तरफ से अपने काम के लिए सम्मान पाना बहुत अच्छा लगता है। मैं खुश हूं। वैसे, आज मैं बहुत रोयी भी क्योंकि मैं अपने पापा को बहुत मिस कर रही हूं। इस मौके पर मेरी मम्मी के अलावा मेरी फैमिली से मेरे ताऊ जी भी मौजूद थे। मुझे अच्छा लगा।
आपने अपनी क्वांटिको की टीम को पद्मश्री के बारे में क्या बताया?
जी हां, मुझे उन्हें ये समझाना पड़ा की मैं शूटिंग रोक कर क्यों जा रही हूं। मैं यहां क्वांटिको की शूटिंग को दो दिनों के लिए रोक के आई हूं। मैंने उन्हें समझाया कि जैसे ब्रिटेन में नाइटहुड सम्मान होता है, उसी तरह यह हमारे यहां का महत्वपूर्ण सम्मान है, और ये मेरे नाम के साथ जुड़ेगा। ऐसा कहने के बाद उन्हें समझ में आया कि मेरा जाना जरूरी क्यों है।
सुना है आप 24 में से 26 घंटे काम करती हैं, कैसे करती हैं इतना काम?
26घंटे तो नहीं, हां इन दिनों क्वांटिको की शूटिंग 16 घंटे जरूर कर रही हूं। देखिए मेरे काम से मेरा रिश्ता आध्यात्मिक है। मैं अपने काम के प्रति जिम्मेदार होने से ज्यादा उससे स्पिरिचुअल जुड़ाव रखती हूं।
आपके बाद अब दीपिका पादुकोण भी हॉलीवुड से जुड़ रही हैं। क्या ऐसा कह सकते हैं कि बॉलीवुड की फीमेल स्टार्स की डिमांड बढ़ी है?
नहीं मुझे ऐसा नहीं लगता है। हां, ये समय इंटरनैशनल मार्केट का है और ये पूरी तरह से बिज़नेस है। हमारी हिंदी फिल्मों के लिए भी इंटरनैशनल मार्केट से बहुत बड़ा बिज़नेस आता है। इसी तरह से हर जगह के फिल्म मेकर अब मार्केट को ग्लोबल स्तर पर देखते हैं। लोग हर जगह की फिल्में देख रहे हैं इसलिए इंटरनैशनल ऐक्टर्स की डिमांड बढ़ी है और इसलिए मुझे वहां जगह मिली है। मेरे पहले निम्रत कौर, इरफान खान और अनिल कपूर जैसे स्टार्स ने वहां काम किया है और इसका फायदा मुझे मिला है कि मैं वहां भी अपने टर्म्स पर काम कर रही हूं। मैं उनसे कह सकती हूं कि मुझे प्रोजेक्ट में अपने लिए ऐसी जगह चाहिए। ये समय अच्छा इसलिए है कि इंडियन टैलेंट को पहचाना जा रहा है।
हॉलीवुड और बॉलीवु़ड में क्या फर्क है?
मैंने हॉलीवुड और बॉलीवु़ड से ज्यादा क्नांटिको करते हुए फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के फर्क को महसूस किया है। फिल्म बनाने का काम लगभग एक जैसा ही है, लेकिन टेलीविज़न में प्रेशर बहुत ज्यादा है। बॉलीवु़ड के बारे में ये जरूर कहना चाहूंगी कि मैंने यहां इतने अच्छे फिल्म मेकर्स के साथ काम किया है कि अब मैं किसी भी कैमरे से घबराती नहीं हूं।
टीवी इंडस्ट्री से जुड़ी प्रत्यूषा बनर्जी ने हाल में सुसाइड कर लिया। ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़े सुसाइड के मामलों पर आप क्या कहेंगी ?
देखिए मैं जानती हूं कि ग्लैमर से जुड़े लोगों पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन इसे सिर्फ गलैमर इंडस्ट्री से जोड़कर न देखें। सवाल ये होना चाहिए कि हम अपने देश की बेटियों को कैसे बचाएं? प्रत्यूषा की लाइफ और भावनाअों को कितना उछाला जा रहा है, लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा कि इतने कम उम्र में वो कितनी पीड़ा में थी। किसी ने उन लड़कियों का जिक्र नहीं किया जो दहेज उत्पीड़न की वजह से सुसाइड करती हैं क्योंकि ये हमारे घर से जुड़ी बात है।
आपके एक्स मैनेजर ने आपके बारे में कहा था कि आपने भी सुसाइड करने की कोशिश की थी?
ये आपको तय करना है कि आप किसका विश्वास करेंगी। एक ऐसे इंसान का जो किसी को तंग करने के सिलसिले में जेल जा चुका है या उसका जिसे आप सालों से जानते हों।
आप जब भी किसी खास इवेंट में जाने की तैयारी करती हैं तो आप क्या पहनेंगी, इस पर जरूर चर्चा होती है। आज के मौके पर आपने साड़ी क्यों पहना?
जी हां, आज मैं कुछ भारतीय परिधान पहनना चाहती थी, कुछ ऐसा जो हाथ से बना हो। इसलिए मैंने ये बनारसी साड़ी पहनी है क्योंकि मैं बुनकरों को आगे लाना चाहती हूं। इस साड़ी की कीमत बच्चियों के उत्थान के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
