Scalp Care
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Scalp Care: हेल्दी और शाइनी बाल पाने के लिए जरूरी होता है कि स्कैल्प की सही तरह से देखभाल की जाए। जब आपकी स्कैल्प हेल्दी होती है तो इससे बालों से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं और आपको लंबे, घने व चमकदार बाल मिलते हैं। अमूमन यह देखने में आता है कि अपनी स्कैल्प और बालों की देखभाल के लिए लोग तरह-तरह के होम इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें लगता है कि घरेलू सामग्री का इस्तेमाल स्कैल्प पर करने से उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं होगी। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है।

कई बार कुछ घरेलू सामग्रियों को भी स्कैल्प पर लगाने से आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है कि आपको हल्की जलन से लेकर गंभीर एलर्जी तक की शिकायत हो। इसलिए, कभी भी बिना सोचे-समझे किसी सामग्री को अपनी स्कैल्प पर ना लगाएं। इससे आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ इंग्रीडिएंट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें स्कैल्प पर लगाने से आपको समस्या हो सकती है-

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Scalp Care
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कभी भी आपको अपनी स्कैल्प पर नींबू का रस नहीं लगाना चाहिए। यह बहुत अधिक एसिडिक होता है। ऐसे में जब आप इसका इस्तेमाल अपनी स्कैल्प पर करते हैं तो यह स्कैल्प के प्राकृतिक पीएच संतुलन को बिगाड़ सकता है। ऐसे में आपको स्कैल्प में सूखापन और जलन की शिकायत हो सकती है। इतना ही नहीं, यह स्कैल्प सेंसेटिविटी को भी बढ़ा सकता है और फोटोसेंसिटिविटी का कारण बन सकता है। जिसके कारण धूप में निकलने पर आपकी स्कैल्प सनबर्न के प्रति अधिक सेंसेटिव हो जाती है।

अधिकतर स्किन केयर और हेयर केयर रेमिडीज में बेकिंग सोडा को शामिल किया जाता है, लेकिन वास्तव में आपको इसे अपनी स्कैल्प पर लगाने से बचना चाहिए। बेकिंग सोडा का पीएच लेवल लगभग 9 होता है, जो स्कैल्प के प्राकृतिक पीएच (लगभग 5.5) की तुलना में बहुत अधिक क्षारीय होता है। ऐसे में जब आप बेकिंग सोडा को अपनी स्कैल्प पर लगाते हैं तो इससे स्कैल्प का नेचुरल ऑयल निकल सकता है और सूखापन व जलन की शिकायत हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर बेकिंग सोडा का इस्तेमाल लगातार स्कैल्प पर किया जाए तो इससे बालों के स्ट्रैंड को भी कमजोर हो सकते हैं और आपको हेयर फॉल की शिकायत हो सकती है।

अपने हेयर केयर रूटीन में अगर आप सिरका का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे कभी भी सीधे अपनी स्कैल्प पर ना लगाएं। सिरके को यूं तो बालों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन यह भी बहुत अधिक एसिडिक होता है और इसलिए नींबू के रस के समान ही समस्याएं पैदा कर सकता है। इसे सीधे लगाने से स्कैल्प में इरिटेशन, जलन और सूखेपन की शिकायत हो सकती है। अगर आप इसे इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो हमेशा डायलूट करने ही बालों पर लगाएं। 

मेयोनीज़ को अक्सर इसके मॉइश्चराइज़िंग गुणों के लिए जाना जाता है और इसलिए लोग अक्सर इसे हेयर मास्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, जब आप इसे अपनी स्कैल्प पर अप्लाई करते हैं तो यह आपकी स्कैल्प के लिए समस्या पैदा कर सकता है। दरअसल, मेयोनीज थिक होती है, इसलिए यह पोर्स को क्लॉग कर सकती है और बिल्डअप का कारण बन सकता है। जिससे फंगल ग्रोथ और स्कैल्प पर एक्ने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। 

Cinnamon
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अगर आपकी स्कैल्प सेंसेटिव है, तो ऐसे में आपको दालचीनी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे स्कैल्प पर लगाने से आपको बहुत अधिक जलन और एलर्जी की शिकायत हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे स्कैल्प में आपको बहुत अधिक खुजली भी हो सकती है। जिन लोगों की स्कैल्प सेंसेटिव होती है, उन्हें सूजन और छाले सहित अधिक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। 

अंडे में पाया जाने वाला प्रोटीन बालों को अतिरिक्त मजबूती देता है, इसलिए अक्सर लोग इसे बतौर हेयर मास्क इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि स्कैल्प पर कच्चे अंडे लगाने से कई जोखिम हो सकते हैं, जिसमें साल्मोनेला जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन की संभावना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, अगर आप अंडा लगाने के बाद बालों को अच्छी तरह से धोते नहीं हैं तो इससे बालों से एक अप्रिय गंध आ सकती है। साथ ही साथ, यह गंदगी को आकर्षित कर सकते हैं।

लहसुन को हेयर ग्रोथ के लिए एक बेहतरीन किचन इंग्रीडिएंट माना जाता है, लेकिन लहसुन में ऐसे कंपाउंड होते हैं, जिन्हें स्कैल्प पर लगाने पर स्किन में जलन और इरिटेशन की शिकायत हो सकती है। इतना ही नहीं, लहसुन की गंध काफी तेज होती है और इसलिए इसे स्कैल्प पर लगाने से आपको बहुत अधिक परेशानी हो सकती है। 

कई बार अपनी स्किन को एक्सफोलिएट करने के लिए हम शुगर स्क्रब का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको चीनी को अपनी स्कैल्प पर लगाने से बचना चाहिए। नमक की तरह ही, चीनी के स्क्रब भी स्कैल्प के लिए बहुत ज़्यादा घर्षण पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, चीनी आपकी स्कैल्प में घुलकर चिपचिपा अवशेष बना सकती है, जिसे धोना मुश्किल होता है। जिससे संभावित रूप से बिल्डअप और स्कैल्प संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...