स्किन एजिंग यानी त्वचा पर उम्र का असर एक जटिल जैविक प्रक्रिया है,
जिसके लिए कई बाहरी और आंतरिक कारण जिम्मेदार हैं। तनाव, प्रदूषण,
सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलट किरणें, मौसम के असर जैसे कारण तो हैं ही, त्वचा में पोषण की कमी के कारण भी त्वचा पर उम्र का असर दिखाई देने
लगता है। नतीजा! झुर्रियां, दाग-धब्बे, आंखों के नीचे काले घेरे जैसी कई समस्याएं। वैज्ञानिक शोध साबित करते हैं कि सही पोषण बायलोजिकल
क्लॉक को उल्टा करने में मदद कर सकता है। ऐसे कई एंटी एजिंग विटामिन्स हैं जो आपकी त्वचा पर बढ़ती उम्र के असर को कम कर देते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलोजी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि त्वचा पर सूर्य की हानिकारक किरणों के दुष्प्रभाव को रोकने और उम्र के असर को धीमा करने में एंटीऑक्सीडेंट्स का खास योगदान है, इनमें विटामिन ई, विटामिन सी
प्रमुख है।

विटामिन ई

अधिकांश ब्यूटी क्रीम में विटामिन ई का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह एंटी एजिंग गुणों से भरपूर है। अगर आपकी त्वचा में रुखापन महसूस हो तो ध्यान दें कि उसे भरपूर मात्रा में विटामिन ई  मिल रहा है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन ई सबसे महत्वपूर्ण एंटी ऑक्सीडेंट है। यह कोशिकाओं की झिल्लियों की सुरक्षा करता है और उनसे संबंधित एंजाइम्स को नष्ट होने से बचाता है। फ्री रेडिकल्स त्वचा को तेजी से बूढ़ा करते हैं। शोध बताते हैं कि विटामिन ई फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करने में मदद करता है और इस प्रकार उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाने से रोकता है। त्वचा पर  विटामिन ई के इस्तेमाल से सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलट किरणों से होने वाले नुकसान और कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को रोका जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई फोटो डैमेज और झुर्रियों को कम करता है और त्वचा के टेक्सचर को सुधारता है।

प्राकृतिक स्रोत
वेजिटेबल ऑयल जैसे कि सूरजमुखी का तेल,सोयाबीन का तेल, एवोकेडो, मेवे, साबुत अनाज,ओट्स और दुग्ध पदार्थ विटामिन ई के बेहतरीन स्रोत हैं।

विटामिन सी
अगर आप एंटी एजिंग गुणों से भरपूर डाइट लेना चाहती हैं तो विटामिन सी को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाना न भूलें। विटामिन सी बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। किसी भी रूप में लिए जाने पर यह असरदार एंटीऑक्सीटेंड सुरक्षा प्रदान करता है और फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसान के प्रति त्वचा को सुरक्षा कवच प्रदान करता है। विटामिन सी त्वचा के नवनिर्माण के गुणों से भी भरपूर होता है। यह त्वचा में कोलाजन के निर्माण और त्वचा के लचीलेपन के लिए जिम्मेदार है। कोलाजन की कमी होने पर त्वचा ढीली होकर
लटकने लगती है। इसके अलावा विटामिन सी न केवल सूर्य की किरणों के कारण त्वचा को होने वाली क्षति से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि साथ ही पहले हो चुकी क्षति को दूर करने में भी मदद करता है। यह त्वचा के रफ पैचेज को दूर करता है और गहरे दाग-धब्बों को हल्का करता है। साथ ही त्वचा पर पड़ी लकीरों और झुर्रियों को दूर करता है। अतिरिक्त लाभ के रूप में दाँतों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में भी मदद करता है। कुल  मिलाकर विटामिन सी त्वचा पर उम्र के असर की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक है। विटामिन सी पानी में घुलनशील होता है और त्वचा इसे स्टोर नहीं कर सकती, इसलिए इसे नियमित रूप से लिया जाना जरूरी है। विटामिन ई और विटामिन सी के अपने खास फायदे तो हैं ही। इन्हें साथ में लेने पर इनका दुगना फायदा मिलता है।

प्राकृतिक स्रोत
विटामिन सी सभी सिट्रस फ्रूट्स यानी खट्टे फलों जैसे संतरा, नीबू, मौसमी, अनानास आदि में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा शिमला मिर्च, ब्रोकली, फूल गोभी भी इसके अच्छे स्रोत हैं।

विटामिन ए
उम्र बढऩे के कारण होने वाली समस्याओं को दूर करने में विटामिन ए भी कई प्रकार से मदद करता है। झुर्रियों के उपचार के लिए एफ.डी.ए. द्वारा अनुमोदित ट्रीटमेंट्स में रेटिनोल भी शामिल है, जो कि विटामिन ए का ही रूप है। यह त्वचा की कोशिकाओं के भीतर कार्य करता है और रिसेप्टर्स पर प्रभाव डालता है ताकि वे वैसे ही काम करें जैसे युवावस्था में करते रहे हैं। यह कोलाजन के नष्ट होने की प्रक्रिया को भी धीमा करता है, जो कि त्वचा के जवां सौंदर्य और लचीलेपन को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण है। त्वचा और आंखों को स्वस्थ बनाए रखने और प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए आहार में विटामिन ए को भी भरपूर मात्रा में शामिल करना जरूरी है।

प्राकृतिक स्रोत
विटामिन ए के चमत्कारी फायदों का लाभ उठाने के लिए आम, गाजर, शकरकंद आदि भरपूर मात्रा में खाएं। ये इसके बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं। विटामिन के आंखों के नीचे आने वाले काले घेरे कहीं न कहीं उम्र की चुगली कर ही देते है। विटामिन के इन काले घेरों को दूर करने में मदद करता है यह विटामिन ब्लड क्लॉट्स को खत्म कर संचार को सुधारता है। कई सौंदर्य उत्पादों में विटामिन के को शामिल किया जाने लगा है। इसे अपने आहार में शामिल कर आप इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं। प्राकृतिक रूप में लिए जाने पर इसका एक अतिरिक्त लाभ यह भी है कि यह हड्डियों की मजबूती को बनाए रखने में भी मदद करता है। विटामिन के त्वचा में कोलाजन को दुरुस्त और त्वचा को स्वस्थ रखता है।

प्राकृतिक स्रोत
पालक, सलाद के पत्ते, ब्रोकली आदि विटामिन ‘के’ के बेहतरीन स्रोत हैं।

विटामिन बी 3
विटामिन बी 3 को नाइसिन भी कहा जाता है। यह हाइड्रेशन बूस्टर के तौर पर काम करता है, यानी यह त्वचा में नमी को बढ़ाता है। त्वचा के बैरियर को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के लिए जिम्मेदार फैटी एसिड्स और सेरेमाइड्स के उत्पादन को बढ़ाकर यह त्वचा में नमी को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

प्राकृतिक स्रोत
यीस्ट, राइस ब्रान, टमाटर विटामिन बी 3 के अच्छे स्रोत हैं।

ग्रीन टी
एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर ग्रीन टी में भी प्रभावशाली एंटी एजिंग गुण है। ग्रीन टी को लेकर किए गए अनेक शोधों से साबित हुआ है कि इसका प्रयोग त्वचा को कई प्रकार से फायदा पहुंचाता है। दिनभर की थकान को मिटाने और तनाव को दूर करने के लिए तो एक कप ग्रीन टी बेजोड़ है ही,साथ ही यह ऐसे पोषक तत्वों से भरपूर है जो त्वचा को रीचार्ज कर देते हैं। ग्रीन टी में पाए जाने वाले
फाइटोकेमिकल्स, पॉलीफिनोल्स में औषधीय गुण होते हैं, जो बूढ़ी होती त्वचा पर स्फूर्तिदायक प्रभाव डालते हैं। ग्रीन टी फ्लेवनॉयड्स, मिनरल्स और
विटामिन्स से भरपूर है, जिसके कारण यह त्वचा को बेहद लाभ पहुंचाती है और उसकी खोई चमक लौटाकर, उसे खूबसूरत और जवां बनाती है। त्वचा पर विटामिन ई के इस्तेमाल से सूर्य की हानिकारक  अल्ट्रावॉयलट किरणों से होने वाले नुकसान और कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को रोका जा सकता है।

विटामिन सी के गुण

विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन सी कोलैजन को बनाने और बनाए रखने में मददगार होते है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त वाहिकाओं को मजबूती व त्वचा को लोच और शक्ति प्रदान करते हैं। साथ ही कोलैजन त्वचा की खराब कोशिकाओं का पुर्ननिर्माण कर त्वचा के रूखेपन को दूर करता हैऔर उसकी चमक बनाए रखता है।

बालों का स्वास्थ्य
बालों की मजबूती, सुंदरता और लंबाई को बढ़ाने के लिए विटामिन सी सबसे प्रभावी पोषक तत्वों में से एक है। बालों को चमकदार बनाने के लिए  विटामिन सी की महत्वपूर्ण खुराक लेनी चाहिए।

अधिक सक्रियता
विटामिन सी के नियमित सेवन से आप अधिक  सक्रिय महसूस करते हैं। आहार में विटामिन सी आयरन के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आयरन समग्र सौंदर्य और स्वास्थ्य में योगदान देता है। आयरन भंडार के कम होने से आपमें कमजोरी होने लगती है और आप रक्त अल्पता और थकान का अनुभव करते हैं। ऐसा होने पर आप जीवंत और सक्रिय नहीं लग सकते। नाखूनों का विकास  हाथों की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए नाखूनों का सुंदर और मजबूत होना बहुत आवश्यक होता है। विटामिन सी हमारी त्वचा,संयोजी ऊतक, हड्डियों, और रक्त वाहिनियों की दीवारों को मजबूत बनाकर नाखूनों की मजबूती को बनाये रखने में मदद करता है। हेंगनेल को रोकने में मदद करें हेंगनेल उंगली की वह त्वचा होती है जो नीचे से नाखून से जुड़ी होती है। त्वचा का यह उभरा हुआ  हिस्सा ज्यादातर हाथों की उंगली पर होता है विटामिन सी नाखूनों की मजबूती और उन्हें विकसित करने में मदद करने के साथ हेंगनेल को भी रोकता है। नियमित रूप से विटामिन सी का सेवन नाखूनों के स्वास्थ्य को बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है, इसलिए खट्टे फलों को अपने आहार में शामिल जरूर करें।