pregnant woman

गर्भावस्था के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छा हो इसके लिए जरूरी है कि आप अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। गर्भवती महिलाओं को अक्सर सलाह दी जाती है कि वे अपने ब्लड शुगर लेवल और न्यूट्रिएंट्स की मात्रा को बनाए रखने के लिए कम अंतराल पर खाती रहें। ऐसे में लंबे समय के लिए उपवास रखना उनके लिए सही नहीं माना जाता। वैसे भी नवरात्रि ऐसे समय पर आती है, जब मौसम में बदलाव होता रहता है। ऐसे में बीमार पड़ने की आशंका अधिक होती है।

व्रत रखने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल नीचे जाता है, गट बैक्टीरिया ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर आप नवरात्रि पर उपवास रख रही हैं, तो आपको अपने और अपने बच्चे की स्वास्थ्य के लिए कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए। 

नवरात्रि के दौरान व्रत

नवरात्रि 9 दिन का त्योहार होता है। इस दौरान कई लोग 9 दिनों तक उपवास रखते हैं जबकि कुछ लोग पहले और अंतिम दिन का उपवास रखते हैं। कई गर्भवती महिलाएं अपने धार्मिक और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर नवरात्रि के इन नौ दिन या शुरुआत और आखिरी दिन व्रत रखना पसंद करती हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान व्रत रखना इतना मुश्किल भी नहीं है जितना अमूमन लोग सोचते हैं। अगर आप बिल्कुल स्वस्थ हैं और आपको किसी भी तरह की समस्या नहीं है तो आप कम- कम अंतराल पर हेल्दी फूड का सेवन करते हुए नवरात्रि का व्रत रख सकती हैं। लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि आप लंबे समय तक भूखी न रहें। क्योंकि, आपके बच्चे का न्यूट्रीशन आप पर ही निर्भर करता है। प्रेगनेंसी के दौरान कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह हमारे और गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए बहुज जरूरी है। यह एक जरूरी न्यूट्रिएंट्स ग्रोथ है जो सिर्फ मांसपेशियों को ही एनर्जी नहीं प्रदान करता बल्कि ब्रेन को भी प्रदान करता है। 

कार्बोहाइड्रेट के प्रकार और इनका काम 

दो तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं स्लो और फास्ट, जो ग्लाइसेमीक इंडेक्स पर निर्भर करते हैं। फास्ट कार्ब तेजी से एनर्जी रिलीज करते हैं और आपको जल्दी- जल्दी भूख लगती है, जिससे वजन भी तेजी से बढ़ता है। फास्ट कार्ब में ब्रेड, शुगर, स्टार्च वाली सब्जियां, फलों के जूस आदि शामिल होते हैं। इनकी तुलना में स्लो कार्ब बॉडी में धीरे- धीरे एनर्जी को रिलीज करते हैं और आपको संतुष्ट वाली फीलिंग देते हैं। आपका ब्लड शुगर लेवल भी मेन्टेन रहता है। 

कई नॉन- प्रेगनेन्ट महिलाएं होती हैं, जो एक्स्ट्रा कैलोरी को लूज करना चाहती हैं। अपनी फिटनेस यात्रा को शुरू करने के लिए व्रत रखना एक बढ़िया समय है। वजन कम करना और हेल्दी रहने का यह लक्ष्य सही कार्ब के सेवन से पूरा हो सकता है, जो धीरे- धीरे एनर्जी रिलीज करके लंबे समय में आपकी मदद करता है। इस तरह से आपको अपनी डाइट में होल ग्रेन, सीड्स, नट्स, बीन्स, सब्जियां और दालों को शामिल करना चाहिए। इन सबमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होती है, जो फिर से वजन कम करने के आपके लक्ष्य में मदद करता है। 

क्या व्रत के दौरान कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना चाहिए? 

यूं तो व्रत रखने को एक ट्रेडिशनल और पूजा- पाठ से संबंधित रिवाज माना जाता है, जिसे लोग अपनी आध्यात्मिक शुद्धता के लिए रखते हैं। लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता यदि आप खुद को न्यूट्रीशन के स्तर पर सही रखेंगे तो यह आपकी बॉडी के लिए थेरेपी का काम करता है। यह आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने के साथ ही आप को हेल्दी रखने में मदद करता है। इसलिए जरूरी है कि आप जब भी व्रत करें तो अपने लिए सही फूड का चुनाव करें ताकि आपकी बॉडी में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की मात्रा कम ना हो जाए।  अगर आपकी बॉडी में न्यूट्रिएंट्स की मात्रा कम हो जाती है तो आपको कमजोरी, दिल से संबंधित रोग, स्किन से संबंधित समस्याएं, हड्डियों के विकास में कमी आदि समस्याओं का सामना करना करना पड़ सकता है।

अगर आप प्रेग्नेंट है और आपको पहले से डायबिटीज, एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर जैसी हेल्थ रिलेटेड समस्या है तो आपको व्रत रखने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे आगे अन्य कई कॉम्प्लिकेशन होने की आशंका रहती है। व्रत के दौरान कार्बोहाइड्रेट का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि यह आपके ब्रेन और मांस पेशियों को एनर्जी प्रदान करके आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि नवरात्रि में व्रत वाले दिनों में आपको सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, मिनरल और विटामिन मिलता रहे। 

व्रत की डाइट में हेल्दी फूड्स 

कई तरह के फूड ऑप्शन हैं, जिनमें स्लो कार्ब शामिल होते हैं और आपके व्रत को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। चूंकि आपने व्रत रखा है तो आप आम दिनों की तुलना में कम खायेंगी तो यह वाजिब है कि आप कभी भी भूखा महसूस कर सकती हैं। ऐसे में स्लो कार्ब वाले फूड के सेवन से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहेगा क्योंकि इन्हें डाइजेस्ट होने में समय लगता है। आप हाई कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स जैसे आलू और साबूदाना को अन्य फाइबर वाली सब्जियों जैसे टमाटर, लौकी, कद्दू आदि के साथ मिक्स करके डिश बना सकती हैं। साथ ही यह भी कोशिश करें कि आप सब्जियों को डीप फ्राई करने की बजाय बेक, रोस्ट या ग्रिल करें। 

कुट्टू का आटा व्रत में खाने के लिए बढ़िया है क्योंकि इसमें 70 से 75% कार्बोहाइड्रेट और 20 से 25% प्रोटीन की मात्रा होती है। इसमें बी कॉम्प्लेक्स विटामिन और फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, कॉपर जैसे मिनरल भी होते हैं। कुट्टू के आटे की पूरियां बनाने की बजाय इसकी रोटी बनाकर खाएं। समक के चावल भी आसानी से बन जाते हैं और एनर्जी प्रदान करते हैं। इसमें फाइबर, बी कॉम्प्लेक्स विटामिन और आयरन और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक मिनरल्स होते हैं। पूरी, साबूदाना वड़ा, आलू के चिप्स जैसी चीजें खाने की बजाय आप को हेल्दी स्नैकिंग पर जोर देना चाहिए क्योंकि इनमें शक्कर, नमक और फाइट कॉन्टेन्ट बहुत ज्यादा होता है। आप चाहें तो भुने हुए मखाने या अन्य नट्स भी खा सकते हैं क्योंकि इनमें एंटी ऑक्सीडेंट खूब होता है। मौसमी सब्जियां और फल के साथ छोटी- छोटी मात्रा में मील का सेवन करें और खुद को भूखा बिल्कुल भी ना रखें। इससे आपकी बॉडी में ब्लड ग्लूकोज लेवल मेंटेन रहेगा और आपको लो फील नहीं होगा। सबसे जरूरी बात यह है कि आप पूरे दिन पानी पीती रहें। साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ भी लेकिन ध्यान रखें कि इसमें शक्कर बिल्कुल ना मिलाएं।

प्रेगनेंसी की जरूरत का रखें ध्यान

  • विभा बाजपेयी, हेड डाइटीशियन, एशियन अस्पताल, फरीदाबाद 

प्रेगनेंसी में नवरात्रि का व्रत रखते समय हमारी पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने के लिए व्रत वाले भोजन का सेवन प्रेगनेन्ट महिला को पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। साथ ही उन पोषक तत्व वाले फूड्स का सेवन भी करना चाहिए, जिनकी आवश्यकता प्रेगनेंसी में बढ़ जाती है। प्रेगनेंसी में प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है तो उसे पूरा करने के लिए प्रेगनेंट महिला को व्रत में पनीर, बादाम, दही, दूध, मूंगफली, चिया सीड्स लेना चाहिए। इसी तरह आयरन की जरूरत को पूरा करने के लिए एक प्रेगनेंट महिला को खजूर, बथुआ के पत्ते की सब्जी, चौलाई के लड्डू, किशमिश, टमाटर, चीनी की जगह गुड़, केला, हरी सलाद, कच्चे केले की सब्जी आदि का सेवन करना चाहिए। कैल्शियम की बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने के लिए दही, दूध, पनीर, ड्राई फ्रूट आदि का सेवन प्रेग्नेंट महिला के लिए जरूरी है। फॉलिक एसिड और विटामिन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए व्रत के भोजन में हर तरह के फल और हरी सलाद के साथ ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए। अगर किसी प्रेग्नेंट महिला की ब्लड रिपोर्ट में कोई समस्या है जैसे हिमोग्लोबिन कम हो या अन्य तो डायटिशियन से जरूर परामर्श करना चाहिए। 

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