आयुर्वेद के अनुसर ये 5 टिप्स आपको रखेंगे फिट और एक्टिव
आयुर्वेद के अनुसर ये 5 टिप्स आपको रखेंगे फिट और एक्टिव

आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए आप को शरीर के विषैले तत्वों को दूर करना जरूरी है। जो कि उपवास से संभव है। तभी आयुर्वेद के अनुसार ‘लंघन्‌म सर्वोत्तम औषधं’ यानी व्रत को उत्तम औषधि माना गया है। लेकिन व्रत/ उपवास के भी कुछ तरीके होते हैं।

नवरात्री के शुभ दिन शुरू हो चुके हैं। इन दिनों हर कोई देवी मां को खुश रखने के लिए व्रत रखता है। व्रत के दौरान कुछ ना खाने कि वजह से शरीर से ऊर्जा कहीं गायब सी होने लगती है। ऐसे में हमें सबसे ज्यादा जरूरत है कि व्रत के दिनों में हम अपने शरीर का खास ख्याल रखें। हम इस बात का ख्याल रखें कि, हमारा शरीर कमजोर ना पड़े। व्रत में हमारा शरीर डिटॉक्स होता है। 

असल में डिटॉक्सिफिकेशन के दौरान हम लोग आमतौर पर कुछ खास तरह के खाद्यों का सेवन करते हैं। जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाते हैं। जिससे स्वास्थ्य में सुधार होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

सौभाग्य से, आपका शरीर कुदरती तौर पर अपनी डेंटिंग और पेंटिंग स्वयं कर लेता है। ऐसा करने के लिए विशेष आहार या महंगे पूरक की आवश्यकता भी नहीं होती है। इसी वजह से व्रत के यह 9 दिन महत्वपूर्ण हैं।

जब नवरात्रि व्रत के दौरान हमारे आहार में बदलाव होता है, तब हमें नींद और आलस आता है। अगर आप भी नवरात्र के व्रत रखते हैं, तो आपको आयुर्वेद के अनुसार सही तरीके से व्रत रखने की जानकारी  हम आपको आज इस लेख के जरिये देंगे। तो चलिए फिर शुरू करते हैं।

आहार में शामिल करें कुछ ख़ास आयुर्वेद के अनुसार

आयुर्वेद कई ट्रिक कि खूबियों को समेटे हुए है। कहते हैं कि आयुर्वेद के पास हर तरह की बिमारी का इलाज है। व्रत के दिनों में आप अपने आहार में ऐसी जड़ी बूटियों को शामिल करें, जिससे आपको एनर्जी मिले। व्रत के दौरान शरीर में उर्जा का स्तर भी बना रहेगा और हेल्थ भी सही रहेगी। जैसे आप पूरे दिन गुनगुने पानी का सेवन करें, मूंगफली के साथ त्रिफला जैसी चीजें अपने आहार में शामिल करें। ताकि आपको कमजोरी महसूस ना हो।

आहार में शामिल करें कुछ ख़ास

आयुर्वेद के अनुसार व्रत में जरुर पियें ये ख़ास चाय

व्रत में जरुर पियें ये ख़ास चाय

आयुर्वेदिक तरीके से बनाई गयी चाय आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। ये चाय कुछ अलग तरीके से बनाई जाती है। इस चाय को साबुत जीरा, साबुत धनिया, साबुत सौंफ से बनाकर तैयार किया जाता है। इस चाय शरीर के विषाक्त तत्वों को दूर करने में मदद मिलती है। इससे आपको एक फायदा ये भी मिलेगा कि आपको भूख कम लगेगी और पेट को आराम भी देगी।

आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला का करें सेवन

त्रिफला का इस तरह करें सेवन

त्रिफला आयुर्वेद का सबसे अच्छा संयोजक माना जाता है। इसमें कई गुणों का खजाना होता है। व्रत के दौरान ज्यादातर लोगों के लिए ये डिटॉक्सिफायर का काम करता है। साथ ही डाईजेशन भी ठीक रहता है। अगर व्रत के दिनों में आप अपने आहार में नीबू, अदरक, इलायची, पुदीना भी शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।

ड्राई फ्रूट्स का करें भरपूर सेवन आयुर्वेद के अनुसार

ड्राई फ्रूट्स का करें भरपूर सेवन

ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर को काफी एनर्जी मिलती है। आयुर्वेदिक नजरिये से देखने तो ड्राई फ्रूट्स स्किन से लेकर पेट तक के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। शोध के मुताबिक बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली जैसे ड्राई फ्रूट्स खाने कि सलाह इसलिए जाती है, क्योंकि इन सभी चीजों से शरीर को अच्छी खासी एनर्जी मिलती है।

आयुर्वेद के अनुसार गर्म पानी सबसे बढ़िया

गर्म पानी सबसे बढ़िया

आम दिनों में भी ज्यादा से ज्यादा पानी पीने कि सलाह इसलिए दी जाती है ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। बात जब व्रत की हो तो भी ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। लेकिन आयुर्वेद में व्रत के दौरान आप गुनगुना पानी पियें। इससे शरीर में सभी चीजें संतुलित रहती हैं और किसी भी तरह कि समस्या नहीं होती।

व्रत के दौरान सर दर्द होना आम बात है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर में काफी बदलाव व्रत के दौरान होते हैं। हमारे खान पान में काफी बदलाव होता है। जिसे हमारा शरीर एकदम से अपना नहीं पाता। लेकिन आयुर्वेद में बताये गए ये कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपने व्रत के आहार में बदलाव करके खुद को हेल्दी रख सकते हैं।

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