Dada dadi ki kahani : मैंने कुछ समय पहले एक कहानी तुम्हें सुनाई थी, जिसका नाम था-‘स्वर्ग के स्टूल’। तुम्हें याद होगा, मैंने बताया था कि ‘स्वर्ग’ और ‘नर्क’ क्या हैं। तो एक और कहानी सुनो, स्वर्ग के लोगों के बारे में। स्वर्ग के दरवाज़े पर एक दिन दो व्यक्ति एक साथ आए। एक बहुत […]
Category: दादा दादी की कहानी
बच्चों को जीवन के मूल्य सिखाने में कहानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पहले बच्चे दादा—दादी के पास बैठकर ऐसी कहानियां सुनते थे जिनसे उनका मनोरंजन भी होता था और वह नैतिक शिक्षा भी ग्रहण करते थे।
समय बदलने के साथ ही इंटरनेट युग में भी ऐसी कई कहानियां हैं जो बालमन को प्रभावित भी करते हैं और उन्हें शिक्षित भी कर रहे हैं। यहां दी गई हर एक कहानी एक छोटे से बच्चे के अनुसार लिखी गई है। जिसे पढ़कर उनके कोमल मन पर सार्थक प्रभाव पड़े।
गढ़ा हुआ खज़ाना – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक किसान अपने खेत में काम कर रहा था। तभी उसने एक बौने को एक जगह पर मिट्टी खोदते हुए देखा। उसने बौने से पूछा, ‘यहाँ मिट्टी क्यों खोद रहे हो?’ बौना बहुत ही चालाक था। उसने वहाँ एक घड़े में कुछ पत्थर भरकर दबा दिए थे। सबसे ऊपर उसने […]
कंजूस महिला – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बार ईश्वर अपना वेश बदलकर संसार के भ्रमण पर निकले। वे देखना चाहते थे कि संसार में कहाँ क्या चल रहा है। उन्होंने एक घर का दरवाजा खटखटाया। अंदर एक महिला रोटियाँ बना रही थी। यह महिला बहुत ही कंजूस थी। उसने काले रंग की घाघरा-चोली पहनी हुई थी […]
बंदर का जिगर – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक नदी में एक मगरमच्छ रहता था। नदी के किनारे पर केले का एक पेड़ था। मगरमच्छ हमेशा केलों की ओर ललचाकर देखता था, लेकिन वह तो पेड़ पर चढ़कर केले तोड़ नहीं सकता था, इसलिए बेचारा कुछ कर नहीं पाता था। एक बंदर अक्सर मगरमच्छ को केलों के लिए […]
हाँ या ना – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक लड़की शबनम अपने पति के साथ एक गाँव में रहती थी। शबनम हमेशा थोड़ी घबराई-सी और भ्रमित-सी रहती थी। उसके लिए सही शब्द है-कन्फ्यूज्ड, एकदम ‘कन्फ्यूज्ड’ रहती थी वह। एक दिन उसके पति ने कहा, ‘शबनम फ़सल पक गई है। तुम जाकर कटाई का काम शुरू करो। मुझे कुछ […]
डरपोक खरगोश – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : तुम जानते होगे कि ख़रगोश बड़े ही डरपोक होते हैं। एक ख़रगोश को अपनी डरने की आदत बहुत बुरी लगती थी। वह सोचा करता था-‘हे भगवान, आपने मुझे इतना डरपोक क्यों बनाया। ज़रा-सी आवाज़ हुई कि मैं डर जाता हूँ। कोई प्यार करने के लिए भी हाथ बढ़ाए तो भी […]
पाँच हिस्से – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : रूस नाम का एक बहुत बड़ा देश है। वहाँ एक किसान रहता था। एक दिन वह अपने खेतों में काम कर रहा था। तभी उसने देखा कि उसके राज्य के महाराज उसके खेत में आए। महाराज खड़े होकर देखने लगे कि वह कैसे ज़मीन में हल चला रहा है। फिर […]
सनी और तनु – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : सनी सात वर्ष का एक छोटा लड़का था। उसकी परीक्षाएँ आनेवाली थीं। इसीलिए मम्मी दिनभर कहती रहती थीं-‘सनी बेटा, थोड़ा पढ़ लो।’ सनी को भूगोल पढ़ना ज्यादा अच्छा नहीं लगता था। किसी देश में कितने राज्य हैं, कितने शहर हैं और कितने लोग रहते हैं यह जानकर उसे क्या फायदा […]
काम करने की इच्छा – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बहुत अमीर व्यक्ति था। उसका नाम था मुकुल। मुकुल का अभी तक विवाह नहीं हुआ था। उसके माता-पिता उसके लिए उचित कन्या की तलाश में थे। वे मुकुल के लिए एक ऐसी पत्नी चाहते थे, जो सुंदर हो, स्वभाव की अच्छी हो और घर का काम-काज भी अच्छी तरह […]
बचपन की यादें – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक शहर की एक गली में एक पुराना मकान था। उसमें एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था। उसका न कोई रिश्तेदार था न कोई दोस्त। वह हमेशा अकेला रहता था। इस पुराने मकान के ठीक सामने एक छोटा-सा घर था। उस घर में एक छोटा बच्चा रोहित, अपने माता-पिता के साथ […]
