Hindi Kahaniya Shorts: “क्या बात है भागवान …. पत्नी को देख श्यामलालजी बोले”मैं बचूँगी नहीँ अब आपको जी भर के देख लूँ छुट्टनदेवी ने कहा।अरे न..न अभी तो तुम बहुत जियोगी आज ही मैंने सपने में देखा कि तुमने यमराज से उम्र में फिर छूट ली है।“और जाते-जाते भी तुम किसी न किसी को अपने […]
Author Archives: सुमिता शर्मा
स्त्री का घर-गृहलक्ष्मी की कविता
बचपन मे सुनती थीबेटी घर का काम सीखअपना घर सजाया कर वो ख़ुशी ख़ुशी सबज़रूरी काम सीखघर को सजाने लगी त्यौहार पर रसोईतुलसी का चौराकभी बरगद मनोयोग सेमनौतियों के धागों सेसजाने लगी अपने घर मे जबभी कुछ मन से सजानेका सोचा तो उत्साहनिर्ममतापूर्वक तोड़कर कड़े शब्दों में सुनामन का अपने घरजाकर करना मेरा घर?हाँ बेटियाँ […]
एक न ययाति को-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahaniyan: जब तक किसी काम को पूरे समर्पण से न किया जाय तब तक वो उभर के नहीं आता”,पति विराज की यह बात सुनते ही रजनी के हाथ तेजी से थिरकने लगे।परांठे बेलते हुए वह भी एक जिम्मेदार स्त्री की ही भूमिका निभाती आ रही थी छः बरस से।रसोईघर में सुबह चार बजे ही […]
मर्द को दर्द…होता है-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Funny Story: लकी!… डॉक्टर रजत ने हेडफोन कानों में लगाये हुए अपने भतीजे लकी यानि अनिमेष से उसे कॉफी का मग पकड़ाते हुए कहा हाँ चाचू …..लकी ने अपने टॉल हैंडसम चाचू की तरफ़ ध्यान से देखते हुए कहा।बेटा कुछ भी हो जाये , पर तुम न शादी ज़रूर करना,ये कहते हुए उनकी आँखों में […]
इतना फ़र्क़ क्यों?-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Moral Stories: रचना और पुनीत एक शिक्षक दम्पति थे और दो बेहद प्यारी जुड़वाँ बेटियोँ के माता-पिता पर दोनों में ज़मीन आसमान का अंतर था दिखने में। जहां त्रिशा दिखने में बिल्कुल बार्बी डॉल सी लगती,वहीँ काकुल साधारण परन्तु बेहद कुशाग्र । उसकी बोलती आँखे और मीठी बोली सबको पल भर में अपना बना […]
लौट आईं ख़ुशियाँ-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Happiness Story: “दद्दा नहीं रहे” फ़ोन पर भैया के ये शब्द सुनते ही दिल अंदर तक दर्द से भर गया, पर तसल्ली थी बीना को कि जब माँ है, तब तक मायका।घर वापस जाते समय दोनों बहनें अम्मा से वादा करके गईं कि हम लोग बारी-बारी से आते रहेंगे। दोनों बहनें ही समय निकालकर अम्मा […]
फूल चुनने का मौसम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Prem Kahaniya: नन्दिनी …..पति राजवीर की रौबदार आवाज़ के साथ नन्दिनी का किसी जिन की तरह प्रगट होना तय होता। वरना दिनभर वह और उसका रूखापन उसे दिन तो दिन रात को भी चैन न लेने देता। मेरी ज़रूरी फाइल्स और कुछ कपड़े बैग में रख देना दो दिनों के लिए ऑफिस की ट्रेनिंग पर […]
बसन्त ठहर गया-दुखद हिंदी कहानियां
Basant Story: सरबतिया ओ ..बिटिया सरबतिया……. अपनी झोपड़ी के दरवाज़े के बाहर ,बड़ी हवेली हवेली वाले राजा ठाकुर के यहाँ काम करने वाले रामधन चच्चा की रौबदार आवाज सुनकर हुमक उठी थी नौ साल की नन्ही सी सरबतिया ……. अभी आई चाचा,उसने ख़ुशनुमा आवाज़ में कहा,और दुआ में हाथ ऊपर उठाकर बोली ,”अल्लाह आप बहुत […]
रिश्तों की डायबिटीज-दुखद हिंदी कहानियां
Family Story: रीता एक सरकारी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थीं तो उनका मायके आना जाना कम ही हो पाता था|पति विशाल जी भी अच्छी पोस्ट पर थे। तो साल में मात्र एक हफ़्ते के लिए ही वो मायके जा पाती थीं।बच्चों के कैरियर व पढ़ाई के चलते उनका रक्षाबंधन या भाई दूज […]
मकान को घर बनाने वाली का कोना कौन सा – दुखद हिंदी कहानियां
Hindi Kahaniya: “क्या बताऊँ मम्मी, आजकल तो बासी कढ़ी में भी उबाल आया हुआ है| जबसे पापा जी रिटायर हुए हैं दोनों लोग फिल्मी हीरो हीरोइन की तरह दिन भर अपने बगीचे में ही झूले पर विराजमान रहते हैं| न अपने बालों की सफेदी का लिहाज है न बहू बेटे का, इस उम्र में दोनों […]
