Yamini Mazumdar
Yamini Mazumdar

Yamini Mazumdar: अधिकतर लोग रिटायरमेंट के बाद सुबह की वॉकिंग शुरू करते हैं। पुराने दोस्तों से मिलना-जुलना शुरू करते हैं और पास के किसी सामुदायिक केंद्र में सदस्य बन जाते हैं जिससे की उनका टाइमपास होता रहे। वह भी, यह शेड्यूल पुरुषों का है। घर की महिलाओं के लिए रिटायरमेंट जैसी कोई उम्र नहीं होती और उन्हें अंतिम समय तक घर के काम करने पड़ते हैं। अगर घर में बहु आ जाती है तो घर के कामों में केवल मदद मिलती है। क्योंकि अभी भी अपने पति से जुड़ी सारी जिम्मेदारियां और काम (जिसमें कपड़े धोना, उनकी चीजों का संभालकर रखना आदि) एक महिला ही करती है। महिलाओं में ये आदत शायद प्राकृतिक तौर पर मौजूद होती हैं इसलिए कोई महिला शिकायत भी नहीं करतीं। कई महिलाएं तो ऐसी होती हैं कि वे अगर घर में खाली होती हैं तो अपना नया बिजनेस शुरू करने का रिस्क भी उठा लेती हैं। इनमें से एक ऐसा ही नाम है यामिनी मजूमदार का जिन्होंने रिटायरमेंट जैसी उम्र में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की हिम्मत की वह भी अपने पति द्वारा दिए गए शेयरों को बेचकर। तो आइए जानते हैं कौन है यामिनी मूजमदार जिन्होंने 68 साल की उम्र में आराम करने के बजाय 12 घंटे काम करने का रास्ता चुना?

कौन है यामिनी मजूमदार?

यामिनी मजूमदार देश की प्रसिद्ध बिजनेसवूमेन किरण मजूमदार शॉ की मां हैं। बायोकॉन लिमिटेड की संस्थापक व अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ को पूरी दुनिया में हर कोई जानता है। इन्हें भारत सरकार साल 1989 में पद्म श्री और साल 2005 में पद्मभूषण सम्मानित कर चुकी है। किरण ने अधिकतर या यूं कहें कि लगभग सभी इंटरव्यू में अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया है। वह कहती हैं, “यह मेरी मां ही हैं जिन्होंने मेरे अंदर बिजनेस का गुण पिरोया है और जिनकी वजह से मैं इस मुकाम पर हूं।”

पति की मौत के बाद टूटी नहीं बल्कि शुरु किया बिजनेस

इसलिए आज हम किरण मजूमदार की मां के बारे में जानेंगे जिन्होंने पति की मौत के बाद रोने के बजाय बिजनेस शुरू करने का रिस्क उठाया। वह भी 68 साल की उम्र में। वर्तमान में यामिनी की 91 साल की हैं और यह बिजनेस उन्होंने 68 साल की उम्र में शुरू किया था। उन्होंने अपने पति की मौत के बाद अपना सबकुछ दांव पर लगाकर एक बिजनेस केवल इसलिए शुरु किया ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें।

Yamini Mazumdar
Not broken after husband’s death but started business

रोज किया 12 घंटे काम

जैसा कि आप सभी को मालूम है कि किसी भी नए बिजनेस को सेट करने के लिए दिन-रात की मेहनत जरुरी होती है। ये बात यामिनी भी जानती थीं और उन्होंने भी 68 साल की उम्र में रोज 12 घंटे काम कर इस बिजनेस को इन सफलता की ऊंचाईयों में पहुंचाया। आज 21 साल बाद भी वह अपने बिजनेस को उसी शिद्दत से संभाल रही हैं। यामिनी ने फिर से साबित कर दिया है कि अगर श्रद्धा हो और कुछ करने की लगन हो तो उम्र केवल एक नम्बर बन कर रह जाती है।

सामान्य हाउसवाइफ से बनीं बिजनेसवुमन

यामिनी शुरू से एक सामान्य लड़की रही थीं। ग्रेजुएशन करने के दौरान ही शादी हो गई और फिर एक बच्चे ने जन्म लिया और पूरी तरह से अपने परिवार में ही रच बस गईं। परिवार के अलावा ना यामिनी ने कभी कुछ सोचा था और ना सपने देखे थे।
लेकिन पति की मौत के बाद यामिनी के जीवन में एकाएक अकेलापन आ गया। इस अकेलेपन को दूर करने के लिए यामिनी ने किसी भी तरह के क्लब को ज्वॉइन करने के बजाय बिजनेस शुरू करने का फैसला किया जिससे कि उन्हें किसी भी उम्र में किसी के ऊपर फाइनेंशियली डिपेंड ना रहना पड़े। इसके लिए उन्होंने 1990 में एक ड्राई क्लीनिंग और लॉन्डरी बिज़नेस ‘जीव्स’ की शुरूआत की। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए उन्होंने अपना घर गिरवी रख दिया और अपने पति से मिले शेयर तक बेच दिए थे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि यामिनी को बिजनेस चलाने का कोई अनुभव भी नहीं था और ना ही उन्होंने ऐसी कोई पढ़ाई की थी। लेकिन उन्हें खुद पर पूरा भरोसा था और इस भरोसे की वजह से ही वह आगे बढ़ती गईं। उन्होंने कंपनी को सफल बनाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी।
अपनी मां के इसी विश्वास के कारण किरण उन्हें अपनी प्रेरणा मानती हैं। किरण कहती हैं, “आप मेरे लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा हैं।”

Yamini Mazumdar
Yamini with Daughter Kiran Mazumdar

1999 में शुरू कि अपनी कंपनी

यामिनी (Yamini Mazumdar) ने 1999 में ड्राई क्लीनिंग कंपनी की शुरुआत कि जिसमें हाई एंड और इम्पोर्टेड ड्राई क्लीनिंग मशीनों को लगाया गया। यह कंपनी की पहली ड्राई क्लीनिंग यूनिट थी। इस तरह की इंपोर्टेड लॉन्ड्री यूनिट उन दिनों आम नहीं थी। यह उस जमाने का नया कदम था। इस कंपनी में यामिनी के साथ पांच लोगों की टीम ने काम करना शुरू किया। शुरू-शुरू में लोगों के बीच इस कंपनी को लेकर कोई दिलचस्पी नजर नहीं आई। लेकिन वे अपने काम में लगी रहीं और लगभग धीरे-धीरे सफल होते-होते लगभग एक दशक के बाद अपने सारे कर्ज उतार दिए।

अब भी करती हैं 4 घंटे काम

वर्तमान में यामिनी 91 साल की हैं और अब भी रोज ऑफिस जाती हैं और रोज 4 घंटे काम करती हैं। करीब 3 साल पहले दिए गए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि आपको आराम करने मन नहीं करता तो उन्होंने कहा था, “मैं खाली नहीं बैठना चाहती थी। इसलिए मैंने अपना काम शुरू करने का फैसला किया। मैं रोज़ ऑफिस जाती हूं और 4 घंटे काम करती हूं। अभी मेरी उम्र ही क्या है, सिर्फ 88 साल की तो हूं।”

Yamini Mazumdar
Currently Yamini is 91 years old and works 4 hours a day

कोविड के समय भी कर्मचारियों को दिया वेतन

आज यामिनी के बिजनेस में 40 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। कोविड के समय में जब हर कंपनी छंटनी कर रही थी तब भी यामिनी ने अपने सारे कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया। वे अपने हर कर्मचारी के साथ हाथ बांधकर खड़ी रहीं। किरण बताती हैं, “वास्तव में उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों को एक कोविड भत्ता दिया और यह सुनिश्चित किया कि भले ही वे काम न कर रहे हों, लेकिन उनके वेतन से पैसा न काटा जाए।”

बैंगलुरू है पहली और खास पसंद

यामिनी को बैंगलोर काफी पसंद है। इस शहर से इनका खास जुड़ाव है। जब भी उनके सामने बैंगलुरू का नाम लिया जाता है तो वे तुरंत जवाब देती हैं, “मैं यहां दुल्हन बनकर आई थी।”

अपने अधिकारों के प्रति जागरुक

यामिनी जितनी उत्साह से अपना काम करती हैं उतनी ही जागरुकता से वह अपने अधिकारों का उपयोग भी करती हैं। 2018 में कर्नाटक के चुनाव में वह जब वोट डालने आईं तो न्यूज़ मिनट की वरिष्ठ संपादक गीतिका मंत्री की नजर उनपर गईं। तब गीतिका ने उनसे वोट डालने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “वोट देना हमारा अधिकार है। अगर लोग वोट नहीं देना चाहते हैं, तो चुनाव का क्या मतलब है? वे किसी को भी नियुक्त कर सकते हैं! सभी को मतदान करना चाहिए। ”

जब वाजपेयी जी कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं

एक सवाल उनसे हर कोई पूछता है कि इस उम्र में बिजनेस शुरू करने की क्या जरूरत है या इस उम्र में काम करने की क्या जरूरत है? इन सारे सवालों के जवाब में वह कहती हैं, “अगर वाजपेयी (जो भारत के उस समय प्रधानमंत्री थे) 75 साल की उम्र में देश पर राज़ कर सकते थे, तो मैं निश्चित रूप से 68 साल की उम्र में काम कर सकती हूं।”
यामिनी सच में उन सारी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो उम्र के पड़ाव और पारिवारिक स्थितियों का रोना रोती हैं।

Leave a comment