Summary: स्कूल जाने वाले बच्चों का डेली रूटीन: अनुशासन और ऊर्जा से भरपूर दिन की शुरुआत
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए एक अनुशासित और संतुलित डेली रूटीन न केवल उनकी पढ़ाई बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी ज़रूरी है। सही समय पर उठना, पौष्टिक भोजन, खेलकूद और पर्याप्त नींद से बच्चे हर दिन एनर्जी और आत्मविश्वास से भरपूर रहते हैं।
A Perfect Daily Routine: हर माता-पिता की यह इच्छा होती है कि उनका बच्चा पढ़ाई में तो अच्छा करे ही लेकिन साथ ही शारीरिक और मानसिक रूप से भी पूरी तरह से स्वस्थ रहे। इसके लिए सबसे ज़रूरी है एक संतुलित और अनुशासन से भरा डेली रूटीन। जब आपके बच्चे का दिन तय समय पर शुरू होता है और संतुलित तरीके से पूरा दिन बिताया जाता है, तो न केवल उसकी एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी विकसित होता है। बचपन से ही अच्छी आदतें अपनाने पर आपका बच्चा अच्छा इंसान बनता है।

आइए जानते हैं स्कूल जाने वाले बच्चों का दिन कैसा रहना चाहिए ताकि वे खुश और एनर्जी से भरपूर बने रहें।
सुबह की शुरुआत
बच्चे का दिन सही तरीके से शुरू हो, इसके लिए सबसे ज़रूरी है सुबह जल्दी उठना। कोशिश करें कि बच्चा रोज़ एक ही समय पर उठे , आमतौर पर सुबह 6:00 से 6:30 बजे तक। उठते ही उसे एक गिलास गुनगुना पानी या नींबू पानी पीने की आदत डालें। कुछ मिनट हल्की एक्सरसाइज़, योग या स्ट्रेचिंग से दिन की शुरुआत करें। इससे बच्चे का दिमाग़ और शरीर दोनों एक्टिव रहते हैं। नहाने और ब्रश करने के बाद बच्चे को पौष्टिक नाश्ता दें, ध्यान दें ये तीन बातें कभी न छूटें। नाश्ते में आप अंडा, दलिया, पराठा-सब्ज़ी, ओट्स या फ्रूट जैसी चीजों से बच्चों के दिन की अच्छी शुरुआत होगी।
स्कूल में बीतने वाला समय
स्कूल का समय बच्चों की दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा होता है। स्कूल जाने से पहले बच्चे को घर पर बना खाना रख कर लंच बॉक्स में दें, स्कूल की कैंटीन आदि से उसे परहेज़ करवाएं और पानी की बोतल देना बिलकुल न भूलें। उसके टिफिन में हेल्दी और एनर्जी देने वाला खाना रखें — जैसे वेज सैंडविच, उपमा, पराठा साथ में फल। स्कूल में बच्चे को क्लास पर ध्यान देना, टीचर्स का सम्मान करना और दोस्तों से विनम्रता से पेश आना सिखाएं। स्कूल के बाद आने पर थोड़ा आराम का समय ज़रूर दें, ताकि वह तरोताज़ा महसूस करे।
दोपहर और शाम की दिनचर्या
स्कूल से लौटने के बाद बच्चे को हेल्दी स्नैक दें, जैसे मूंग दाल चीला, पॉपकॉर्न, फल या दूध। थोड़ी देर आराम करने या झपकी लेने के बाद उसे होमवर्क करने के लिए कहें और साथ में बैठ जाएं ताकि बच्चे के अंदर आत्मविश्वास बना रहे। रोज़ाना 1 से 1.5 घंटे की पढ़ाई का फिक्स समय तय करें ताकि बच्चे में अनुशासन बना रहे। शाम के समय बच्चों को खेलकूद या आउटडोर एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें। इससे उनकी शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।
रात का समय

रात के खाने में हल्का और पौष्टिक भोजन दें , जैसे दाल, सब्ज़ी, चपाती और सलाद। खाने के बाद 15–20 मिनट का फैमिली टाइम या बातचीत का समय जरूर रखें, जिससे बच्चा अपनी दिनभर की बातें परिवार के साथ साझा कर सके। सोने से पहले बच्चे को अगले दिन की चीज़ें बैग, यूनिफॉर्म आदि तैयार करने की आदत डालें। इस तरह बच्चा आत्मनिर्भर बनता है। कोशिश करें कि बच्चा रात 9:00 से 9:30 बजे तक सो जाए। कम से कम 8–9 घंटे की नींद लेने पर बच्चों की ग्रोथ और याददाश्त अच्छी होती है।
कुछ अतिरिक्त टिप्स
बच्चे को मोबाइल और टीवी से सीमित समय तक ही जोड़ें। हर दिन थोड़ी देर कहानी सुनने या किताब पढ़ने की आदत डालें। उसे सकारात्मक सोच, धन्यवाद कहना और अनुशासन सिखाएं। माता-पिता खुद भी इसी दिनचर्या का पालन करें, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं।
