monowi village
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ये है धरती का सबसे छोटा गांव, जहां रहती है सिर्फ 1 महिला!

Know About Monowi village : घर में 1 से 2 लोगों का रहना काफी कॉमन है, लेकिन क्या आपने ऐसे गांव का नाम सुना है, जहां सिर्फ 1 ही महिला रहती हो? आपको ये बात सुनकर हैरानी होगी, लेकिन यह बिल्कुल सच है। आइए जानते हैं इस गांल के बारे में-

Monowi Village: अब तक आपने ऐसे घर जरूर देखें होंगे, जिसमें सिर्फ 1 ही लोग रहते हैं। लेकिन क्या आप किसी ऐसे गांव का नाम जानते हैं, जहां सिर्फ 1 ही व्यक्ति रहता हो? अगर नहीं, तो आपको सुनकर हैरानी होगी कि दुनिया में ऐसा भी एक गांव हैं, जिसका नाम मोनोवी (Monowi) है। यह अमेरिका के नेब्रास्का राज्य का एक छोटा सा गांव है, जो अपनी इस अनोखी विशेषता के कारण दुनियाभर में मशहूर हो रहा है।

खबरों में बताया जा रहा है कि मोनोवी गांव में एल्सी आइलेर (Elsie Eiler) नाम की एक महिला रहती है, जो इस गांव की अकेली निवासी हैं और पिछले कई सालों से वो यहां अकेले रह रही हैं।

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कुछ दशकों पहले यहां करीब 150 लोग रहते थे। समय के साथ लोग रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर चले गए और गांव खाली होता गया। 2004 में एल्सी आइलेर के पति, रुडी आइलेर, के निधन के बाद, एल्सी यहां अकेली रह गईं। तब से वह गांव की एकमात्र निवासी हैं और मोनोवी को जीवित रखने का सारा जिम्मा उन्हीं पर है।

एल्सी मोनोवी की इकलौती निवासी हैं, इसलिए वे खुद गांव की मेयर, लाइब्रेरियन और बुककीपर हैं। गांव की लाइसेंस, टैक्स और अन्य आवश्यक कागजी कार्रवाई भी वे ही पूरी करती हैं। हर साल वह खुद अपने लिए टैक्स का भुगतान करती हैं ताकि गांव को कानूनी तौर पर बना रखा जा सके।

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एल्सी मोनोवी में एक टेवर्न चलाती हैं, जिसे “मोनोवी टेवर्न” कहा जाता है। यहां दूर-दूर से पर्यटक और ट्रक ड्राइवर आते हैं, जिससे उनकी टेवर्न ही उनकी आय का मुख्य साधन है। यह टेवर्न मोनोवी का एकमात्र व्यावसायिक स्थल है, और इसने गांव को मानचित्र पर बनाए रखा है। मोनोवी में एक छोटी सी लाइब्रेरी भी है, जिसे एल्सी ने अपने पति की याद में बनवाया था। यहां करीब 5,000 किताबें हैं और यह गांव की एक अन्य खास पहचान है।

मोनोवी विलेज, सिर्फ एक गांव से अधिक, अपने आप में एक उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपने गांव की परंपराओं और इतिहास को जीवित रख सकता है। यह गांव लोगों को अकेलेपन में भी जीवन की सुंदरता का अहसास कराता है और यह दर्शाता है कि प्यार और लगाव से एक अकेला व्यक्ति भी अपने गांव को संभाल सकता है।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...