Parents Should Know Before Kids Get Their First Phone
Parents Should Know Before Kids Get Their First Phone

Smartphone Tips For Parents: आजकल हम सभी स्मार्टफोंस और डिजिटल वर्ल्ड की अहमियत और पावर को बखूबी जानते और समझते हैं। ऐसे में पेरेंट्स के लिए अपने बच्चे को डिजिटल दुनिया से प्रोटेक्ट पाना थोड़ा सा मुश्किल है। इसीलिए आजकल स्मार्टफोन और टेक्नोलॉजी ने बच्चों को पूरी तरह जकड़ रखा है। हम सभी जानते हैं, स्मार्टफोन एक बेहतरीन एजुकेशनल रिसोर्स है जिससे बच्चे को अलग कर देना किसी समस्या का हल नहीं है। इसलिए आपको सावधानी से टेक्नोलॉजी और स्मार्टफोन से बच्चों को अवगत करवाना चाहिए। आजकल डिजिटल सिक्योरिटी के लिए बच्चों को सही टेक्निकल एजुकेशन देना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ कॉमन गलतियों को पहचानकर उनसे बचना चाहिए।

Also read: बच्चों की हड्डियों को मजबूती देते हैं ये वेजिटेरियन फूड्स: Vegetarian Foods for Bones

बच्चे को स्मार्ट फोन का एक्सेस देने से पहले करें डिजिटल वर्ल्ड के लिए तैयार: Common Smartphone Tips For Parents

सबसे पहले सुधारें अपनी आदतें

Common Smartphone Tips For Parents
Common Smartphone Tips For Parents

हम सभी जानते हैं, छोटे बच्चे घर में बड़ों या खासकर अपने पेरेंट्स के बरताव या उन्हीं की अधिकतर आदतों को सीखते हैं। ऐसे में अगर आपको भी फोन बार-बार चेक करते रहने की आदत है। या आप फैमिली टाइम से ज्यादा फोन पर समय बिताना पसंद करते हैं। तो ध्यान रखें आपका बच्चा भी इन्ही आदतों को सीखेगा और अपनाएगा। इसीलिए अगर आप अपने बच्चे में ऐसे कोई आदत नही चाहते हैं, तो आपको खुद भी बच्चे के सामने पॉजिटिव उधारण सेट करना चाहिए।

अनलिमिटेड स्क्रीन टाइम है, खतरनाक

आजकल अधिकतर लोगों के पास अपना एक पर्सनल स्मार्टफोन है। जिसका इस्तेमाल कई अलग अलग जरूरतों के लिए किया जाता है। लेकिन, स्मार्ट फोन का अनलिमिटेड एक्सेस या अनलिमिटेड इस्तेमाल आपकी ओवरऑल हेल्थ को खराब कर सकता है। ऐसे में खासकर अगर आप एक पैरेंट हैं, तो अनलिमिटेड स्क्रीन टाइम आपके बच्चे की फिजिकल हेल्थ, स्लीप पैटर्न और सोशल इंटरेक्शन को खत्म कर सकता है। इसके लिए डेली स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करना और ब्रेक लेना बेहद जरूरी है।

बच्चे के कंटेंट को मॉनिटर करें

bachche ke content ko monitor karen
bachche ke content ko monitor karen

आजकल अधिकतर बच्चे या तो अपने पेरेंट्स के मोबाइल फोन या कई बार अपने पर्सनल मोबाइल फोन का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन सेफ्टी के लिए पेरेंट्स को बच्चे के कंटेंट को रेगुलरली मॉनिटर करना चाहिए। आप इसके लिए उनके इस्तेमाल करने वाले ऐप्स को मॉनिटर करने के साथ उनकी उम्र के हिसाब से कंटेंट पर रिस्ट्रिक्शन लगाएं। ऐसा करने से बच्चों को सही गलत का अंदाजा रहेगा और आप किसी भी तरह की परेशानी से बचे रहेंगे।

बच्चे को करें साइबरसिक्योरिटी के लिए एजुकेट

आजकल पेरेंट्स अपने बच्चों को स्मार्टफोन का एक्सेस देते हुए उन्हें ऑनलाइन सेफ्टी और साइबर सिक्योरिटी के लिए एजुकेट करना अक्सर भूल जाते हैं। जो उन्हें साइबरबुलिंग और ऑनलाइन फ्रॉड जैसे रिस्क में धकेल सकता है। इसके लिए आपको बच्चों के साथ इस विषय पर बात जरूर करनी चाहिए। जिससे वे पर्सनल इनफॉर्मेशन को प्रोटेक्ट करने के साथ सस्पीशियस बिहेवियर को समझ सके और सुरक्षित रहें।

बच्चे को न बनने दें स्मार्ट फोन का गुलाम

आजकल के अधिकतर पेरेंट्स बच्चे को टेक्निकल एक्सपर्ट या स्मार्ट बनाने के चक्कर में कुछ जरूरी बातें सीखना भूल जाते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं, की बच्चा टैक फील्ड में अच्छा करे। तो आपको उसे रिस्पॉन्सिबल और रिस्पेक्टफुल स्मार्टफोन यूजर बनने में मदद करनी चाहिए। जिसके लिए आप उनसे डिजिटल प्राइवेसी, डिजिटल कम्युनिकेशन, डिजिटल इंटरेक्शन और डिजिटल सिक्योरिटी जैसे विषयों पर बात कर सकते हैं।

मैं रेनुका गोस्वामी, विगत पांच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। डिजिटल पत्रकारिता में एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और हेल्थ पर लेखन का अनुभव और रुचि है, वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं। पूर्व में मैंने दैनिक...