भारत की 20 ऐतिहासिक इमारतें जरूर देखें
भारत की ऐतिहासिक इमारतों पर यहाँ की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती हैंI आइए जानते हैं भारत की प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों के बारें मेंI
20 Historical Monuments of India: भारत की कला और संस्कृति पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैI यही कारण है कि दूर-दूर से पर्यटक यहाँ की संस्कृति को देखने के लिए आते हैंI यहाँ के हर कोने में भव्य महल, प्राचीन किले और राजसी इमारतें पर्यटकों का स्वागत करती हैंI यहाँ मौजूद ऐतिहासिक इमारतों पर भी यहाँ की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती हैंI यहाँ की इमारतें रोमांस, बहादुरी, ताकत और लड़ाई की कहानियों को दर्शाती हैंI आइए जानते हैं भारत की प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों के बारें मेंI
भारत की 20 प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतें- 20 Historical Monuments of India
| इमारत | शहर से दूरी/किलोमीटर |
| ताज महल (Taj Mahal) | 5.6 |
| आगरा किला (Agra Fort) | 4.7 |
| लाल किला (Red Fort) | 2.7 |
| कुतुब मीनार (Qutub Minar) | 24.8 |
| हुमायूँ का मकबरा (Humayun’s Tomb) | 12.7 |
| फ़तेहपुरी सीकरी (Fatehpuri sikri) | 36.5 |
| हवा महल (Hawa Mahal) | 4.1 |
| खजुराहो मंदिर (Khajuraho Temple) | 5.9 |
| साँची स्तूप (Sanchi Stupa) | 46 |
| कोणार्क मंदिर (Konark Temple) | 62 |
| महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple) | 16.8 |
| रानी की वाव (Rani ki Vav) | 131 |
| विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria Memorial) | 6.9 |
| जलियाँवाला बाग (Jallianwala Bagh) | 3.5 |
| ग्वालियर किला (Gwalior Fort) | 3.5 |
| स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) | 2.2 |
| इंडिया गेट (India Gate) | 8.6 |
| मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort) | 5.5 |
| आमेर किला (Amer Fort) | 11.4 |
| कुंभलगढ़ किला (Kumbhalgarh Fort) | 106 |
ताज महल (Taj Mahal)

भारत की ऐतिहासिक इमारतों में सबसे पहला नाम ताज महल का ही आता हैI इस भव्य सफेद संगमरमर की संरचना का निर्माण 1632 में शाहजहाँ ने अपनी दिवंगत पत्नी मुमताज महल के लिए करवाया थाI इस ऐतिहासिक स्थान को बनवाने में तक़रीबन 22 साल लगेI इसे देखने के लिए केवल देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी यहाँ पर्यटक घूमने के लिए आते हैंI
प्रवेश शुल्क
इस स्थान को देखने के लिए आपको प्रवेश शुल्क का भुगतान करना पड़ता हैI यहाँ भारतीय पर्यटकों को 40 रूपए का और विदेशी पर्यटकों को 1000 रूपए का प्रवेश टिकट लेना पड़ता हैI
आगरा किला (Agra Fort)

आगरा किला भारत की प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों में से एक हैI यह किला लाल बलुआ पत्थर से बना हैI इसका निर्माण 1565 में अकबर द्वारा करवाया गया थाI इस ऐतिहासिक पर्यटन स्थल में दो सुंदर डिजाइन वाले द्वार बने हुए हैं, पहला अमर सिंह गेट और दूसरा दिल्ली गेटI यह किला आगरा में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहों में से एक माना जाता हैI
प्रवेश शुल्क
यहाँ अन्दर प्रवेश करने के लिए भारतीय पर्यटकों को 40 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 550 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI
लाल किला (Red Fort)

भारत की ऐतिहासिक पर्यटन इमारतों में एक इमारत दिल्ली का लाल किला भी हैI इसका निर्माण कार्य 1638 में शुरू हुआ था और यह 1648 में बन कर तैयार हुआI इसे तैयार करने में दस वर्षों का समय लगा थाI इस किले का निर्माण तब किया गया था जब शाहजहाँ ने राजधानी को आगरा से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया थाI
प्रवेश शुल्क
लाल किला देखने के लिए भारतीय पर्यटकों को 10 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 250 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI यह किला प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम के 4:30 बजे तक खुला रहता हैI यह किला सोमवार को बंद रहता हैI
कुतुब मीनार (Qutub Minar)

कुतुब मीनार अपनी जटिल लाल बलुआ पत्थर की मंजिलों के साथ भारत-मुस्लिम वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता हैI इसकी नक्काशी और कुरान की आयतों से युक्त हैं और ज्यादातर अरबी और नागरी में हैI ऐसा कहा जाता है कि इसका नाम कुतुब-उद-दीन ऐबक के नाम पर पड़ा है, जो उत्तर भारत का पहला मुस्लिम शासक थाI
प्रवेश शुल्क
यहाँ भारतीय पर्यटकों के लिए 10 रूपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 250 रूपए का प्रवेश टिकट लगता हैI यह स्थान सुबह 7 बजे से शाम के 5 बजे तक खुला रहता हैI यहाँ हर शाम 6:30 से 8 बजे तक डेकोरेटिव लाइट शो का आयोजन किया जाता हैI साथ ही अक्टूबर व नवंबर के महीने में कुतुब मीनार महोत्सव का आयोजन भी होता हैI
हुमायूँ का मकबरा (Humayun’s Tomb)

हुमायूँ का मकबरा भारतीय और फ़ारसी वास्तुकला का एक सुंदर नमूना पेश करता हैI हुमायूँ की पत्नी हमीदा बानू बेगम ने 15वीं शताब्दी में अपने पति के लिए इस मकबरे का निर्माण करवाया थाI यह दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन इमारतों में से एक है, जिसे हर किसी को एक बार अवश्य देखना चाहिएI
प्रवेश शुल्क
यहाँ भारतीय के लिए 40 रूपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 510 रूपए प्रवेश शुल्क का भुगतान करना पड़ता हैI यह सुबह 7 बजे से शाम के 7 बजे तक खुला रहता हैI यह किला प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता हैI
फ़तेहपुरी सीकरी (Fatehpuri sikri)

अकबर के शासनकाल में शाही शहर फ़तेहपुर सीकरी मुग़ल काल की राजधानी हुआ करती थीI यह शाही शहर भारत की ऐतिहासिक पर्यटन इमारतों में से एक हैI इसमें कभी महल, सार्वजनिक भवन, मस्जिद, राजा, सेना और नौकरों के लिए आवास स्थल हुआ करते थेI
प्रवेश शुल्क
यहाँ आने पर भारतीयों को 40 रूपए और विदेशियों को 500 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI यह सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता हैI शुक्रवार को यहाँ आने से बचें, क्योंकि यह स्थान शुक्रवार को बंद रहता हैI
हवा महल (Hawa Mahal)

हवा महल को पैलेस ऑफ विंड्स’ भी कहा जाता हैI यह शानदार आकर्षण महल जयपुर के लोकप्रिय पर्यटन इमारतों में से एक हैI यह अपनी घुमावदार वास्तुकला के लिए भारत की प्रसिद्ध इमारतों में शामिल हैI इसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के रूप में भी जाना जाता है, जिसकी कोई नींव नहीं हैI
प्रवेश शुल्क
भारतीय पर्यटकों को यहाँ 10 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 50 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI यह सुबह के 9.30 बजे से शाम के 4.30 बजे तक खुला रहता हैI
खजुराहो मंदिर (Khajuraho Temple)

खजुराहो को हमेशा से ही एक ऐसी जगह के रूप में जाना जाता है जो कामुकता का सर्वोत्तम उदाहरण पेश करता हैI लेकिन यह एक गलत धारणा है क्योंकि यहाँ केवल 10 प्रतिशत मूर्तियाँ ही कामुक हैं, बाकी सभी मूर्तियाँ सामान्य चित्रण वाली हैंI
प्रवेश शुल्क
यहाँ भारतीय को 10 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 250 रूपए का प्रवेश टिकट लेना पड़ता हैI यह सुबह के 8 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक प्रवेश के लिए खुला रहता हैI
साँची स्तूप (Sanchi Stupa)

साँची स्तूप बौद्ध धर्म के सबसे धार्मिक स्थानों में से एक हैI यहाँ बुद्ध के अवशेष हैंI इस प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारत का निर्माण महान सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में करवाया थाI साँची स्तूप का गुंबद कानून के चक्र का प्रतीक है और यह स्तूप वास्तव में बुद्ध के जीवन और मृत्यु के चक्र की स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता हैI
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश शुल्क का भुगतान करना पड़ता हैI यहाँ भारतीय के लिए 10 रूपए और विदेशियों के लिए 250 रूपए का प्रवेश टिकट लगता हैI यहाँ आप सुबह 8.30 बजे से शाम के 5 बजे तक प्रवेश कर सकते हैंI
कोणार्क मंदिर (Konark Temple)

कोणार्क मंदिर बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित हैI यहाँ की वास्तुकला उत्कृष्ट विवरण का प्रतीक हैI इस मंदिर के प्रवेश द्वार पर दो शेरों को हाथियों को कुचलते हुए दिखाया गया है और हाथी के पैर के पास एक मानव शरीर पड़ा हुआ हैI
प्रवेश शुल्क
इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आपको भुगतान करना पड़ता हैI यहाँ भारतीय के लिए 10 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 250 रूपए प्रवेश शुल्क के रूप में देना पड़ता हैI
महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple)

महाबोधि मंदिर, बौद्ध धर्म के चार पवित्र आधारों में से एक हैI ऐसा कहा जाता है कि यह वह स्थान है जहाँ बुद्ध को अंजीर के पेड़ के नीचे ध्यान करते समय ज्ञान की प्राप्ति हुई थीI बोधि वृक्ष अंजीर के पेड़ का वंशज है और यह ठीक मंदिर के पास में ही स्थित हैI यहाँ मंदिर में दाहिने हाथ से पृथ्वी को छूते हुए बुद्ध की एक विशाल मूर्ति भी हैI
प्रवेश शुल्क
यह स्थान सभी पर्यटकों के लिए बिलकुल निशुल्क है, यहाँ कोई प्रवेश शुल्क नहीं लगता हैI आप यहाँ सुबह 5 बजे से रात के 9 बजे तक कभी भी आ सकते हैंI
रानी की वाव (Rani ki Vav)

रानी की वाव एक बावड़ी है और यह गुजरात में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगह हैI इसकी गिनती सबसे अज्ञात ऐतिहासिक इमारतों में की जाती हैI इस बावड़ी का निर्माण 11वीं शताब्दी में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव की स्मृति में उनकी पत्नी रानी उदयमती ने करवाया थाI
प्रवेश शुल्क
इस बावड़ी को देखने के लिए भारतीय पर्यटकों को 5 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 135 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI यह सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता हैI
विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria Memorial)

विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता में स्थित हैI इसका निर्माण भारत में ब्रिटिश काल के दौरान किया गया थाI यहाँ भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी घूमने आना पसंद करते हैंI
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश करने के लिए सभी पर्यटकों को भुगतान करना पड़ता हैI यहाँ के लिए भारतीय पर्यटकों को 20 रूपए का और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रूपए का प्रवेश टिकट लगता हैI यह प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक प्रवेश के लिए खुला रहता हैI
जलियाँवाला बाग (Jallianwala Bagh)

जलियाँवाला बाग़ अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास में ही स्थित हैI यह बाग़ लगभग 6.5 एकड़ में फैला हुआ हैI यह वही स्थान है जहाँ पर जनरल डायर ने बैसाखी के दिन सामूहिक गोलीबारी का आदेश दिया थाI इस घटना में हजारों निर्दोष लोगों की मौत हो गई थीI
प्रवेश शुल्क
यहाँ पर्यटकों को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता हैI यहाँ सभी पर्यटक निःशुल्क घूम सकते हैंI यह सुबह 6:30 बजे से शाम के 7:30 बजे तक प्रवेश के लिए खुला रहता हैI
ग्वालियर किला (Gwalior Fort)

ग्वालियर किला एक प्रसिद्ध किला है और यह ग्वालियर शहर में स्थित हैI इसका निर्माण छठी शताब्दी में या उससे पहले किया गया थाI मुगल सम्राट बाबर ने इस जगह को भारतीय किलों के बीच एक मोती बताया थाI
प्रवेश शुल्क
यहाँ वयस्कों के लिए 75 रूपए का प्रवेश टिकट लगता है, जबकि 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रवेश निःशुल्क हैI यह किला सुबह के 6 बजे से शाम के 5:30 बजे तक खुला रहता हैI
स्वर्ण मंदिर (Golden Temple)

स्वर्ण मंदिर पूरी दुनिया में सबसे प्रसिद्ध गुरुद्वारों में से एक हैI यह गुरुद्वारा अमृतसर में स्थित है और यहाँ हर दिन एक लाख से भी ज्यादा लोग लंगर खाते हैंI हालाँकि यह काफी समय से मौजूद है, लेकिन इसे 1830 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा शुद्ध सोने और संगमरमर से दोबारा बनवाया गया थाI
प्रवेश शुल्क
यहाँ किसी भी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं लगता हैI यह गुरुद्वारा सभी के लिए निःशुल्क हैI
इंडिया गेट (India Gate)

इंडिया गेट दिल्ली के राजपथ पर स्थित 42 मीटर का ऊँचा प्रसिद्ध स्मारक हैI अक्सर इसकी तुलना पेरिस में आर्क डी ट्रायम्फ और रोम में आर्क ऑफ कॉन्स्टेंटाइन से की जाती हैI इसे एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया थाI हर साल यहाँ गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया जाता हैI
प्रवेश शुल्क
यह स्थान सभी पर्यटकों के लिए एकदम निःशुल्क हैI
मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort)

मेहरानगढ़ किला भारत के सबसे बड़े किलों में से एक हैI इसका निर्माण 1459 में राव जोधा द्वारा बनवाया गया थाI यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और इसके परिसर में 7 प्रवेश द्वार हैंI प्रत्येक प्रवेश द्वार का निर्माण अलग-अलग समय पर अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया गया थाI
प्रवेश शुल्क
यहाँ आपको प्रवेश शुल्क का भुगतान करना पड़ता हैI यहाँ भारतीय पर्यटकों को 70 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 700 रूपए का भुगतान करना पड़ता हैI यह किला 9 से 5 बजे तक ही खुला रहता हैI
आमेर किला (Amer Fort)

आमेर किला, जयपुर से मात्र 11 किलोमीटर दूर हैI यह किला भारत के सबसे शानदार किलों में से एक माना जाता हैI इसका निर्माण 1592 में महाराजा मान सिंह के द्वारा किया गया थाI यह किला पीले और गुलाबी बलुआ पत्थर से बना हैI
प्रवेश शुल्क
यहाँ भारतीय वयस्क पर्यटकों को 25 रूपए, भारतीय छात्रों को10 रूपए और विदेशी पर्यटकों को 200 रूपए प्रवेश शुल्क का भुगतान करना पड़ता हैI यह किला सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता हैI
कुंभलगढ़ किला (Kumbhalgarh Fort)

कुंभलगढ़ किला राजस्थान का एक प्रसिद्ध किला हैI यह किला राजसी किले के साथ-साथ वन्यजीव अभयारण्य के लिए भी प्रसिद्ध हैI इस किले का निर्माण राजा कुंभा द्वारा करवाया गया थाI यह किला उदयपुर से लगभग 82 किलोमीटर दूर हैI
प्रवेश शुल्क
यहाँ भारतीय नागरिकों के लिए 15 रूपए और बाकी सभी पर्यटकों के लिए 200 रूपए का प्रवेश शुल्क लगता हैI यह किला सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक खुला रहता हैI
भारत की ऐतिहासिक इमारतें देखने का सही समय- Best Time to Visit Historical Monuments of India
वैसे तो आप इन सभी ऐतिहासिक इमारतों को देखने के लिए कभी भी जा सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि गर्मी के मौसम में देखने के लिए ना जाएँ, क्योंकि ये सभी इमारतें वैसी जगहों पर हैं, जहाँ बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है और गर्मी के कारण आपको घूमने में थोड़ी परेशानी हो सकती हैI
कैसे पहुँचे?
हवाई मार्ग से– भारत की ऐतिहासिक इमारतों को देखने जाने के लिए आप हवाई मार्ग का चुनाव कर सकते हैंI अधिकांश इमारतें वैसे शहरों में स्थित हैं, जहाँ के लिए हवाई सेवा की सुविधा उपलब्ध हैI
रेल मार्ग से– भारतीय रेलवे की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि यह सभी बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों से भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैI रेल सुविधा उपलब्ध होने के कारण आप इन प्रसिद्ध इमारतों को देखने के लिए रेल के द्वारा आसानी से इन जगहों पर पहुँच सकते हैंI
सड़क मार्ग से–सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से एक शहर से दूसरे शहर में पहुंचा जा सकता हैI आप इन प्रसिद्ध इमारतों को देखने के लिए बस सेवा या फिर अपनी गाड़ी का भी उपयोग करके आसानी से सभी जगहों को देख सकते हैंI
ठहरने के लिए 5 स्टार होटल
भारत की सभी ऐतिहासिक इमारतों के आस-पास ठहराने की अच्छी सुविधा उपलब्ध हैI इन जगहों पर आपको किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगीI आप जहाँ भी जाएँगे, वहां आपको अच्छे व सस्ते दामों पर रुकने के लिए कई होटल्स की सुविधा मिल जाएगीI इन होटलों में आप पहले से बुकिंग करा सकते हैं और आप चाहें तो वहां पहुँच कर भी होटल ले सकते हैंI
FAQ | ऐतिहासिक इमारतों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत की सभी ऐतिहासिक इमारतें प्रसिद्ध जगहों पर हैं, आप इन जगहों को एक से दो दिन में आराम से घूम सकते हैंI
ये सभी ऐतिहासिक इमारतें अलग-अलग जगहों पर हैंI कुछ जगहें सस्ती हैं तो कुछ महँगी, इसलिए अलग-अलग जगहों पर घूमने के लिए अलग-अलग बजट की जरूरत होगीI
आप भारत की इन सभी इमारतों को देखने के लिए कभी भी जा सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि गर्मी में ना जाएँI
आपको इन इमारतों के आस-पास रहने के लिए कई सस्ते और महंगे होटल आराम से मिल जाएँगेI आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार अच्छे होटल का चुनाव आराम से कर सकते हैंI
ये सभी ऐतिहासिक इमारतें आप वहां के तय समय पर ही देखने के लिए जा सकते हैI रात के समय इन इमारतों में प्रवेश निषेध हैI
रात के समय आप दिल्ली के इंडिया गेट पर घूमने के लिए जा सकते हैंI
