Overview: अरिजीत सिंह का 'रिटायरमेंट' प्लान
अरिजीत सिंह ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही सिंगिंग से संन्यास ले सकते हैं। उनका मानना है कि हर कलाकार का दौर खत्म होता है और वे चाहते हैं कि लोग उन्हें तब याद करें जब वे अपने शिखर पर हों। वे अब गायन के बजाय म्यूजिक प्रोडक्शन और साधारण जीवन पर ध्यान देना चाहते हैं।
Arijit Singh Retirement Truth: म्यूजिक इंडस्ट्री के बेताज बादशाह और करोड़ों दिलों की धड़कन अरिजीत सिंह ने हाल ही में अपने संन्यास (Retirement) को लेकर कुछ ऐसा कहा है जिससे उनके फैंस के बीच खलबली मच गई है। जिस दौर में हर फिल्म मेकर अपनी फिल्म में अरिजीत की आवाज चाहता है, उस दौर में उनका यह बयान वाकई चौंकाने वाला है। अरिजीत सिंह आज केवल एक सिंगर नहीं, बल्कि एक इमोशन बन चुके हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग और म्यूजिक इंडस्ट्री से अपनी दूरी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपनी लोकप्रियता के चरम पर ही संगीत की दुनिया को अलविदा कह सकते हैं।
हर कलाकार की एक एक्सपायरी डेट होती है”
अरिजीत सिंह का मानना है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में किसी भी सिंगर का दौर हमेशा के लिए नहीं रहता। अरिजीत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि श्रोताओं की पसंद हर 5-10 साल में बदल जाती है। उन्हें डर है कि एक वक्त ऐसा आएगा जब लोग उनकी आवाज से ऊब जाएंगे। वे चाहते हैं कि जब लोग उन्हें सुनना चाहें, तभी वे माइक छोड़ दें, न कि तब जब उन्हें जबरन इंडस्ट्री से बाहर किया जाए।
सादगी और लाइमलाइट से दूरी
अरिजीत सिंह स्वभाव से बहुत शर्मीले हैं। वे मुंबई की चकाचौंध से दूर पश्चिम बंगाल के अपने छोटे से गांव जियागंज में रहना पसंद करते हैं। वे अक्सर साधारण कपड़ों में स्कूटी चलाते या बाजार में सब्जी खरीदते नजर आते हैं। उनका कहना है कि वे एक साधारण जीवन जीना चाहते हैं और संगीत को केवल एक कला की तरह देखते हैं, न कि शोहरत पाने के जरिया की तरह।
गायन से ज्यादा संगीत निर्माण में रुचि
अरिजीत सिंह केवल गाना नहीं चाहते, बल्कि वे म्यूजिक कंपोजिंग और प्रोडक्शन में ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि भविष्य में वे शायद प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दें और पर्दे के पीछे रहकर संगीत तैयार करें। वे अपनी खुद की स्वतंत्र म्यूजिक लैब और स्कूल चलाना चाहते हैं जहाँ वे नए टैलेंट को तराश सकें।
परिवार और स्वास्थ्य को प्राथमिकता

अरिजीत ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार काम किया है और अनगिनत हिट गाने दिए हैं। वे अपने परिवार और बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं। लगातार कॉन्सर्ट और रिकॉर्डिंग की वजह से उनके स्वास्थ्य और गले पर भी असर पड़ता है, जिसे लेकर वे अब काफी सतर्क हो गए हैं।
मैं बोर हो गया हूँ”
अरिजीत ने अपने प्राइवेट ‘X’ अकाउंट पर एक बेहद ईमानदार बात स्वीकार की। उन्होंने लिखा कि वे प्लेबैक सिंगिंग से बोर हो चुके हैं। * एक जैसा काम: फिल्मों में अक्सर उन्हें एक ही तरह के रोमांटिक या सैड सॉन्ग्स गाने को मिलते थे। उन्होंने बताया कि वे स्टेज पर भी अपने ही गानों को बार-बार बदलकर गाते हैं क्योंकि वे एक ही चीज बार-बार नहीं कर सकते। उन्हें अब अपनी रूह को जिंदा रखने के लिए कुछ ‘नया’ और ‘अलग’ संगीत चाहिए।
भारतीय शास्त्रीय संगीत
अरिजीत अब वापस शास्त्रीय संगीत की ओर लौटना चाहते हैं। वे फिर से एक ‘छात्र’ (Learner) बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे अब अपनी शर्तों पर संगीत बनाना चाहते हैं, न कि किसी फिल्म के सीन या एक्टर की डिमांड के हिसाब से।
छोटा कलाकार’ बनने की ख्वाहिश

अरिजीत ने खुद को ‘Small Little Artist’ कहा है। वे ‘अरिजीत सिंह’ नाम के उस भारी-भरकम ब्रांड से थक चुके हैं। वे चाहते हैं कि लोग उन्हें केवल एक गायक के तौर पर नहीं, बल्कि एक संगीतकार (Composer) और प्रोड्यूसर के तौर पर जानें जो अपने घर (जियागंज) में बैठकर शांति से धुनें बनाता है।
बॉलीवुड के पे-स्केल पर नाराजगी
हालिया चर्चाओं में यह भी सामने आया कि अरिजीत बॉलीवुड में संगीतकारों और गायकों को मिलने वाले पारिश्रमिक (Payment Structure) से खुश नहीं थे। उन्होंने एक बार कहा था कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री कलाकारों के दम पर चलती है, लेकिन बिजनेस के नाम पर उनके साथ सही व्यवहार नहीं होता। वे मौखिक वादों और कागजी कार्यवाही के बीच के फर्क से परेशान थे।
निर्देशन में कदम
खबरें ये भी हैं कि अरिजीत अब फिल्म निर्देशन की दुनिया में कदम रख रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के बोलपुर में अपनी एक फिल्म की शूटिंग भी की है, जिसमें पंकज त्रिपाठी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे बड़े कलाकार होने की संभावना है। वे अब अपनी रचनात्मकता को पर्दे के पीछे से दिखाना चाहते हैं।
क्या यह वाकई अंत है?
अरिजीत ने यह नहीं कहा कि वे कल ही रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह जरूर साफ कर दिया है कि वे अपनी पारी को बहुत लंबा नहीं खींचना चाहते। उनका कहना है, “मैं तब जाना चाहता हूँ जब मेरा संगीत लोगों के दिलों में बसता हो।”
