Overview: धुरंधर 2 प्रिव्यू विवाद
'धुरंधर 2' के प्रिव्यू शोज में तकनीकी खामियों के कारण भारी अव्यवस्था देखी गई। 'हाउसफुल' होने के बावजूद डिजिटल की (KDM) न मिलने से स्क्रीन खाली रही, जिससे दर्शकों ने हंगामा किया और थिएटर मालिकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। मेकर्स ने अब स्थिति सुधरने का दावा किया है।
Dhurandhar 2 Preview Controversy: फिल्म ‘धुरंधर 2‘ के ब्लॉकबस्टर क्रेज के बीच एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। फिल्म के प्रिव्यू शोज के दौरान कई सिनेमाघरों में भारी तकनीकी अव्यवस्था और ‘मिसमैनेजमेंट’ देखने को मिला है। आलम यह रहा कि थिएटर ‘हाउसफुल’ होने के बावजूद स्क्रीन खाली रही, जिससे दर्शकों और थिएटर मालिकों का गुस्सा फूट पड़ा। रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2‘ के लिए फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है, लेकिन इसके शुरुआती प्रिव्यू शोज में तकनीकी खराबी ने मजा किरकिरा कर दिया। कई मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटरों में डिजिटल की (KDM) न मिलने और सर्वर क्रैश होने की वजह से फिल्म समय पर शुरू नहीं हो पाई।
‘हाउसफुल’ बोर्ड पर खाली कुर्सियां

थिएटर मालिकों ने बताया कि फिल्म की एडवांस बुकिंग इतनी शानदार थी कि शो रिलीज से पहले ही ‘हाउसफुल’ हो चुके थे। दर्शक अपनी टिकट लेकर सीटों पर बैठ गए थे, लेकिन स्क्रीन पर फिल्म शुरू ही नहीं हुई। कुछ जगहों पर दर्शकों को 2 से 3 घंटे तक अंधेरे में इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया।
तकनीकी ‘की’ (KDM) का संकट
थिएटर मालिकों के अनुसार, फिल्म के डिजिटल राइट्स और ‘की’ मिलने में देरी हुई। “हमें बताया गया था कि प्रिव्यू शो रात 8 बजे शुरू होगा, लेकिन फाइल ही डिकोड नहीं हो पाई। दर्शक गालियां दे रहे थे और हमें पैसे रिफंड करने पड़े। यह प्रोडक्शन हाउस की बड़ी लापरवाही है।” कुछ शहरों में भारी ट्रैफिक के कारण सेंट्रल सर्वर ही क्रैश हो गया, जिससे फिल्म की डिजिटल डिलीवरी रुक गई।
थिएटर मालिकों का बड़ा नुकसान
इस अव्यवस्था की वजह से न केवल दर्शकों का मूड खराब हुआ, बल्कि थिएटर मालिकों को भी आर्थिक चपत लगी है। कई सिनेमाघरों को दर्शकों के पूरे पैसे वापस करने पड़े। हाउसफुल शोज के बावजूद कैंटीन और पार्किंग से होने वाली कमाई पर भी पानी फिर गया। मालिकों का कहना है कि ऐसी बड़ी फिल्म के साथ ऐसी ‘मैनेजमेंट’ की उम्मीद नहीं थी।
आदित्य धर की टीम का स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ता देख निर्देशक आदित्य धर की प्रोडक्शन टीम ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है। उन्होंने इसके पीछे ‘डिजिटल पायरेसी’ से बचने के लिए लगाए गए सख्त सुरक्षा घेरे को कारण बताया, जिसकी वजह से कुछ सर्वरों में ‘की’ पहुंचने में देरी हुई।

