dhurandhar 2 review hindi and fan reaction ranveer singh directed by aditya dhar
dhurandhar 2 review hindi and fan reaction ranveer singh directed by aditya dhar

Overview: धुरंधर 2 देखने से पहले देख पढ़ें रिव्यू

धुरंधर 2 थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म पिछले भाग के अधूरे सिरों को जोड़ती है, लेकिन इस बार केंद्र में 'हमजा' का अतीत है।

Dhurandhar 2 Review: ‘धुरंधर: द रिवेंज‘ की आधिकारिक रिलीज से ठीक एक दिन पहले, 18 मार्च को देश भर में इसके ‘पेड प्रीव्यू’ आयोजित किए गए। मुंबई के पीवीआर आइकन सहित कई सिनेमाघरों में शाम 5:15 बजे के शो पूरी तरह हाउसफुल थे। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण कई जगहों पर स्क्रीनिंग में देरी हुई और कुछ शो रद्द भी करने पड़े, लेकिन दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। 

जैसे ही फिल्म शुरू हुई, थिएटर तालियों और सीटियों से गूंज उठा। फिल्म खत्म होने के बाद दर्शकों के चेहरे पर वही संतोष था जो अक्सर बड़े सुपरस्टार्स की ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बाद दिखता है। बाहर निकलते वक्त हर जुबान पर फिल्म का वही चर्चित डायलॉग था, “ये नया हिंदुस्तान है, घर में घुसेगा भी और मारेगा भी।”

क्या है धुरंधर 2 की कहानी 

यह फिल्म पिछले भाग के अधूरे सिरों को जोड़ती है, लेकिन इस बार केंद्र में ‘हमजा’ का अतीत है। कहानी दिखाती है कि कैसे जसकीरत सिंह, अपने परिवार के कत्लेआम और बहन पर हुए अमानवीय अत्याचार के बाद प्रतिशोध की आग में जलकर खूंखार ‘हमजा अली मजारी’ बन गया। पिछले भाग में रहमान डै़कत का खात्मा करने के बाद, अब हमजा ल्यारी की राजनीति के जरिए पाकिस्तान की सत्ता के गलियारों तक पहुंचने की फिराक में है। निर्देशक आदित्य धर ने इस ट्रांसफॉर्मेशन को बहुत ही गहराई और संजीदगी के साथ पर्दे पर उतारा है।

क्या खुलेगा हमजा का राज?

हमजा अपनी रणनीति में ‘साम, दाम, दंड, भेद’ का बखूबी इस्तेमाल करता है। अजय सान्याल और सुशांत बंसल की मदद से वह ल्यारी का बेताज बादशाह बन जाता है। वह चालाकी से मेजर इकबाल का भरोसा जीतता है, जबकि एसपी असलम चौधरी न चाहते हुए भी उसके साथ खड़े होने पर मजबूर हो जाते हैं। कहानी में असली मोड़ तब आता है जब ‘बड़े साहब’ उसे भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बनाते हैं। उन्हें यह नहीं पता कि हमजा असल में भारत का एक अंडरकवर एजेंट है। अब हमजा के सामने चुनौती सिर्फ देश को बचाने की नहीं, बल्कि अपनी पत्नी एलीना और बेटे की सुरक्षा की भी है।

निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी का कमाल

आदित्य धर ने ‘धुरंधर 2’ को पहले भाग से कहीं ज्यादा व्यापक और भावनात्मक बनाया है। फिल्म की शुरुआत धीमी लग सकती है, लेकिन सेकंड हाफ में यह अपनी असली रफ्तार पकड़ती है। हाई-ऑक्टेन एक्शन और रोंगटे खड़े कर देने वाले हिंसात्मक सीन इसे कमजोर दिल वालों के लिए थोड़ा मुश्किल बना सकते हैं, लेकिन यही फिल्म की जान है। स्क्रीनप्ले को चैप्टर्स में बांटना और विकास नौलखा की जानदार सिनेमैटोग्राफी इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पाय-थ्रिलर बनाती है। फिल्म में नोटबंदी और राजनीतिक हलचलों जैसे वास्तविक प्रसंगों को फिक्शन के साथ बेहतरीन तरीके से बुना गया है।

रणवीर सिंह की एक्टिंग ने जीता दिल

एक्टिंग के मामले में यह फिल्म पूरी तरह से रणवीर सिंह की है। जसकीरत सिंह के रूप में उनकी चुप्पी और हमजा के रूप में उनका विस्फोटक अंदाज उनके करियर की अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस कही जा सकती है। अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल के रूप में बेहद डरावना और प्रभावी अभिनय किया है। आर माधवन और संजय दत्त अपने किरदारों में जान फूंक देते हैं, जबकि सारा अर्जुन ने एक मां और पत्नी के रूप में अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है। हालांकि, अक्षय खन्ना की कमी दर्शकों को जरूर खलती है।

फिल्म का म्यूजिक भी है जबरदस्त

शाश्वत सचदेव का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के तनाव को बनाए रखने में मदद करता है, हालांकि गाने पहले भाग जितने प्रभावी नहीं बन पड़े हैं। 3 घंटे 49 मिनट का रनटाइम थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन क्लाइमैक्स का हैरान कर देने वाला ट्विस्ट सारी थकावट मिटा देता है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि बदले और फर्ज के बीच झूलते एक इंसान की गहरी दास्तान है।

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मेरा नाम निक्की कुमारी है। मैं पिछले 2 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मैंने अब तक कई बड़े मीडिया हाउस के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम किया है। मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मुझे...