A woman comforting a child on a couch while a man argues in the background.
Teenager Disrespect Parenting

टीनएज है दोस्ती सबसे अच्छा मौका, माता पिता अपनाएं ये टिप्स

हर माता पिता को इस समय समझदारी और सब्र से काम लेना चाहिए। उन्हें ये समझना चाहिए की वो भी इसी दौर से हो कर गुजरे हैं इसलिए जितना हो सके वो अपने बच्चों पर बेकार की रोक टोक ना लगाएं।

Parenting for Teenagers: जीवन में उम्र बढ़ने के साथ कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। उम्र का ऐसा ही एक पड़ाव है जहां माता पिता का रोकना कुछ कहना बच्चों को बिलकुल पसंद नहीं आता है। जी हां , बिलकुल ठीक पहचाना आपने, ये दौर है टीनएज का। इस उम्र में बच्चे चिड़चिड़े रहने लगते हैं, उन्हें किसी भी तरह की रोक टोक पसंद नहीं आती है। वो अपनी एक अलग ही दुनिया बना लेते हैं जिसमें सिर्फ वो और उनके कुछ ख़ास दोस्त होते हैं। हर माता पिता को इस समय समझदारी और सब्र से काम लेना चाहिए। उन्हें ये समझना चाहिए की वो भी इसी दौर से हो कर गुजरे हैं इसलिए जितना हो सके वो अपने बच्चों पर बेकार की रोक टोक ना लगाएं।

आज हम लाएं हैं कुछ ऐसी ट्रिक्स जिनकी मदद से आप अपने टीनएज बच्चे के मन को अच्छी तरह समझ पाएंगे।

Parenting for Teenagers
Give some space

बच्चों को जीवन में थोड़ा स्पेस दें और उन्हें उनकी समझ के अनुसार काम करने दें। उनपर एक नज़र इस तरह बनाएं रखें की कुछ गलत करने पर आप उनको सही दिशा की तरफ मोड़ सकें। जब बच्चे टीनएज से जवानी की तरफ कदम रखते हैं तो उन्हें अपने लिए कुछ समय चाहिए होता है साथ ही थोड़ी सी आजादी भी। अब इतना भी अगर हम बच्चों को ना दे सकेंगे तो हमारी पेरेंटिंग पर सवाल उठना तो तय है। बच्चे इस तरह अपने आप को समझते हैं, कुछ अलग करने का सोचते हैं। बस उन पर अपनी नज़र बनाएं रखें और इस उम्र में उन्हें थोड़ी सी आजादी जरूर दें पर समझदारी के साथ।

Be clear
Be clear

टीनएजर्स से घुमा फिर कर बात करने की जगह खुल कर साफ़ बात करें ताकि वो ये महसूस कर पाएं की अब आप उन्हें समझदार मानने लगे हैं। इस तरह उनके मन में चल रागी विचारों की उथल पुथल थोड़ी शांत होगी और वो खुल कर आपसे कुछ कह पाएंगे। किसी बात के लिए आप उन्हें क्यों मना करते हैं या क्यों किसी बात पर आप उन्हें आगे बढ़ने के लिए कहते हैं इन बातों पर खुल कर बात करें।

No arguments
No arguments please

घर के किसी भी बड़े छोटे फैसले में बच्चों को आराम से बैठाकर उनके विचार जानें और उनकी राय जरूर लें। उन्हें बताएं उनकी राय बहुत जरुरी है। साथ ही उनकी किसी भी परेशानी पर आप भी अपनी राय जरूर दें। अपने विचार उन पर ना थोपें, उनके मन की स्तिथि समझें और अपनी परेशानियां भी उनसे शेयर करें। इस तरह उन्हें जिम्मेदारियों का एहसास होगा और आप उनके मन में चल रही बातों को अच्छी तरह जान समझ पाएंगे।

faith
Have some faith

कुछ माता पिता बच्चों के टीनएज में प्रवेश करते ही उन पर कई तरह की पाबंदियां लगा देते हैं। एक टाइम टेबल सा बना लेते हैं जिसकी वजह से बच्चे खुद को बंधा हुआ महसूस करते हैं और बहुत ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं। किसी को भी बंधन में रहना कभी पसंद नहीं आता तो हम कैसे अपने बच्चों पर अपने फैसले थोप कर अलग अलग नियम क़ानून उन्हें समझाने लगते हैं। दोस्ताना वव्यवहार बनाएं और ज्यादा सवाल जवाब भी ना करें।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...