Rajkumar Zaman and Ruby Ring
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बहुत समय पहले की बात है, ज़मान नामक राजकुमार था। उसका विवाह राजकुमारी बेदोरा से हुआ था। राजकुमार को

शिकार खेलना बेहद पसंद था। एक दिन वह जंगल में जाने लगा तो खूबसूरत राजकुमारी भी साथ चली गई। वे दोनों एक-दूसरे के साथ का आनंद ले रहे थे।

कुछ देर बाद उन्होंने आराम करने का फैसला किया। ज़मान तंबू लगाने की तैयारी करने लगा ।

राजकुमारी थक गई थी। उसने सोचा, ‘बड़ी थकान हो रही है। मुझे ये भारी गहने उतार देने चाहिए ।’ उसने सारे गहने उतारकर एक बड़े पत्थर पर रख दिए ।

अचानक एक बाज पत्थर पर पड़े गहनों पर झपटा। उसने रूबी की अंगूठी उठा ली। राजकुमारी बाज को अंगूठी के साथ उड़ते देख चिल्लाई, “मेरी प्यारी अंगूठी… बाज इसे ले जा रहा है। ओह! मैं इसके बिना जिंदा नहीं रह सकती, ज़मान । “

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राजकुमार उसे बहुत चाहता था। वह उसे दुखी नहीं देख सका और बोला, “प्रिये ! मैं तुम्हारी अंगूठी वापस लाऊंगा । ” वह जानता था कि बाज को पकड़ना नामुमकिन था, पर फिर भी उसने वादा निभाने का फैसला किया।

ज़मान ने राजकुमारी से विदा ली और तेजी से पक्षी का पीछा करने लगा। उसने बहुत कोशिश की, पर पक्षी आंखों से ओझल हो गया, फिर उसे अहसास हुआ कि वह पक्षी का पीछा करते-करते काफी दूर निकल आया था।

अल्लाह ! मेरी प्यारी राजकुमारी अकेली है। मुझे उसके पास जाना चाहिए ।” उसने स्वयं से कहा। राजकुमार जंगल में रास्ता बनाते-बनाते तंबू की ओर भागा। वहां जाकर देखा कि तंबू खाली पड़ा था। राजकुमारी का कोई पता नहीं था। वह चिल्लाते हुए उसे खोजने लगा, “मेरी प्यारी बेदोरा ! तुम कहां हो?” पर उसे कोई जवाब नहीं मिला।

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इधर जब वह अंगूठी की तलाश में गया था तो एक जंगली जानवर ने राजकुमारी पर हमला कर दिया। जंगली जानवर से बचने के लिए भागते-भागते वह रास्ता भूल गई और सुलतान अरम्म के राज्य में जा पहुंची।

सुलतान बहुत दयालु था। उसने बेदोरा की कहानी सुनकर कहा, “तुम इस महल में आराम से रह सकती हो। “

इस दौरान राजकुमार अपनी बेदोरा को खोजते खोजते एक सुंदर बाग में पहुंच गया। उसने कुछ देर आराम करने की सोची । वह एक पत्थर पर बैठकर सोचने लगा, “काश ! मुझे मेरी प्यारी बीवी मिल जाती। मैं उसके बिना जीवित नहीं रह सकता।

तभी एक बाज वहां आकर मंडराने लगा। उसने वही अंगूठी वहां गिरा दी, जो बेदोरा की थी ।

राजकुमार ने जल्दी से अंगूठी उठा ली। उसे क्षणिक खुशी तो मिली, पर अपनी प्रिया से वियोग के कारण वह अब भी दुखी था, “मेरी बेदोरा से प्यारा तो कुछ नहीं हो सकता। मैं उसे देखने की प्रतीक्षा नहीं कर सकता । ” और वह रोने लगा। राजकुमार ने बेदोरा की कई जगह तलाश की पर कुछ हाथ नहीं आया, फिर वह भी सुलतान अरम्म के राज्य में पहुंचा। वहाँ चारों तरफ एक नई राजकुमारी की खूबसूरती के चर्चे थे। वह जान गया कि वे सब उसकी बीवी बेदोरा की ही बात कर रहे थे।

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ज़मान जानता था कि सुलतान के महल में जाना इतना आसान नहीं था। उसने एक तरकीब सोची। वह दूध बेचने वाला बन गया और दूध के जार ले जाकर सुलतान से बोला, ‘सुलतान ! मुझे राजकुमारी से मिलने दें। मैंने सुना है कि वे दूध से नहाना पसंद करती हैं। ये दूध एक ख़ास बकरी का जिससे उनकी त्वचा में निखार आ जाएगा । “

सुलतान ने इजाजत दे दी। राजकुमारी ने दूध बड़े बर्तन में पलटवाया तो रूबी की अंगूठी निकली।

अरे! ये तो मेरी अंगूठी है। ” वह खुशी से चिल्ला उठी । उसने सोचा, अच्छा! तो ये दूध वाला मेरा शहजादा है। ‘

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वह झट से ज़मान से मिलने के लिए सुलतान के महल से भागी । राजकुमार को देखते ही वह बोली, “मुझे पता था कि तुम ही हो। तुम मुझे लेने आए हो । ‘

राजकुमार भी बेहद खुश था। उसकी आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे। उसने दयालु सुलतान को अनेक धन्यवाद दिए, जिसने उसकी राजकुमारी का इतना ध्यान रखा था। फिर राजकुमार ज़मान व बेदोरा अपने राज्य में लौट गए और खुशी-खुशी रहने लगे।

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