ट्रेन के नंबर बोलते हैं। जी हां, ट्रेन के डिब्बों (बोगी) पर आपने नंबर लिखे देखे होंगे, आपको नहीं लगता कि ये आपको कुछ इशारा करते हैं। कभी मन में आपके ये सवाल भी उठे होंगे, लेकिन हाथों हाथ जवाब नहीं मिला होगा। यहां हम आपको ट्रेन के डिब्बों पर लिखे नंबरों का महत्व बताएंगे। आप समझ जाएंगे कि आपको ये जानकारी ही नहीं देते बल्कि सुविधाजनक भी हैं। जैसे आपको बर्थ या सीट का नंबर टिकट पर लिखा मिलता है, जो आपको बताता है कि आप कहां बैठेंगे या लेटेंगे। ठीक वैसे ही डिब्बों पर लिखे इन अंकों में कई पहचान छिपी होती हैं। कहने का मतलब यह है कि पांच अंक के ये नंबर इतिहास बताते हैं।

बोगी कितनी पुरानी है और कैटेगरी क्या है

किसी ट्रेन के डिब्बे पर लिखे नंबर की शुरुआत 04 या 99 है, तो आप समझ जाइये कि ये बोगी 2004 या 1999 में बनी है।
The beginning of the number written on a train compartment is 04 or 99, then you should understand that this bogie was made in 2004 or 1999.

आप जब स्टेशन पर कोई ट्रेन पकड़ने जाते हैं, तो बोगी पर लिखे नंबर पर आपका ध्यान जाता है, लेकिन आप पढ़कर भी नजर अंदाज कर देते हैं। अब आप नंबर पढ़ते ही पहचान जाएंगे कि ये नंबर आपसे क्या बोल रहे हैं। जैसे किसी ट्रेन के डिब्बे पर लिखे नंबर की शुरुआत 04 या 99 है, तो आप समझ जाइये कि ये बोगी 2004 या 1999 में बनी है। मतलब यह कि शुरुआती दो नंबर आपको बताते हैं कि बोगी कितनी पुरानी है। वहीं, इन दो नंबरों के बाद यदि 497 लिखा है, तो ये नंबर आपको बताते है कि ये जनरल बोगी या सामान्य डिब्बा है। रेलवे ने  497 कोड जनरल कैटेगरी के लिए तय किया हुआ है।

और भी हैं कई कैटेगरी , नंबर जिन्हें देते हैं पहचान

ट्रेन में हर डिब्बे या बोगी की क्लास या कैटेगरी तय है।
The class or category of every compartment or bogie in the train is fixed.

ट्रेन में हर डिब्बे या बोगी की क्लास या कैटेगरी तय है। आप इस कैटेगरी को नंबर के जरिए भी पहचान सकते हैं। बस आपको डिब्बे पर लिखी आखिरी तीन डिजिट ध्यान से देखनी होंगी। जैसे 001-025, ये नंबर बताते हैं कि ये फर्स्ट एसी के डिब्बे हैं। 026-050 – ये नंबर लिखे हों, तो समझ जाओ कि ये कंपोजिट फर्स्ट एसी या एसी-टूटी का डिब्बे हैं। 051-100 ये अंतिम तीन नंबर एसी-टूटी कोच को मिलते हैं।

101-150 ये नंबर बताते हैं कि ये डिब्बा एसी-थ्री को कैटिगराइज हैं। 151-200 यदि डिब्बे पर ये नंबर आखिरी में लिखे हों, तो पता चल जाता है कि ये डिब्बे सीसी या एसी चेयर कार के हैं। 201-400 नंबर सेकंड स्लीपर या एसएस कैटेगरी के कोच को दिए जाते हैं। कोच पर यदि ये 401-600 नंबर लिखे हों,तो इसका मतलब है कि ये जनरल सेकंड क्लास या जीएस के डिब्बे हैं।

601-700 अंतिम नंबर हों, तो ये डिब्बे सेकंड क्लास  सिटिंग  /जनशताब्दी चेयर कार यानी टूएस के कोच को दर्शाते हैं। 701-800 के नंबर के आखिरी तीन डिजिट हों, तो पता चलता है कि सिटिंग कम लगेज रेक्स हैं। यदि कोच पर 801 या इससे बड़े नंबर आखिरी तीन स्थान पर हों, तो पेंट्री कार, जेनरेटर और मेल के कोच की जानकारी देते हैं।

डिब्बे के रंग भी क्या कहते हैं जानें…

डिब्बों के नंबर ही नहीं उनके रंग भी कई जानकारी देते हैं। किसी डिब्बे का रंग हरा होता है, तो किसी का नीला और किसी का लाल। डिब्बों या कोच के ये रंग ट्रेन की क्लास को बताते हैं। ऐसा नहीं है कि रंग हर बार केवल क्लास ही बताते हैं। रंग ये भी बताते हैं कि ट्रेन किस फैक्ट्री में तैयार की गई है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...

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