mahakumbh 2025 prayagraj
mahakumbh 2025 prayagraj

Overview:

महाकुंभ की भारी भीड़ के कारण लोग चाहते हुए भी संगम में स्नान करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर महाकुंभ को लेकर कई रील्स सामने आ रही हैं। जिसमें कई किलोमीटर लंबा जाम, गंदे घाट, परेशान लोग और कई किलोमीटर तक पैदल चलने जैसी बातें सामने आ रही हैं।

mahakumbh 2025 prayagraj : सदी के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ 2025 का बड़ा महत्व है। हर कोई चाहता है कि 144 साल बाद बने इस विशेष संयोग के बीच गंगा, यमुना और सरस्वती जैसी पवित्र नदियों के संगम में डुबकी लगाए। लेकिन महाकुंभ की भारी भीड़ के कारण लोग चाहते हुए भी संगम में स्नान करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर महाकुंभ को लेकर कई रील्स सामने आ रही हैं। जिसमें कई किलोमीटर लंबा जाम, गंदे घाट, परेशान लोग और कई किलोमीटर तक पैदल चलने जैसी बातें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें 10 से 20 किलोमीटर तक चलकर घाट तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में महाकुंभ में स्नान करने का यह सफर बहुत आसान नहीं है। लेकिन अगर आप बिना पैदल चले अपनी गाड़ी से घाट तक पहुंचना चाहते हैं तो आज हम आपको बता रहे हैं इसका सबसे आसान तरीका।

सही सेक्टर का करें चुनाव

Mahakumbh Mela
Mahakumbh Mela

दरअसल, श्रद्धालुओं की ​सुविधा के लिए प्रयागराज को मुख्य रूप से 25 सेक्टर्स में बांटा गया है। इन सेक्टर्स में से सबसे अच्छा है सेक्टर 24। यहां से आप बिना किसी जाम में फंसे सीधे घाट तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको दिल्ली से चित्रकूट हाईवे पकड़ना होगा। यहां से आप प्रयागराज के लिए सीधा रास्ता पकड़ सकते हैं। आपको प्रयागराज के अरैल क्षेत्र पहुंचना होगा। अरैल पहुंचने के बाद आपको सोमेश्वर महादेव मंदिर जाना होगा। यहां मंदिर के पास ही संगम का घाट है। जहां आप बिना किसी जाम में फंसे घाट तक अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं।

सही समय चुनना है जरूरी

सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित यह घाट काफी साफ सुथरा भी है, क्योंकि इसके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है। यहां आपको भक्तों की ज्यादा भीड़ भी नहीं मिलेगी। ऐसे में आप शांति से इस घाट पर स्नान के साथ पूजा भी कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको सही समय चुनना होगा। इस घाट तक आपको सुबह 5 बजे तक पहुंचना होगा। ऐसे में अपना सफर रात के समय तय करें। क्योंकि सुबह 5 बजे तक ही यहां गाड़ी को घाट तक एंट्री मिलेगी। यहां आप घाट से मात्र 100 मीटर दूरी पर ही गाड़ी पार्क कर सकते हैं। आपको और परिवार के बड़े बुजुर्गों, बच्चों को ज्यादा चलना ही नहीं पड़ेगा।  यहां से आपको संगम तक जाने के लिए आसानी से नाव भी मिल जाएंगी।

अब इस तारीख को है शाही स्नान

वैसे तो महाकुंभ के दौरान हर दिन ही संगम में स्नान करने का बहुत महत्व होता है। लेकिन सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है शाही स्नान का। इसे अमृत स्नान भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस विशेष मुहूर्त में पवित्र नदी में डुबकी लगाने से पुण्य प्राप्त होता है और आपके सारे पाप दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस अमृत स्नान से आपको मोक्ष प्राप्त होगा। महाकुंभ में 12 फरवरी यानी माघी पूर्णिमा को शाही स्नान हो रहा है। महाकुंभ का आखिरी अमृत स्नान 26 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन होगा। ऐसे में आप अरैल में जाकर सीधे घाट पर पहुंच सकते हैं।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...