बाई को छुट्टी

बाई रोज आए, बस एक ये बात हम दिल से मानते हैं। इसके आगे कुछ सोचने–समझने की जरूरत ही नहीं समझते हैं। जबकि बाई को छुट्टी की जरूरत होती है। जैसे हम सबको छुट्टी चाहिए वैसे ही बाई को भी छुट्टी की दरकार होती है। हफ्ते में एक दिन न सही तो महीने में दो दिन कम से कम उनको भी छुट्टी का स्वाद चख ही लेना चाहिए। पर इस तरह से सोचने के लिए खुद की सोच बदलना आसान नहीं है। ये सोचना आसान नहीं है कि एक दिन आप घर का काम कैसे करेंगी। कैसे संभालेंगी घर के काम? या फिर सभी रोज काम कराते हैं तो हम भी कराएंगे। ये सोच आपको बाई के लिए छुट्टी की बातें सोचने ही नहीं देती हैं। लेकिन बेहतरीन इंसान होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस नजरिए से भी सोचें। कैसे करेंगी ये चलिए जानते हैं-

काम कौन संभालेगा-

बाई को छुट्टी देने की बात आती है तो सबसे पहले एक ही ख्याल मन में आता है कि उसको छुट्टी दे देंगे तो फिर काम कौन करेगा? कैसे संभलेगा पूरा घर। इस परेशानी का जवाब ढूंढने में ही बाई को छुट्टी देने का हल छुपा है। इस वक्त खुद को समझाइएगा कि एक दिन घर का काम करने में कोई हर्ज नहीं है। या फिर एक दिन अपना घर खुद संभालकर कितना अच्छा लगेगा। इसके साथ आप ऐसे भी सोच सकती हैं कि बाई के आने से पहले तो आप खुद ही ये सब काम किया करती थीं न। तो महीने के सिर्फ दो दिन अपनी लाइफस्टाइल में वापस आने में कोई बुराई नहीं है। इंसनियत के नजरिए से ये बहुत जरूरी है। जब आप इस तरह से खुद को समझाएंगी तो दूसरे भी आपकी तरह बनने की राह रह जरूर चुनेंगे।

बाई का काम होगा और बेहतर-

जैसे आप रोजाना के काम से एक दिन की छुट्टी पाकर रिफ्रेश हो जाती हैं ठीक वैसे ही बाई को महसूस होता है। जो काम वो रोज करती है अगर उसे उससे एक दिन की भी छुट्टी मिलेगी तो वो और बेहतर काम करेगी। आपको उसके काम में अंतर खुद ही पता चलने लगेगा। आपको उसका काम ज्यादा अच्छा लगेगा, यकीन मानिए। आपसे जब छुट्टी भी मिलेगी तो वो वैसे भी सारा काम दिल लगाकर करेगी।उसके बदले व्यवहार को आप आसानी से समझ सकेंगी। आपको खुद भी ये बात अच्छी लगेगी।

आपकी खुशी-

एक बात को दिल से मान लीजिए कि जब आप किसी की खुशी का ख्याल रखेंगी तो वो भी कभी न कभी आपकी खुशी को अहमियत जरूर देंगी। बाई के साथ भी ऐसा ही होगा। वो आपके लिए बाद में उतना ही सोचेगी जितना आप अभी उनके लिए सोच रही हैं। आप महीनों से जिस काम को दूसरी तरह से करने के लिए कह रही थीं देखिएगा अब वो उस काम को सच में वैसे ही करने की कोशिश करेगी। वो आपको और आपकी बात को अहमियत देगी। इसका फायदा आपको ही होगा। इसलिए आज ही बाई के लिए छुट्टी के बारे में सोचना शुरू कर दीजिए।

दो दिन की छुट्टी की प्लानिंग-

जब आप महीने में दो दिन की छुट्टी की योजना बना ही रही हैं तो आप इन दो दिनों की प्लानिंग पहले से कर सकती हैं। आप उन्हें ऐसे प्लानिंग करें कि उन दो दिनों में आपको ज्यादा काम हो ही न। इसके लिए आप ये कर सकती हैं-

-उस दिन ऐसी कुकिंग न करें जिसमें बड़े या भरी बर्तनों का इस्तेमाल हो।

-या इस्तेमाल में ही कम से कम बर्तन लाएं।

-बर्तन इस्तेमाल के तुरंत बाद धोते रहने का फायदा भी आपको मिलेगा। एक साथ बहुत सारे बर्तन गंदे नहीं होंगे और आपका काम नहीं बढ़ेगा।

-कपड़े भी ऐसे इस्तेमाल करें जिन्हें धोना कठिन न हो। घर में वॉशिंग मशीन है तो फिर तो बहुत ही अच्छा है।

-महीने के उन दो दिनों में सिर्फ झाड़ू लगाकर भी काम चलाया जा सकता है। कोशिश करें कि घर इतना गंदा न हो कि पोंछा लगाना भी पड़े। एक दिन में ऐसे काम आसानी से चल सकता है।

-इसके अलावा घर में भी सबको बताएं कि बाई नहीं आएगी इसलिए सब अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाते चलें, जैसे अपने खाने के बर्तन खुद धोना।

बहाने नहीं चलेंगे-

बाई को महीने में दो दिन की छुट्टी देने से पहले उससे बात कर लें कि इन छुट्टियों को देकर आप इंसानियत दिखा रही हैं तो अब वो भी बहाने वाली छुट्टियों से दूर रहे। वो कम से कम झूठ बोलकर छुट्टी न ले। ऐसा करने से आपका विश्वास टूटेगा और आप दोबारा उसके बारे में अच्छा सोचने से बचेंगी। ये बात आपको उनसे खुलकर करनी होगी ताकि बातें साफ-साफ हों। मतलब आप जब समझदारी दिखा रही हैं तो उसे भी समझदारी दिखानी ही होगी।

ज्यादा काम नहीं होगा-

आपको बाई से एक बात और साफ करनी होगी। उसे बताना होगा कि अगर छुट्टी दी जा रही है तो इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है कि बाकी के दिन काम ज्यादा कराया जाएगा। बाई को ये पता होना चाहिए कि इन दो छुट्टियों के बदले एक्सट्रा काम का बोझ आप नहीं डालेंगी। बल्कि ऐसे प्लानिंग के साथ काम किया जाएगा बाकी के दिन काम आसानी से चलता रहे।

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