डॉ. कुमार विश्वास हिन्दी के एक अग्रणी कवि तथा सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता हैं। कविता के क्षेत्र में शृंगार रस के गीत इनकी विशेषता है। पढ़िए उनकी कविता ‘माँग की सिंदूर रेखा’ ….
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मदर्स डे स्पेशल: (मेरी मां….)
मां के प्रति एक बच्चें की भावना को वक्त करती ये कविता ….
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अपनी हिम्मत हैं कि हम फिर भी जीये जा रहे हैं..
कोख में आई जब मैं माँ के .. दादी ने दुआ दी पोते के लिए,बुआ ने मन्नत मांगी भतीजे के लिए पापा ने कहा मेरा लाल आ रहा हैं,मेरे वंश का चिराग आ रहा हैं …… तब माँ ने मुझसे हौले से कहाडर मत मेरी रानी !हर अबला की हैं यही कहानीफिर भी […]
