क्या फर्क है बेटा-बेटी में
यह बात तो मुझे कभी समझ नहीं आई
लोग क्यों बेटों के लिए दुआ मांगते हैं
कभी बेटियों को भी हौसला दो भाई
बेटियों को तुम बढ़ावा देकर देखो
बेटों को वो पछाड़ देंगी
बेटियों को तुम खुश रखो
तुम्हारा घर आंगन महका देंगी
कौन सा ऐसा क्षेत्र है
जहां बेटी नहीं पहुंच पाई है
वकील, जज, प्रधानमंत्री और
यहां तक कि राष्ट्रपति की पदवी भी उसने पाई है,
क्यों भूल जाते हैं लोग
बेटी बिना यह सृष्टि संभव नहीं
हम सबको जन्म देने वाली मां भी बेटी का ही रूप है
बेटे तुम्हारा साथ देंगे, यह बात हुई पुरानी है।

नाम : तमन्ना सूरी
उम्र : 11½ वर्ष
पता : अंबाला छावनी (हरियाणा)