Hindi Story: शेरा बाबू हवा में मुट्ठियाँ उछाल-उछालकर भन्नाते हुए कमरे में इधर से उधर घूम रहे हैं, ‘नहीं, अब और नहीं चलेगा। बहुत बर्दाश्त कर लिया मैंने। इन लोगों ने समझ क्या रखा है…’वास्तव में इनका नाम शेरा बाबू नहीं। 1962 में चुनाव के दौरान इन्होंने एक पाक्षिक पत्रिका निकाली थी। बहुत बड़ा रिस्क […]
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स्त्री-सुबोधिनी: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: प्यारी बहनो, न तो मैं कोई विचारक हूँ, न प्रचारक, न लेखक, न शिक्षक। मैं तो एक बड़ी मामूली-सी नौकरीपेशा घरेलू औरत हूँ, जो अपनी उम्र के बयालीस साल पार कर चुकी है। लेकिन इस उम्र तक आते-जाते जिन स्थितियों से मैं गुज़री हूँ, जैसा अहम अनुभव मैंने पाया… चाहती हूँ, बिना किसी […]
असामयिक मृत्यु: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: सब-कुछ जहाँ का तहाँ थम गया। गति महेश बाबू के हृदय की बंद हुई थी, पर चाल जैसे सारे घर की ठप्प हो गई। अधूरा बना हुआ मकान और अधकचरी उम्र के तीन बच्चे।सच पूछो तो यह भी कोई उम्र है मरने की भला? कुल जमा चवालीस साल। पर मौत कौन किसी से […]
नई नौकरी: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: टाई की नॉट ठीक करते हुए कुंदन आदेश देता जा रहा था-‘सोफे का कपड़ा कम पड़ गया है, तुम खुद लाकर दे देना। इनके जिम्मे कर दिया तो समझो सब चौपट। दरवाज़े-खिड़कियों का वार्निश आज ज़रूर पूरा हो जाना चाहिए और देखो, प्लंबर आएगा तो जहाँ-जहाँ के नल और पाइप खराब हों, सब […]
सजा: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: पप्पा का कार्ड आया है चाचाजी के नाम : ‘फैसले की तारीख 16 अप्रैल पड़ी है और इस बार निश्चित रूप से फैसला हो जाएगा, पहले की तरह स्थगित नहीं होगा। यदि छुट्टी मिल सके और असुविधा न हो तो दो दिन के लिए आ जाना।’मेरे और मुन्नू के लिए एक लाइन तक […]
छत बनानेवाले: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: दरवाज़े के बाईं ओर की दीवार पर लगी नेमप्लेट को दो बार अच्छी तरह पढ़ने के बाद बड़े झिझकते-से हाथों से शरद ने कुंडी खटखटाई।‘कौ..न?’ एक दहाड़ता-सा स्वर दरवाज़े से टकराकर बिखर गया। शरद की समझ में नहीं आया कि वह क्या कहे। एक बार तो मन हुआ कि चुपचाप चल दे और […]
राम कथा के अमरत्व का रहस्य
Ramayan in Hindi Story: गुजरात के प्रसिद्ध विद्वान प्रोफेसर गुनवंत शाह ने एक स्थान पर लिखा है कि भारतीय संस्कृति की आत्मा वेद है, उपनिषद् उसका तत्त्व है, भगवद्गीता उसका हृदय हैं और रामायण एवं महाभारत उसकी आंखें हैं। राम के जीवन पर आधारित वैसे तो अनेक काव्य एवं महाकाव्य लिखे गए हैं किन्तु इनमें […]
क्षय: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: सावित्री के यहाँ से लौटी तो कुंती यों ही बहुत थका हुई महसूस कर रही थी। उस पर टुन्नी के पत्र ने उसके मन को और भी बुरी तरह मथ दिया। पापा को भी दो बार खाँसी का दौरा उठ चुका था। वह जानती थी कि वे बोलेंगे कुछ नहीं, पर उनका मन […]
एक बार और: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: सारा सामान बस पर लद चुका है। बस छूटने में पाँच मिनट बाकी है। ड्राइवर अपनी सीट पर आकर बैठ गया है। सामान को ठीक से जमाकर कुली नीचे उतर आया है और खड़ा-खड़ा बीड़ी फेंक रहा है। अधिकतर यात्री बस में बैठ चुके हैं, पर कुछ लोग अभी बाहर खड़े विदाई की […]
दरार भरने की दरार: मन्नू भंडारी की कहानी
Hindi Story: मैंने घर में सबको मना कर दिया था कि जब श्रुति दी आएँ तो उस समय कमरे में कोई नहीं आएगा। छोटे भाई-बहनों को इस बात की कतई तमीज़ नहीं है। कोई भी मेरे पास आएगा, तो आनेवाले के आस-पास वे इस प्रकार मँडराएँगे, गोया वह उन लोगों से ही मिलने आया हो। […]
