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Vrishchik Rashifal 2022
Scorpio Horoscope 2022

तो विशाखा‒1

ना, नी, नू, ने अनुराधा‒4

नो, या, यी, यू ज्येष्ठा‒2


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में शनि कुंभ राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति मीन राशि का पंचम भाव में, राहु+मंगल मेष राशि का षष्ठम भाव में, शुक्र+बुध वृषभ राशि का सप्तम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का नवम भाव में, केतु तुला राशि का बारहवें भाव में है।


24 जुलाई से 31 जुलाई तक

दिनांक 24 को पति-पत्नी में आपसी तालमेल बहुत ही बढ़िया रहेगा। घर में किसी मांगलिक आयोजन की रूपरेखा बन सकती है। 25 से 27 जुलाई के मध्य कोई ऑर्डर कैंसिल हो सकता है। धन हानि होने की संभावना है। नौकरी में अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों से व्यवहार करने से बचें। आपको ट्रेप किया जा सकता है। सावधान रहें। 28 से 30 जुलाई के मध्य हास-परिहास व मनोरंजन में समय व्यतीत होगा। प्रेम प्रस्ताव प्राप्त होंगे। प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। परोपकारी कार्यों की वृत्ति रहेगी। 31 को उच्चाधिकारियों से सम्पर्क बनेंगे। व्यावसायिक रूप से कोई खास सफलता प्राप्त हो सकती है।

वृश्चिक राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी3, 4, 5, 22, 23, 27, 28, 316, 7, 15, 16, 17, 25, 26
फरवरी1, 19, 20, 24, 25, 27, 282, 3, 4, 11, 12, 13, 21, 22
मार्च18, 19, 23, 24, 26, 27, 281, 2, 3, 11, 12, 13, 21, 29, 30
अप्रैल14, 15, 19, 20, 23, 247, 8, 9, 17, 18, 25, 26, 27
मई12, 13, 16, 17, 20, 214, 5, 6, 14, 15, 23, 24
जून8, 9, 13, 14, 16, 171, 2, 3, 11, 19, 20, 28, 29, 30
जुलाई5, 6, 7, 10, 11, 14, 158, 9, 16, 17, 25, 26, 27
अगस्त2, 3, 7, 8, 10, 11, 29, 304, 5, 13, 14, 21, 22, 23
सितम्बर3, 4, 7, 8, 25, 26, 301, 9, 10, 18, 19, 20, 28, 29
अक्टूबर1, 4, 5, 22, 23, 24, 27, 28, 297, 8, 15, 16, 17, 25, 26
नवम्बर1, 19, 20, 22, 24, 25, 27, 283, 4, 11, 12, 13, 22, 30
दिसम्बर16, 17, 18, 21, 22, 25, 261, 9, 10, 11, 19, 20, 27, 28

वृश्चिक राशि का वार्षिक भविष्यफल

Vrischik Rashifal 2022
वृश्चिक राशि

यह साल वृश्चिक राशि वालों के लिए लाभप्रद रहेगा। वर्षारंभ में आपकी राशि का स्वामी मंगल स्वगृही है। अतः आप इस वर्ष उत्तम स्वास्थ्य का लाभ तो लेंगे ही, साथ ही उपलब्धियों के हिसाब से भी आप शीर्ष पर रहेंगे। स्वास्थ्य में इस साल सुधार होगा। पुराना रोग व कष्ट जो चला आ रहा है उससे काफी हद तक आराम आएगा। दीर्घकालिक बीमारियां हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर जैसी ज्यादा परेशान नहीं कर पाएंगी। मौसमी बीमारियों से कभी-कभार जरूर दिक्कत हो सकती है। व्यापार व काम-काज में नित नए प्रयोग नई उपलब्धियों को स्पर्श कराएंगे। नौकरी व करियर में इस साल प्रमोशन व पदोन्न्ति की संभावना है।
इस वर्ष शनि तीसरे स्थान में तथा चौथे स्थान में चलायमान रहेंगे। आंशिक रूप से शनि की ढैय्या का प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। 29 जुलाई से 12 जुलाई के मध्य सावधान रहें। वाहन द्वारा क्षति संभव है। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं तथा वाहन चलाते समय शराब आदि से दूर रहें। मोबाइल का उपयोग भी नहीं करें।
इस वर्ष व्यापार व कारोबार में नई तकनीक, नये प्रयोग, नए हुनर का प्रयोग आपके भाग्य को तथा कारोबार दोनों को चमका सकता है। नौकरी में काम का वातावरण काफी अनुकूल रहेगा। बॉस व अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे। आपको आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। 12 अप्रैल से राहु गोचरवश छठे भाव में आ जाएंगे। गुप्त शत्रु व षड्यंत्र सक्रिय रहेंगे। आपको कदम-कदम पर सावधान रहना चाहिए। आर्थिक मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। कार्य विस्तार की जो योजना पिछले काफी समय से लम्बित चली आ रही थी, वह इस वर्ष पूरी हो जाएगी। वर्षारंभ में देवगुरु चौथे स्थान में शनि की राशि का है। चल-अचल संपत्ति में वृद्धि के योग स्पष्टतः दिखला रहा है। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद हो सकती है। इस वर्ष धन तो प्राप्त होगा, परंतु जितनी तीव्रता से धन आएगा उतनी ही तीव्रता से खर्च भी हो जाएगा।
इस वर्ष कोर्ट-केस के विवाद व अन्य सरकारी काम शुरूआत में थोड़े उलझेंगे। परंतु बाद में वे आपके पक्ष में जाएंगे। सम्पत्ति सम्बंधी विवाद व बंटवारे सम्बंधी विषय अंततः सुलझ जाएंगे। हालांकि इस वर्ष ससुराल पक्ष के साथ किसी बात को लेकर तनातनी हो सकती है। संतान आपकी आज्ञा में रहेगी। संतान से सम्बंधित कोई शुभ प्रसंग शादी-विवाह, सगाई आदि की बात जम सकती है। नौकरी में प्रमोशन से सम्बंधित परीक्षा, इंटरव्यू, विभागीय परीक्षा में सफलता मिलेगी। आप लक्ष्य को निर्धारित कर उस दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो सफलता निश्चय ही आपके कदम चूमेगी। सहकर्मी व अधीनस्थ लोग आपके बॉस व अधिकारी के कान भरेंगे। लेकिन आपका अहित कुछ भी नहीं कर पाएंगे। 13 अप्रैल के बाद गुरु पंचम स्थान में स्वगृही होंगे। विद्यार्थी अपने अध्ययन के प्रति पहले से अधिक गम्भीर होंगे। तकनीकी शिक्षा, कानूनी शिक्षा, शोध अनुसंधान, विज्ञान व वाणिज्य से सम्बंधित विद्यार्थियों को इस वर्ष सफलता मिल जाएगी। शनि की ढैय्या का प्रभाव इस वर्ष आपकी राशि पर रहेगा। अतः रुपया उधार किसी को नहीं दें। अन्यथा वापस निकलवाने में आपको पसीने आ सकते हैं। भागीदारी के काम में सावधानी रखें। इस वर्ष 28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य बृहस्पति के वक्रत्वकाल में ऐसी कोई गलती आपसे हो जाएगी जिसका मलाल आपको रहेगा।

वृश्चिक राशिकैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह साल अच्छा है। इस वर्ष किसी गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका नहीं है। दीर्घकालिक बीमारियों में भी आराम रहेगा। वर्षारंभ में स्वगृही मंगल इस वर्ष उत्तम स्वास्थ्य के संकेत कर रहा है। परंतु साथ ही इस वर्ष अंशकालिक रूप से ढैय्या का भी प्रभाव है। अतः स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करें। यात्रा में खान-पान का ध्यान रखें। योग, व्यायाम, दवाइयों आदि का ध्यान रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में कुछ मौसमी बीमारियां पाचनतंत्र के रोग, पेट से सम्बंधित परेशानी आदि रह सकती है। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य के गिरते हुए स्वास्थ्य के कारण आपको बार-बार अस्पताल जाना पड़ सकता है।

वृश्चिक राशिव्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार में इस वर्ष नवीन उपलब्धियां रहेंगी। आप जमकर मेहनत करेंगे। पिछले साल जो नुकसान की स्थिति रही है, कहीं न कहीं उसकी भरपाई करने का विचार रहेगा। इस वर्ष शनि तीसरे स्थान में स्वगृही है, किसी बड़े व प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात होगी तथा उससे आपके कामकाज को नई दिशा मिलेगी। आप पूरी ऊर्जा और पूरे जोश से अपने काम के प्रति समर्पित रहेंगे। मेहनत व परिश्रम के पश्चात् सफलताएं साफ रूप से दृष्टिगोचर हो रही हैं। व्यापार में नई तकनीक, नए हुनर व नया प्रयोग आपके काम को शिखर पर पहुंचा देगा। कर्मचारी व अधीनस्थ व्यक्ति भी आपके प्रति पूर्ण रूपेण समर्पित रहेंगे। हालांकि भागीदार व पार्टनर के कार्यकलाप व गतिविधि पर नजर आवश्यक है। इस वर्ष वर्षारंभ में मंगल अपनी ही राशि में चलायमान हैं। अतः कामकाज में मेहनत व परिश्रम अधिक रहेगी। जो रुपया पिछले काफी समय से रुका हुआ था, उसके प्राप्त होने का योग भी इस साल के अंत में बन रहा है। निवेश से पूर्व सावधानी व सतर्कता आवश्यक है। नौकरी में आपका दबदबा व रुतबा बरकरार रहेगा। सहकर्मी व अधीनस्थ भी आपकी कार्यशैली के कायल रहेंगे। प्रमोशन व पदोन्नति के योग बन रहे हैं। आपके आय के साधनों में वृद्धि होगी। व्यावसायिक प्रतिद्वंदियों व प्रतिस्पर्धियों के सामने आप बहुत बड़ा लक्ष्य रख देंगे। सम्पत्ति व धन के रख-रखाव पर खर्चा होगा। आर्थिक रूप से आप इस वर्ष सक्षम रहेंगे।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

आप वृश्चिक राशि के जातक हैं तथा वृश्चिक राशि के जातक ज्यादा भावुकता में नहीं आते। इस वर्ष घर-परिवार में स्थितियां थोड़ी सी उठा-पटक वाली रह सकती हैं। दाम्पत्य जीवन में मधुरता रहेगी, वहीं संतान व घर के वरिष्ठ सदस्यों को लेकर कई बार तनाव उपस्थित हो सकता है। हालांकि संतान का विवाह, करियर व अध्ययन आदि आपकी चिंता के मूल बिन्दू रहेंगे। पति-पत्नी दोनों एक दूसरे की भावनाएं समझकर उसके अनुसार आचरण व व्यवहार करेंगे। संतान के करियर, विवाह आदि का तनाव 13 अप्रैल के बाद मीन के गुरु के कारण समाप्त हो जाएगा। घर में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बनेगी। जुलाई से नवम्बर के मध्य गुरु के वक्रत्व परिभ्रमण के कारण घर के वरिष्ठ सदस्यों के स्वास्थ्य में गड़बड़ हो सकती है, जिसके कारण आपको अस्पताल भी जाना पड़ सकता है। रिश्तेदारों की तरफ आप मदद व सहयोग का हाथ बढ़ाएंगे। रिश्तेदार भी आपको यथायोग्य सहायता करेंगे।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

इस वर्ष 13 अप्रैल के बाद अध्ययन में अच्छे योगायोग निर्मित हो रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति पंचम स्थान में आ जाएंगे। अतः अध्ययन के प्रति एकाग्रचित्तता व संजीदगी बनेगी। आप पूरी तरह से तन्मय होकर पढ़ाई करेंगे। परीक्षा में सफलता मिल जाएगी। नौकरी के लिए प्रयासरत व्यक्तियों को ज्यादा मेहनत करने की आवश्यकता है। इंटरव्यू, विभागीय परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा व नौकरी से सम्बंधित परीक्षा में सफलता मिल जाएगी। नौकरी में आप अपना प्रदर्शन बेहतर करने की जी तोड़ मेहनत करेंगे। लक्ष्यों को तय करके हासिल कर लेंगे। सहकर्मी यहां तक कि विरोधी व प्रतिद्वंदी भी आपके काम की प्रशंसा करेंगे। कभी-कभार आप हताशा या निराशा जुलाई से नवम्बर के मध्य वक्री गुरु के कारण महसूस करेंगे। फेसबुक, व्हाट्सएप्प व सोशल मीडिया से विद्यार्थियों को थोड़ी दूरी बनाए रखनी चाहिए।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

वृश्चिक राशि वाले जातक मित्रों के मामले में थोड़े कंजूस होते हैं। आपके कम मित्र होते हैं, परंतु जो भी मित्र होते हैं वे सच्चे व अच्छे होते हैं। इस वर्ष मित्रों का दायरा बढ़ेगा। प्रेम सम्बंधों की जहां तक बात है 13 अप्रैल के बाद प्रेम सम्बंधों में प्रगाढ़ता आएगी। नए प्रेम प्रस्ताव भी प्राप्त होंगे। वहीं प्रेम सम्बंध आपकी बदनामी का कारण भी बन सकते हैं। आप प्रेम सम्बंधों को गुप्त नहीं रख पाएंगे। इस कारण पारिवारिक तनाव भी उपस्थित हो सकता है। आप किसी मुसीबतजदा, कमजोर व लाचार मित्र की मदद आर्थिक, व्यापारिक व शारीरिक रूप से करेंगे।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष वर्षारंभ में बृहस्पति चौथे स्थान में स्थित है। अतः किसी नए वाहन का योग इस वर्ष बन रहा है। पुराने वाहन पर खर्चा हो सकता है। मंगल वर्षारंभ में वृश्चिक राशि में स्थित है। अतः खर्च की भी इस वर्ष प्रबलता रहेगी। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। इस वर्ष किसी शुभ कार्य के योग बन रहे हैं। परिवार के किसी सदस्य से सम्बंधित शुभ कार्य की स्थिति बनेगी। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। नशे-पत्ते से दूर रहें। शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं तथा वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग भी नहीं करें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्वकाल में विशेष सावधानी रखने का समय है।

वृश्चिक राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष आर्थिक मामलों में किसी पर भी विश्वास करना धनहानि का कारण बनेगा। व्यापार में भी उधार से दूरी बनाकर रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में तगड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टे से उचित दूरी बनाकर रखें। दो नम्बर व अनुचित कार्यों को फिलहाल टाल दें। वाहन, घर की मरम्मत व नए घर, शुभकार्य के लिए ऋण लेना पड़ सकता है तथा ऋण की अदायगी में भी आपके पसीने छूट सकते हैं। किसी रिश्तेदार के साथ कोई अनहोनी या अशुभ घटना घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष यात्राओं का योग कमजोर ही है। घर-परिवार के कामों से छोटी-मोटी यात्राएं हो सकती हैं। यात्राओं में थकान व शारीरिक कष्ट की स्थिति रहेगी।

कैसे बनाये वृश्चिक राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष की शुभता में वृद्धि करने के लिए, अनुकूलता बढ़ाने के लिए मंगलवार को हनुमान मंदिर के दर्शन करें। तामड़ा रत्न अनामिका अंगुली में धारण करें। मंगलवार को हनुमान जी के सन्मुख चमेली के तेल का दीपक कर संकटमोचन स्त्रोत का पाठ करें।

वृश्चिक राशि की चारित्रिक विशेषताएं

आपकी राशि का स्वामी मंगल है। मंगल पुरुषार्थ व परिश्रम को परिलक्षित करता है। मंगल से प्रभावित जातक साहसी, कर्मठ, परिश्रमी व जुझारू प्रवृत्ति का होता है, ऐसा व्यक्ति परिस्थितियों की मार के सामने भी कभी नहीं झुकता है। मंगल तेजोमय व अग्नि तत्त्व प्रधान है। इसका प्राकृतिक स्वभाव दंबंग, क्रोध युक्त, दंभी, हठी, दृढ़ प्रतिज्ञ व स्पष्टवादी पुरुषों का प्रजनन है।
वृश्चिक राशि का राशि चिह्न ‘डंकदार बिच्छू’ है। बिच्छू के करीब 21 नेत्र शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों पर होते हैं। इसलिए इस राशि का जातक किसी वस्तु का समस्त अवलोकन करने के बाद विषय की बारीकी को सहज ही पकड़कर अपने काम की वस्तु उसमें से ग्रहण कर लेता है। बिच्छू बड़ा ही तेज स्वभाव का व शीघ्र डंक मारने वाला प्राणी है। ऐसे व्यक्ति दूसरों की असावधानी से शीघ्र फायदा उठाने के लिए तत्पर रहते हैं। इस राशि में उत्पन्न व्यक्तियों के पूर्वार्द्ध साधारण तथा जीवन के अंतिम दिनों में भरे-पूरे व सर्व प्रभुत्व-संपन्न बन जाते हैं।
वृश्चिक राशि स्त्री जाति सूचक, जल तत्त्व प्रधान व रात्रि बली होती है। इस राशि के जातक रात्रि में अधिक शक्तिशाली हो जाते हैं। यदि आप क्रोधित हो जाएं, तो फिर आप क्षमा करना नहीं जानते। मन में क्रोधाग्नि भीतर-ही-भीतर धधकती रहती है। यद्यपि बाहर से ज्ञात होता है कि आप शांत हो गए, परन्तु प्रतिहिंसा की भावना आपके अंदर और भी भयानक रूप धारण कर लेती है। आप प्रतिद्वंद्वी को निर्दयता से हानि पहुंचाने की चेष्टा करते हैं। ये शत्रु को धर दबोचने वाले, झगड़ालू व उन्मत व्यवहार के व्यक्ति होते हैं।
सामान्यता इस राशि में उत्पन्न जातक स्वस्थ एवं बलवान होते हैं तथा परिश्रम एवं लगन के द्वारा अपने शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनको विभिन्न विषयों का ज्ञान होता है तथा एक विद्वान के रूप में इनकी छवि रहती है। कुल या परिवार में ये श्रेष्ठ रहते हैं तथा मित्र एवं बंधु वर्ग के मध्य सम्माननीय रहते हैं। आत्मशक्ति की इनमें प्रबलता रहती है। इनकी महत्त्वाकांक्षा भी तीव्र होती है। धन-संग्रह के प्रति इनकी रुचि रहती है तथा धनार्जन में नैतिक सीमा का अनुपालन कम ही करते हैं। इनमें अल्प भावुकता रहती है तथा बुद्धि के द्वारा ही अधिकांश कार्यों को संपन्न करते हैं, साथ ही विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में ये ख्याति अर्जित करते हैं।
अतः इसके प्रभाव से आप स्वस्थ एवं बलवान पुरुष होंगे तथा स्वपराक्रम एवं परिश्रम से सांसारिक कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। इससे आपके उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे तथा जीवन में धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख-संसाधनों को अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करेंगे। आप में निर्भयता तथा लग्नशीलता का भाव भी विद्यमान होगा। फलतः कार्यक्षेत्र में प्रभावशाली होंगे तथा उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होंगे।
आप एक महत्त्वाकांक्षी व्यक्ति होंगे तथा अपनी महत्त्वाकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सर्वदा प्रयत्नशील रहेंगे। धन-संग्रह के प्रति भी आपकी रुचि रहेगी, परन्तु इससे आपके समीपस्थ लोग यदा-कदा असुविधा की अनुभूति करेंगे। भावुकता से आप जीवन में कम ही कार्य करेंगे, फलतः प्रसन्नतापूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे।
आप एक सहनशील स्वभाव के व्यक्ति होंगे तथा धैर्यपूर्वक अपने सांसारिक कार्यकलापों को सम्पन्न करके उनमें वांछित सफलता प्राप्त करेंगे। सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से आप नित्य आर्थिक लाभ अर्जित करेंगे तथा इनसे आपको सहयोग भी मिलता रहेगा, जिससे आपके अन्य कार्य भी यथासमय सिद्ध होंगे।
आपके स्वभाव में दया एवं उदारता का भाव भी विद्यमान होगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को सुख-दुःख में सेवा तथा सहयोग प्रदान करेंगे। इससे अन्य लोग आपसे प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। साथ ही सत्कर्मों को करने में आपकी रुचि रहेगी तथा यत्नपूर्वक उन्हें सम्पन्न करके मान-सम्मान एवं यश में अभिवृद्धि करेंगे।
धनैश्वर्य एवं भौतिक सुखों के प्रति आपके मन में तीव्र लालसा रहेगी तथा इनकी प्राप्ति में आप अत्यधिक परिश्रम एवं पराक्रम का प्रदर्शन करेंगे।
धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा रहेगी तथा समय-समय पर धार्मिक कार्यकलापों या तीर्थ-यात्राओं को मानसिक शांति के लिए सम्पन्न करेंगे। मित्र वर्ग में भी आप श्रेष्ठ एवं आदरणीय रहेंगे तथा उनसे इच्छित लाभ एवं सहयोग प्राप्त करेंगे। इस प्रकार आप परिश्रमी, संग्रहकर्ता एवं महत्त्वाकांक्षी व्यक्ति होंगे तथा धनैश्वर्य से युक्त होकर अपना समय व्यतीत करेंगे।
यदि आपका जन्म वृश्चिक राशि ‘विशाखा नक्षत्र’ के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपका नाम ‘तो’ अक्षर पर है, तो आपका जन्म 16 वर्षों वाली बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-व्याघ्र, गण-राक्षस, वर्ण-शूद्र, युज्जा-मध्य, हंसक-वायु, नाड़ी-अन्त्य, वश्य-द्विपद, पाया-तांबा, वर्ग-सर्प है। विशाखा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति सौम्य होते हैं तथा अपने शत्रुओं का सफाया बड़ी चतुरता से करते हैं।
यदि आपका जन्म वृश्चिक राशि ‘अनुराधा नक्षत्र’
(ना, नी, नू, ने) में है, तो आपका जन्म 19 वर्ष वाली शनि की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मृग, गण-देव, वर्ण-विप्र, युज्जा-मध्य, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-तांबा, योनि-सर्प है। अनुराधा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति गुप्त व्यसनों के आदी होते हैं। फिर भी अपने बुद्धि-चातुर्य से बहुत अधिक धन अर्जित करते हैं।
यदि आपका जन्म वृश्चिक राशि ‘ज्येष्ठ नक्षत्र’ (नो, या, यी, यू) में है, तो आपका जन्म 17 वर्ष वाली बुध की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मृग, गण-राक्षस, वर्ण-विप्र, युज्जा-अन्त्य, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-तांबा, योनि प्रथम चरण की-सर्प एवं बाकी तीनों चरण की-हिरण है। ज्येष्ठ नक्षत्र को ‘गण्डमूल’ कहा गया है। इसमें जन्मे व्यक्ति बहुत तेजस्वी तथा अत्यधिक पराक्रमी होते हैं।
बिच्छू की आयु कम होती है, अतः वृश्चिक राशि वाले अल्पायु को प्राप्त होते देखे गए हैं। अचानक आक्रमण, दुर्घटना तथा घटनाचक्र के मोड़ से यह शीघ्र ही काबू में आ जाते हैं। इनको प्रायः तिक्त (खट्टा) स्वाद पसंद होता है तथा खाना खाते वक्त नींबू का प्रयोग ज़्यादा करते हैं।

वृश्चिक राशि वालों के लिए उपाय

4 1/4 रत्ती का मूंगा ‘मंगल यंत्र’ से जड़वाकर धारण करें। बंदरों को भोजन व फल खिलाएं। मंगलवार को हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ताम्रपात्र में रात्रि में जल भरकर रखें व प्रातःकाल उस जल को पिएं। लाल रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।

वृश्चिक राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ वृश्चिक
    1. राशि चिह्न ‒ बिच्छू
    2. राशि स्वामी ‒ मंगल
    3. राशि तत्त्व ‒ जल-तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ स्थिर
    5. राशि दिशा ‒ उत्तर
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री
    7. राशि जाति ‒ ब्राह्मण
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ पीठ (गुदा)
    10. अनुकूल रंग ‒ लाल
    11. शुभ दिवस ‒ मंगलवार
    12. अनुकूल देवता ‒ शिवजी, भैरव, हनुमान
    13. व्रत, उपवास ‒ मंगलवार
    14. अनुकूल रत्न ‒ मूंगा
    15. अनुकूल उपरत्न ‒ तामड़ा
    16. अनुकूल धातु ‒ तांबा
    17. अनुकूल अंक ‒ 9
    18. अनुकूल तारीखें ‒ 9/18/27
    19. मित्र राशियां ‒ कर्क, मीन
    20. शत्रु राशियां ‒ मेष, सिंह, धनु
    21. व्यक्तित्व ‒ कानूनबाज, गणक, संत, समीक्षक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ बुद्धिमान, निडर, प्रकृति प्रेमी
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ ईर्ष्यालु प्रवृत्ति

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