Sawan Poem: सावन की ऋतु आई है,
चारों ओर हरियाली छाई है।
घनघोर बादल छाए है,
मोर पपीहे गीत गाएँ है।
सावन में भोले बाबा आते हैं,
सब मंदिरों की शान बढ़ाते हैं।
शिव के भक्तों का उमड़ा जन सैलाब है,
कावड़ियों की टोली जय जय कार करती है।
हर हर महादेव से गूंजता हर द्वार है।
भक्ति दर्शन करने आते हैं,
भक्ति में लीन हो जाते हैं।
गंगाजल से शिवलिंग को स्नान कराते,
बेलपत्र धतूरा और भांग चढ़ाते।
शिव शंकर है सबसे भोले,
जो सावन में शिव सती को पूजे,
उसके सब कष्ट दूर होते।
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