Parvati Puja in Sawan: सावन का पावन महीना चल रहा है। सावन को भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे उत्तम महीना माना गया है। सावन में हर तरफ बम बम बोले, ओम नमः शिवाय, हर हर महादेव की गूंज सुनाई देती है। भगवान शिव को सावन का महीना बेहद प्रिय है। इस बार अधिकमास होने की वजह से भगवान शिव की पूजा के लिए भक्तों को अधिक समय मिल रहा है। धर्म ग्रंथों में सावन में भगवान शंकर की पूजा का महत्व बताया गया है। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन में मां पार्वती की पूजा करना भी महत्वपूर्ण माना गया है। सावन में जो भी भक्त मां पार्वती की पूजा करता है, उससे भगवान शिव प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं। इसलिए सावन में भगवान शिव के साथ मां पार्वती की पूजा भी करनी चाहिए।
मां पार्वती की पूजा के लाभ

धर्म शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती की पूजा के बिना शिव की पूजा भी अधूरी मानी जाती है। इसलिए शिवजी के साथ मां पार्वती की भी उपासना की जाती है। सावन में जो भी भक्त मां पार्वती की पूजा करता है उसके सभी रोग, दोष, कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मनचाहा वरदान मिलता है। मां पार्वती की उपासना से दंपति के बीच प्रेम व स्नेह बढ़ता है और परिवार में खुशियां बनी रहती हैं। सावन में रोजाना शिव की पूजा के साथ मां पार्वती की आरती करने से जीवन में सुख—समृद्धि बनी रहती है।
मां पार्वती पूजा विधि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव की सच्ची श्रद्धा से आराधना करें और उनको प्रिय वस्तुओं का भोग लगाएं। शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और फिर भगवान शिव की पूजा करें। साथ में मां पार्वती को भी जल अर्पित करें और उनकी आराधना करें। भगवान शिव की आरती के साथ मां पार्वती की भी आरती करें।
मां पार्वती की आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता
सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
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