अनाड़ी जी, जो लोग जीवन में प्रेम का महत्व नहीं समझते, उनसे आप क्या कहेंगे?संगीता शर्मा, गाजियाबाद जो प्रेम नहीं करता,जीवन से पलायन है,ये प्रेम और क्या,जीवन का ही गायन है।सांसें नहीं ज़रूरीजो हमको रखें जि़ंदा,जीवन की धमनियों मेंवह प्रेम-रसायन है। अनाड़ी जी, आपकी नज़र में कौन ज़्यादा महान है, एक घरेलू महिला या सफलता […]
Category: कविता-शायरी
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, क्या आपके पास कोई फिल्म प्रोड्यूसर नहीं आया, आपकी कहानियों पर फिल्म बनाने? सारिका वोहरा, मंडी (हि.प्र.) प्रोड्यूसर आते थे, खूब आते थे! पर उस तरफ ध्यान नहीं दे पाते थे! आपके प्रश्नों के उत्तर देते रहने कवि सम्मेलनों में उड़ते रहने फेसबुक, वाट्सएप पर आत्ममुग्ध रहने और चाय में कम दुग्ध रहने […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, आठ मार्च महिला दिवस के बारे में आपका क्या कहना है?रचना मोहन, दिल्ली हमारे लिए तो हर दिवसमहिला दिवस है,इसमें नहीं कोई असमंजस है।महिलाएं हर क्षेत्र में इक्कीस हैं,लेकिन टीस इस बात की है किदेश में जनगणना के अनुसारहज़ार में केवल नौ सौ उन्नीस हैं।बचे हुए इक्यासी पुरुषआठ मार्च कोदिन में आठ बार मार्च […]
ये वो बदनाम गलियां हैं जहां बिस्तर तो नसीब होता है लेकिन नींद नहीं..
ये वो बदनाम गलियां हैं जहाँ किस्मत भी अपना रुख करने से पहले सौ दफ़े दम तोड़ती है। जहाँ सूरज रोज़ उगता तो है मगर सिर्फ धूप लाकर छोड़ देता है, पर कोई सुबह नहीं लाता। यहाँ दिन में कई बार रात होती है और रात भी वो, जिसमें बिस्तर तो […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, शादी के बाद पुरुष तीन महिलाओं के बीच फंस जाता है- मां, पत्नी और बहन। कुछ समय बाद एक महिला और उसकी जिंदगी में आती है- बेटी। ऐसे चक्रव्यूह से वह कैसे बाहर निकल सकता है। क्या अपनी अपनी राय देंगे?भावना सारस्वत, उदयपुर कैसी भावनाहीन बात कर दी भावना!ऐसा प्रश्न पूछ करलगाओ […]
औरत सब संभाल लेती है…
● वो “औरत” दौड़ कर रसोई तक ,दूध बिखरने से पहले बचा लेती है । ● समेटने के कामयाब मामूली लम्हों में,बिखरे “ख्वाबों” का गम भुला देती है । ● वक्त रहते रोटी जलने से बचा लेती है,कितनी “हसरतों” की राख उडा देती है । ● एक कप टूटने से पहले सम्हालती है ,टूटे “हौसलों” […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, महिलाएं दिमाग के बजाय मुंह को ही क्यों सजाती-संवारती रहती हैं? बबीता केशरी, वाराणसी मुझे यह कहते हुए संकोच है, कि प्रश्न में पुरुषवादी सोच है। बिल्ली हो चाहे बिलौटा, हर प्राणी संवारता है अपना मुखौटा। जहां तक दिमाग का सवाल है, मेरा ये खयाल है कि स्त्री का दिमाग हमेशा से तेज़ रहा है, […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, पति हमेशा पत्नी की हां में हां क्यों मिलाता है, इसकी वजह उसका डर है या पत्नी की खुशामद?– मीरा यादव, कानपुर पति हां में हां मिलाता है,ना में ना भी मिलाता है।पत्नी किसी बात को ना कर देतो उसकी क्या मजाल!इस स्त्री-उत्थान युग मेंअपनी चलाई तो जी का जंजाल।अगर वह विग्रह नहीं […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, इस बार रियो ओलम्पिक में नारी के कमाल को देखकर भारतीय पुरुष खिलाड़ी क्या अगाड़ी जाने की प्रेरणा लेंगे या पिछाड़ी ही रहेंगे?अदिति भारद्वाज, (प. बंगाल) ओलम्पिक मेंनारी ने जलवे दिखाए,पुरुष खिलाड़ी खास कुछ कर नहीं पाए।अब कुछ दिन पुरुषपिछाड़ी ही रहेंऔर अपने बाल नोंचें,नारी का सम्मान करना सीख जाएंतब बराबरी की […]
नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, नैट के इस युग में किसी के पास आज बात करने का भी समय नहीं है, क्या पुराने दिनों की वापसी की कोई आशा है?– आनन्दी जैन, नई दिल्ली इन दिनों परस्परइतनी बातें हो रही हैंजितनी कभी नहीं हुईं इतिहास में,हज़ारों मील दूर का दोस्त भीचौबीस घंटे रहता है पास में।स्काइप, वाट्सएप, ब्लर्टवाइबर […]
