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डिजिटल हंटिंग आज के समय का एक नया ट्रेंड है, इसका असर बेहद गहरा है। इससे आपका पूरा दिन खराब हो सकता है। दिल दुख सकता है।
Digital Haunting Effect on Mental Health: आज के समय में अधिकांश लोगों की सुबह मोबाइल फोन देखने के साथ ही होती है। लेकिन जरा सोचिए क्या सच में यह आपको खुशी देता है। कई बार पहली नजर दिल छूने वाले और दिमाग खराब करने वाले नोटिफिकेशन पर पड़ती है। किसी अपने के दूर जाने का गम, दोस्तों से दूरी, कॉलेज की यादें सब अचानक से जहन में घूम जाती हैं। दिल भारी होता है और सारा दिन मूड खराब सा रहता है। अगर ये आपके साथ हुआ है तो आप भी शायद ‘डिजिटल हंटिंग’ का शिकार हो चुके हैं।
जानें क्या है डिजिटल हंटिंग

डिजिटल हंटिंग आज के समय का एक नया ट्रेंड है, इसका असर बेहद गहरा है। ये वो दौर है जब सोशल मीडिया आपकी भूली-बिसरी यादों को अचानक फिर से सामने ला देता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल फोटोज जैसे प्लेटफॉर्म अक्सर ‘मेमोरी’ के नाम पर आपको पुराने लम्हों की झलक दिखाते हैं। ऐसे में दिल का कोई न कोई कोना दुख जाता है।
इसलिए है चिंता की बात
चिंता की बात ये है कि ऐसा जरूरी नहीं है कि ये यादें आपको हमेशा खुशियां ही दें। कई बार ये वो लम्हें होते हैं जिन्हें हम भुलाना चाहते हैं जैसे अपने प्यार से ब्रेकअप का दर्द, अकेलेपन के दिन, स्कूल—कॉलेज के दोस्तों से दूरी या कोई शर्मनाक पोस्ट। ये यादें आपको फिर से उन्हीं जज्बातों में धकेल देती हैं, जिनसे हम बड़ी मुश्किल से बाहर निकले होते हैं।
पुरानी यादों से घिरे रहते हैं
डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि जो बात एक बार इंटरनेट पर चली गई, वो हमेशा के लिए वहां रह जाती है। पुराने ट्वीट्स, फोटो, या चैट्स फिर से सामने आ सकते हैं। ऐसे में जब पुराने पोस्ट सामने आते हैं तो लगता है जैसे हम खुद की पुरानी यादों से घिरे हुए हैं।
रिश्तों पर पड़ता है असर
डिजिटल हंटिंग आपके रिश्तों पर भी बुरा असर डाल सकती है। अगर आप किसी ब्रेकअप से गुजर चुके हैं और उनकी यादें फिर से जहन में आती हैं तो इसका असर आपके आज पर भी पड़ता है। कई बार इससे असुरक्षा की भावना पैदा होने लगती है। भावनात्मक उथल पुथल की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे आगे बढ़ने में मुश्किल होती है। कई बार ये पुराने जख्म हरे होने जैसी स्थिति हो जाती है।
हमेशा खुश दिखने का दबाव
पुरानी तस्वीरें अक्सर लोगों पर खुश रहने का दबाव बनाती हैं। आप पुराने दिनों से आज की तुलना करने लगते हैं। आपको लगता है कि आप पहले ज्यादा खुश थे और वो खुशियां अब आपके पास नहीं हैं। इससे सेल्फ डाउट और उदासी बढ़ जाती है।
ऐसे बच सकते हैं डिजिटल हंटिंग से
ऐसा नहीं है कि आप डिजिटल हंटिंग से बच नहीं सकते। इससे दूरी बनाना बहुत ही आसान है। डिजिटल हंटिंग से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, सोशल मीडिया पर सीमाएं तय करना। साथ ही समय-समय पर पुरानी पोस्ट्स को डिलीट करें। नोटिफिकेशन सेटिंग्स को कंट्रोल करें और डिजिटल डिटॉक्स का भी सहारा लें। जिन लोगों से आपको दूरी बनानी है या जिनके संपर्क में रहने से आपको टेंशन होता है, उन्हें अनफ्रेंड कर लें। इससे काफी तनाव कम हो सकता है।
