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देवर और भाभी के नाजु़क रिश्ते में इन मर्यादाओं का रखें ख्याल 3

Relationship Tips : पारिवारिक रिश्ते विश्वास की मज़बूत डोरी से बंधे होते हैं। अगर आप इस डोर को एक बार तोड़ देते हैं, तो ये रिश्ते गांठों के सहारे ज्यादा समय तक टिक नहीं पाते हैं। हर रिश्ते में मान मर्यादा और प्रतिष्ठा का विशेष ख्याल रखना ज़रूरी है. ऐसा ही एक खूबसूरत रिश्ता है देवर भाभी का रिश्ता, जिसमे मान मर्यादा रखना बेहद ज़रूरी है । भाभी को मां का दर्जा दिया गया है और वो अपने देवर के प्रति विशेष स्नेह रखती है। मगर कुछ बातों का अगर विशेष ख्याल न रखा जाए, तो इस रिश्ते की मर्यादा भंग हो सकती है।  

लम्बी बातचीत से करें परहेज

कई बार दो लोग क्या बात कर रहे हैं, इस बात का अंदाज़ा तीसरे को नहीं हो पाता। मगर अपनी सोच के जाल को बुनकर वो व्यक्ति उसका कोई भी अर्थ निकाल सकता है। ठीक उसी प्रकार से अगर आप घर में अपने देवर से घंटों बातें करती हैं, तो बाकी घरवालों को इस बात से परेशानी हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी मसलों के अलावा ज्यादा देर तक बात करना उचित नहीं है।

मर्यादा में रहकर शब्दों का इस्तेमाल करें

कई बार हम बातचीत करते हुए ये भूल जाते हैं कि हम जिससे बात कर रहे हैं, उससे हमारा क्या रिश्ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि कोई हमारी बातों का गलत अर्थ निकाल लेता है। तो ऐसी समस्याओं से दूर रहने के लिए बातचीत करते वक्त सही शब्दों का चयन करें और बात बात में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। आजकल लोग दिखावे के इस दौर में स्लैंग लेंग्वेंज का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो देवर भाभी के रिश्ते में इस तरह की बातचीत से परहेज करें।

रिश्ते की सीमा को बरकरार रखें

रिश्तों की सीमा का ख्याल रखे बगैर देवर के साथ घंटों बाहर बिताना, सैर सपाटा करना और देर तक शापिंग करना। ये सभी चीजें आपके अन्य रिश्तों को प्रभावित कर सकती है। किसी काम से कुछ वक्त के लिए बाहर जाना और परिवार के बाकी सदस्यों को साथ ले जाना आपके अन्य रिश्तों को मधुर बनाने का एक कारगर उपाय है।

टचिंग से बचें

बात बात में एक दूसरे को छूना पूरी तरह से गलत है। आप जिस प्रकार की मिसाल कायम करेंगे, उसी प्रकार से आपके रिश्ते बनने और बिगड़ने लग जाएंगे। अगर आप बात बात पर एक दूसरे को टच करेंगे, तो इससे घर का माहौल खराब होने लगेगा और आप अपनी वैल्यू धीरे धीरे खोने लग जाएंगे। 

ओवर प्रोटेक्टिव बनने से बचें

अगर कोई इंसान गलत है, तो उसे गलती का एहसास कराएं। अगर आप हर बात में अपने देवर का पक्ष लेंगी, तो ये बात अन्य घरवालों की आंखों में अवश्य खटकेगी। अगर आप किसी को नाराज़ नहीं करना चाहती हैं, तो अपनी सलाह देने से बचें और बड़ों की हां में ही हां मिलाएं, ताकि परिवार में आपकी स्थिति मज़बूत बनी रहे। दरअसल, कई बार किसी खास व्यक्ति के प्रति ओवर प्रोटेक्टिव बिहेवियर हमारी छवि को खराब कर सकता है।

भईया कहकर पुकारें

चाहे आपका देवर हमउम्र है या आपसे छोटा है। कोशिश करें कि आप उन्हें भईया कहकर ही पुकारें। ये चीज़ आपके रिश्ते में खुद ब खुद मर्यादा कायम करने में कारगर साबित होती है। अगर आपका देवर हमउम्र है और आप उसे नाम लेकर पुकार रही हैं, तो यकीनन वो भी आपको नाम से ही पुकारेंगे। इससे रिश्तों की गरिमा प्रभावित होती है और रिश्ते के मध्य बनी इज्जत घटने लगती है। न केवल परिवार के सदस्य बल्कि बाहर वालों को भी ये बात अटपटी लग सकती है। ऐसे में आप अपने हमउम्र देवर को भईया कहकर ही पुकारें।

बात बात पर न टोकें

कई देवर भाभी के रिश्तों में हर वक्त कटुता भरी रहती है। कारण एक दूसरे की गलतियों को अन्य लोगों के समक्ष रखना। ऐसे में भाभी का दर्जा हमेशा ऊँचा माना जाता है। अगर आप ऐसी सिचुएशन मे हैं, तो अपने देवर को समझें और बात बात पर बाल की खाल निकालने की बजाय उन्हें अकेले में उनकी गलतियां समझांए न कि उनका मज़ाक बनाएं। पारिवारिक रिश्ते जोड़े रखने के लिए एक औरत को खूब संघर्ष करना पड़ता है। अगर आपका व्यवहार सभी से बराबर और उचित है, तो यकीनन न केवल परिवार में आपको मिलेगी बल्कि हर रिश्ता आपसे जुड़ाव भी महसूस करेगा। 

उनके प्रति कठोर रवैया न अपनांए

बहुत से परिवारों में देवर भाभी के बीच हर वक्त एक अजीब सी उलझन नज़र आती है। कारण एक दूसरे को नीचा दिखाना। अगर आप अपने देवर से  सही व्यवहार करेंगी, तो बदले में आप भी स्नेह पाएंगी। ऐसे में उनकी कमियां और अन्य बातों को लेकर कठोर रवैया न अपनांए। बाकी सदस्यों के जैसे उन्हें मान सम्मान अवश्य दें।

भेदभाव की नीति न अपनाएं

अक्सर कई महिलाएं रसोई घर में बने पकवानों को अपने बच्चों और पति के लिए अलग से बचा हर रखती है। ये व्यवहार पूर्ण रूप से उस वक्त गलत है, जब आप एक संयुक्त परिवार का हिस्सा है। अपने देवर को भी आप थाल परोसें और उनके लिए भी हर पकवान को अवश्य रखेंं। पति और बच्चों का मोह तो हर पत्नी और मां को होता ही है। लेकिन अगर आपके देवर अविवाहित है, तो कोशिश करें कि उनके खाने पीने का भी आप पूरा ख्याल रखें और मां के समान अपने फर्ज निभाएं।

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