कहा गया है कि भाभी का सबसे अच्छा दोस्त उसका देवर होता है.हालाँकि,ससुराल में भाभी को ,ननद से ज़्यादा देवर के साथ ट्यूनिंग बैठाने में मुश्किल होती है,क्योंकि ये रिश्ता इतना नाज़ुक होता है कि ज़रा सी लापरवाही से रिश्ता बिगड़ते देर नहीं लगती.प्रस्तुत हैं कुछ सुझाव जिन्हें मानकर चला जाय तो बेहतर है-

1-मर्यादा

यदि अपनी सीमा में रहा जाय तभी ये रिश्ता बख़ूबी निभ सकता है.संस्कारों में भाभी को माँ का दर्जा दिया गया है.माँ हो या सास,जिस तरह उनके साथ बात करते समय या बर्ताव करते समय एक सीमा निर्धारित होती है ,वैसी ही सीमा देवर भाभी के रिश्ते में बनी रहे तो,कोई भी ऐसी अनुचित घटना नहीं घट सकती,जो तनाव या शर्मिंदगी का कारण बन सके.

2-हस्तक्षेप न करें

देवर भाभी के बीच चाहे कितनी भी जमती हो ,उन्हें एक दूसरे की ज़िंदगी में दख़ल कदापि नहीं देना चाहिए.दोनों की अपनी अपनी ज़िंदगी हैं,और दोनो को अपनी ज़िंदगी जीने का अधिकार भी है.हाँ यदि भाभी को ऐसा महसूस हो कि देवर के क़दम ग़लत राह पर पड़ रहे हैं ,या वो,अपनी पढ़ाई में रुचि न लेकर कुछ असामाजिक बातों में रुचि ले रहा हो तो उसका मार्गदर्शन अवश्य करें.बेहतर होगा,इन बातों को अपने पति के साथ डिस्कस करके ही भाभी अपने सुझाव देवर के सामने प्रस्तुत करें.

यदि देवर शादी शुदा है तो क़दम फूँक फूँक कर रखने की ज़रूरत और भी ज़्यादा होती है.जब तक वो आपकी राय न पूछें तब तक उसके निजी जीवन में दख़ल न दें.हो सकता है ,देवर तो रिश्ते का लिहाज़ करके आपकी बात चुपचाप सुन भी लेगा,अगर देवरानी को बुरा लग गया तो आपके बने बनाए रिश्ते पर पानी पड़ते देर नहीं लगेगी.

3- बातों के बीच न आएँ

हो सकता है आपके पति को अपने भाईं की कोई बात पसंद नहीं आ रही हो ,और ,दोनों के बीच बहस चल रही हो तो बीच में पड़ने की कोशिश न करें,उन्हें अपने मुद्दे ख़ुद सुलझाने दें.ये ना भूलें,वो दोनों भाई हैं,और जब आप इस घर में आयी थीं उससे पहले से दोनों साथ रहते आए हैं. भाईयों में आपसी नोंक झोंक आम बात है,आपके बीच में पड़ने से मन मुटाव घटने के बजाय और बढ़ेगा.दोस्ती अपनी जगह है,रिश्ते अपनी जगा होते हैं

4-दुराव छिपाव  नहीं

दुराव नहीं तो,छिपाव भी नहीं होना चाहिए.माना कि देवर भाभी का रिश्ता दोस्ती का है लेकिन,इसी के साथ ये रिश्ता पवित्र भी है.यदि आपके देवर आपसे कोई बात ,अपने पति से छिपाने को कहते हैं तो ऐसा कदापि न करें.आपके अपने पति के साथ सम्बंध बिगड़ते देर नहीं लगेगी,दूसरे ,भविष्य में अगर इस बात से जुड़ा कोई विवाद हो जाय तो,उस स्थिति में आपके पति को सिचुएशन सम्भालने में मुश्किल नहीं होगी.

5-दूरी भी ज़रूरी है

दोस्ती निभाते समय शालीनता का दामन कभी न छोड़ें. छेड़छाड़,चिकोटी काटना,भद्दे मज़ाक़ करना,भावुकता में बह कर चुम्बन अंकित करना जैसी हरकतें ,सर्वथा ग़लत हैं.इन हरकतों से देवर भाभी का रिश्ता तो टूटेगा ही ,दूसरे रिश्तों पर भी आँच आते देर नहीं लगेगी.

6-व्यावहारिक बनें

देवर जवान है और उसे पैसों की ज़रूरत है .सास और आपके पति ने उसे पैसे देने से मना कर दिया है,और वो आपसे पैसे माँग रहा है तो व्यावहारिकता के धरातल पर,अपने पति के साथ विचार विमर्श करके ही क़दम बढ़ाएँ.

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