Summary: रिश्ते में संतुलन जरूरी है
जब बच्चा साथ सोता है, तब कपल्स को प्राइवेसी और प्यार दोनों का संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ नियम अपनाने चाहिए।
Bedroom rules for couples with kids: भारत में यह आम धारणा है कि बच्चा अपने माता-पिता के साथ एक बेड पर ही सोता है। अगर बच्चे की सुरक्षा के नजर से देखा जाए तो यह सही है, लेकिन दूसरी तरफ इससे पति-पत्नी के बीच एक अनचाही दूरी भी आ सकती हैं। ऐसे में कपल्स की जिम्मेदारी है कि वह पेरेंटिंग और रिलेशनशिप के बीच संतुलन बनाए। जिससे वह अपने बच्चों को अच्छे परवरिश के साथ अपने रिश्ते में भी एक दूसरे के लिए प्यार, सम्मान और जुड़ाव बनाए रखें।इन सबके लिए जरूरी है कि अगर बच्चा माता-पिता के साथ एक ही की बेडरूम में सोता है तो कपल्स कुछ बेडरूम रूल्स बनाएं जो कि उनके जीवन में पेरेंटिंग और रिश्ते में बैलेंस बनाने का काम करें। आईए जानते हैं इस लेख में माता-पिता कैसे पेरेंटिंग और रिलेशनशिप के बीच में बैलेंस बना सकते हैं।
बेडरूम को भावनात्मक जुड़ाव की जगह बनाएं

भारतीय समाज में अक्सर देखा जाता है कि बच्चे होने के बाद बेडरूम कपल्स के लिए सिर्फ सोने की जगह बन जाती है या फिर इंटिमेसी के लिए सेफ और प्राइवेट जगह। लेकिन कपल्स को यह बात याद रखनी चाहिए आपका बेडरूम ही आपके साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव के लिए सबसे सही जगह है । आइए जानते हैं कपल्स अपने साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।
सोने से पहले हर रोज अपने साथी से बात करने का समय तय करें। इस दौरान आप अपने साथी के दिन के बारे में पूछे, उनकी तबीयत के बारे में पूछे, घर में उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद कहे, उनके काम की तारीफ करें।
बेडरूम में नो फोन रूल अपनाएं। बेड पर जाने के बाद 10 मिनट फोन के बिना अपने साथी से साथ बात करें, हंसी-मजाक करें इसमें आप अपने बच्चे को भी शामिल कर सकते हैं।
बच्चों के सोने के बाद कपल टाइम
अगर बच्चा आपके साथ सोता है तो इंटिमेसी को संभालना एक चुनौती भरा काम हो सकता है।
बच्चों के साथ इंटिमेसी को संभालने के लिए समझदारी और टाइम मैनेजमेंट दोनों की आवश्यकता है। कोशिश करें आपका बच्चा आपसे पहले सो जाए, ताकि आप साथ में समय बिता सके। अगर आपका बच्चा देर रात में सोता है तो आप सुबह जल्दी का समय चुन सकते हैं। अगर आपका बच्चा स्कूल जाता है तो आप उस समय का भी उपयोग अपने रिश्ते में नजदीकियां बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।
कपल्स खुलकर बात करें
अक्सर देखा जाता है रिश्ते में भावनात्मक और शारीरिक जुड़ाव की कमी रिश्ते में झिझक, दूरी और चुपी का कारण बनती है ऐसे में कपल्स को समझदारी से काम लेने की जरूरत है।
अगर आपको बेडरूम में जुड़ाव का समय नहीं मिल पा रहा तो उस बात के लिए बुरा मानने या छुपाने की जरूरत नहीं, इसके बारे में अपने साथी से बात करें अपने भावनाओं को साझा करें।
यह न सोचे कि बच्चा आपके रिश्ते को कमजोर बना रहा है, बल्कि समझे कि अब आप कपल्स के साथ पैरेंट्स भी हैं।
रिश्ते में इंटिमेसी से ज्यादा भावनात्मक जुड़ाव बनाएं रखने पर फोकस करें।
बात करते वक्त ध्यान रखें, बातचीत शिकायतों से ज्यादा स्थिति को समझने और संभालने पर केंद्रित होनी चाहिए।
बेडरूम का माहौल प्रेम के साथ अनुशासित रखें
जब बच्चा आपको देख रहा हो तो अपने हर चीज जैसे बातें, बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार का ध्यान रखें। आपका एक भी गलत कदम बच्चों के भावनात्मक विकास को बाधित कर सकता है।
बच्चों के सामने झगड़ा, बहस या रोमांटिक बातें ना करें। यह कपल्स के बीच प्राइवेट रहना चाहिए।
यदि आपका बच्चा आपसे कोई असहज सवाल करे तो उसे डांटने की बजाय उसके उम्र के अनुसार समझाने की कोशिश करें।
