A collage comparing a portrait of Sadhvi Prem Baisha (Sadhvi Hem Lata) in saffron robes with viral, grainy video stills showing two individuals in similar religious attire in an intimate embrace.
sadhvi prem baisha

Summary: कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?, जिनके मौत पर उठे कई सवाल?

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने लोगों को चौंका दिया है। धार्मिक कथावाचक के रूप में पहचान रखने वाली साध्वी हाल के दिनों में एक वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में थीं। उनकी अचानक हुई मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, जबकि मामले को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं।

Sadhvi Prem Baisa Death Mystry: राजस्थान के जोधपुर की जानी-मानी कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो गया है। उन्हें आश्रम से बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में उनका पार्थिव शरीर आरती नगर स्थित आश्रम वापस ले जाया गया। उनकी मौत ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ महीनों पहले उनसे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। बताया जा रहा है कि अपने एक कथित आखिरी संदेश में उन्होंने मृत्यु के बाद न्याय मिलने की बात कही थी। तो चलिए जानते हैं साध्वी प्रेम बाईसा कौन थी और उनका वायरल वीडियो कांड क्या है।

साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान के गांवों में कथा सुनाने और भजन गाने के लिए जानी जाती थीं। वे महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और उन्हीं के साथ आश्रम में रहकर धार्मिक काम करती थीं। महंत वीरमनाथ को उनका गुरु ही नहीं बल्कि पिता भी बताया जाता है। बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में उनकी कथाओं में काफी लोग जुटते थे। कम उम्र में साध्वी बनी प्रेम बाईसा ने अपना जीवन भक्ति, सेवा और समाज सुधार के लिए समर्पित कर दिया था। उनके प्रवचनों में अच्छे संस्कार, परिवार की अहमियत और आध्यात्मिक जीवन की बातें ज्यादा होती थीं। हालांकि, बाद में एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद उनकी छवि को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी होने लगीं।

जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई, जिसमें साध्वी प्रेम बाईसा एक व्यक्ति से गले मिलती दिखाई दे रही थीं। वीडियो में एक महिला को कमरे में कंबल लेकर आते भी देखा गया, जिसके बाद इस क्लिप को अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जाने लगा। बताया गया कि वीडियो पुराना है और इसे एडिट कर गलत संदर्भ में पेश किया गया। साध्वी प्रेम बाईसा की ओर से सफाई दी गई थी कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स उनके पिता और गुरु महंत वीरमनाथ हैं, और लंबे समय बाद मुलाकात होने पर वे भावुक होकर उनसे गले मिली थीं। उनका कहना था कि उस समय कमरे में अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन वीडियो को काट-छांटकर इस तरह फैलाया गया जिससे रिश्ते की पवित्रता पर सवाल उठें।

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की चर्चा में उस वायरल वीडियो का नाम भी बार-बार सामने आ रहा है। कुछ लोगों ने उनके अपने पिता के साथ गले मिलने वाले वीडियो को गलत मतलब में दिखाकर सोशल मीडिया पर फैला दिया था। इसके बाद उनके चरित्र पर सवाल उठने लगे और उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी। खुद को बेगुनाह बताते हुए साध्वी ने बड़े संतों और जगद्गुरु शंकराचार्य को चिट्ठी लिखकर “अग्नि परीक्षा” देने की बात भी कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोग वीडियो के नाम पर उनकी बदनामी कर रहे हैं और वीडियो वायरल न करने के बदले उनसे 20 लाख रुपये मांगे गए। पैसे देने से मना करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर फैला दिया गया। साध्वी का कहना था कि यह उनकी इज्जत खराब करने और पिता-पुत्री के रिश्ते को गलत रंग देने की साजिश है।

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक चौंकाने वाली पोस्ट सामने आई। पोस्ट में लिखा था, “जीते जी नहीं, जाने के बाद मिलेगा न्याय.” इस संदेश ने पूरे मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है, क्योंकि कई लोगों का कहना है कि यह पोस्ट उनकी मौत के बाद शेयर की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं परिवार और श्रद्धालु हाई लेवल जांच की मांग कर रहे हैं। इस घटना से धार्मिक जगत में भी हलचल मच गई है, और साध्वी की मौत को एक वायरल वीडियो विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...