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सहेलियों से मिलना, अपने पसंदीदा रिश्तेदारों के साथ समय बिताना, परिवार के साथ बाहर जाना जैसी गतिविधियां करना अधिकांश महिलाएं एंजॉय करती हैं। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि महीने के कौनसे दिनों में आप गेट टू गेदर करना सबसे ज्यादा पसंद करती हैं।
Female Friendship Psychology: महिलाएं हमेशा से ही जिंदादिल होती हैं। उन्हें अपने परिवार और फ्रेंड्स से मिलना पसंद होता है। वे सहेलियों के साथ वक्त बिताने को स्ट्रेस मैनेजमेंट का हिस्सा मानती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ये दोस्ती महिलाओं को चुनौतियों से लड़ने की ताकत भी देती है। यह बात हम नहीं, सांइस कहती है। आइए आज जानते हैं दोस्ती की इस साइंस को।
क्या आपने कभी किया है गौर

सहेलियों से मिलना, अपने पसंदीदा रिश्तेदारों के साथ समय बिताना, परिवार के साथ बाहर जाना जैसी गतिविधियां करना अधिकांश महिलाएं एंजॉय करती हैं। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि महीने के कौनसे दिनों में आप गेट टू गेदर करना सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। शायद नहीं! इस सवाल का जवाब अब साइंस ने खोज निकाला है।
अपने आप में अनोखा है यह शोध
पिछले दिनों अमेरिका की अर्कांसस यूनिवर्सिटी ने अपने आप में एक अनोखा शोध किया। यह शोध था महिलाओं और उनके रिश्तेदार व फ्रेंड सर्कल को लेकर। शोध में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाएं अपने मासिक चक्र के दूसरे भाग यानी ओव्यूलेशन के तुरंत बाद ल्यूटियल चरण के समय में फ्रेंड्स और परिवार से मिलना ज्यादा पसंद करती हैं। इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। शरीर एग्स का उत्पादन करता है। इसी कारण महिलाएं अपने फ्रेंड सर्कल से मिलना पसंद करती हैं।
जरूरी है सामाजिक नेटवर्क
स्टडी की प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अनास्तासिया माखानोवा का कहना है कि महिलाओं के लिए ल्यूटियल चरण महत्वपूर्ण है।दरअसल, महिलाएं अपनी जिंदगी का एक बड़ा व अहम हिस्सा गर्भावस्था और फिर बच्चों की देखभाल में गुजारती हैं। ऐसे में वे खतरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं। गर्भावस्था के दौरान वह बार-बार चुनौतियों का सामना करती हैं। इससे उनका शरीर अपने आप आत्म सुरक्षा की रणनीति विकसित करता है। यही उन्हें खतरों का सामना करने की ताकत देता है। इस दौरान महिलाओं के लिए उनका सामाजिक सहायता नेटवर्क मजबूती से काम करता है।
शरीर करता है खुद को तैयार

डॉ. माखानोवा का कहना है कि लोगों को भले ही महिलाओं का सामाजिक सहायता नेटवर्क जरूरी न लगे। लेकिन असल में महिलाओं को इससे जोखिम उठाने का साहस मिलता है। शोध में सामने आया कि इस नेटवर्क के दम पर गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न होने वाली कई चुनौतियों तक को कम किया जा सकता है। यह एक नेचुरल प्रोसेस है। सामान्य दिनों में भी जब महिलाओं का शरीर ओव्यूलेशन के बाद ल्यूटियल चरण से गुजरता है तो शरीर खुद को तैयार करने लगता है। ऐसे में वे सामाजिक तौर पर भी तैयारी करता है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने लगता है। जिससे महिलाओं को अपने करीबियों से मिलना पसंद आता है। शरीर अंदर से अपने सोशल नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश करता है।
ऐसे किया गया शोध
हॉर्मोन्स एंड बिहेवियर पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में शोधकर्ताओं ने 21 से 37 साल की 99 महिलाओं को शामिल किया। इन सभी का मासिक धर्म नियमित था। लगभग सभी महिलाओं ने कहा कि वे ल्यूटियल चरण में फ्रेंड्स के साथ समय बिताना चाहती हैं। महिलाओं ने यह भी माना कि इस दौरान वे अपने करीबियों के लिए गिफ्ट्स लेना भी पसंद करती हैं। ऐसे में साफ है कि यह पूरी प्रक्रिया कहीं न कहीं महिलाओं के नेचुरल हार्मोन चेंज से जुड़ी है। अगर अगली बार आप भी फ्रेंड्स और रिश्तेदारों के साथ मिलने का मन बना रही हैं तो इस समय पर गौर करना न भूलें।
